For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Sheikh Shahzad Usmani's Discussions (5,135)

Discussions Replied To (4469) Replies Latest Activity

"आदाब। बहुत ही महत्वपूर्ण बात कही है आपने। मेरी इस रचना पर समय देकर अपनी राय व.विचारो…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jul 31, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-52 (विषय: अस्तित्व)

176 Jul 31, 2019
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीया बरखा शुक्ला जी।"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jul 31, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-52 (विषय: अस्तित्व)

176 Jul 31, 2019
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"आदाब। मेरी प्रविष्टि पर अपना अमूल्य समय देने और मेरी हौसला अफ़ज़ाई हेतु हार्दिक धन्यवा…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jul 31, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-52 (विषय: अस्तित्व)

176 Jul 31, 2019
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"आदाब। घमंडी रूपेण पहचान का वजूद अल्पकालिक भी हो सकता है। अस्तित्वहीन भी बना सकता है।…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jul 31, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-52 (विषय: अस्तित्व)

176 Jul 31, 2019
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"आदाब। आपको यह रचना पसंद आई, मिहनत सफल हुई। बहुत-बहुत शुक्रिया जनाब आसिफ़ ज़ैदी साहिब।"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jul 31, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-52 (विषय: अस्तित्व)

176 Jul 31, 2019
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"आदाब। रचना पटल पर उपस्थित होकर प्रथम समीक्षात्मक व प्रोत्साहक टिप्पणी के लिए बहुत-बह…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jul 31, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-52 (विषय: अस्तित्व)

176 Jul 31, 2019
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"आदाब। बहुत ही महत्वपूर्ण व मार्गदर्शक विषय व कथानक लिया है आपने। समझदार बहुएँ और सास…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jul 31, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-52 (विषय: अस्तित्व)

176 Jul 31, 2019
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"आदाब। सच्चे प्रेम और उसके वजूद को समझाती, हिदायतें देती बढ़िया रचना के लिए हार्दिक बध…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jul 31, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-52 (विषय: अस्तित्व)

176 Jul 31, 2019
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"अपनों का वजूद (लघुकथा) : पंडित शर्मा जी अपने बेटे पवन और मिर्ज़ा मासाब अपनी बिटिया श…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jul 31, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-52 (विषय: अस्तित्व)

176 Jul 31, 2019
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"आदाब। वास्तव में हिंदी लघुकथा में इस तरह के विषयांतर्गत ऐसे ही  शब्द चयन व साहित्यिक…"

Sheikh Shahzad Usmani replied Jul 31, 2019 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-52 (विषय: अस्तित्व)

176 Jul 31, 2019
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Feb 3

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service