For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

pratibha pande's Discussions (4,643)

Discussions Replied To (3202) Replies Latest Activity

"हार्दिक आभार आदरणीय तेजवीर सिंह जी "

pratibha pande replied Jul 30, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-40 (विषय: दृष्टि)

443 Jul 31, 2018
Reply by Samar kabeer

"हार्दिक आभार आदरणीया नीलम जी "

pratibha pande replied Jul 30, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-40 (विषय: दृष्टि)

443 Jul 31, 2018
Reply by Samar kabeer

"खेद है कथा का मर्म आप तक नहीं पहुँच पाया आदरणीया बबीता जी।  करीम की दया को कोई तथाकथ…"

pratibha pande replied Jul 30, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-40 (विषय: दृष्टि)

443 Jul 31, 2018
Reply by Samar kabeer

"प्रदत्त विषय पर सुन्दर सार्थक सृजन   हार्दिक बधाई आदरणीय तस्दीक़ जी "

pratibha pande replied Jul 30, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-40 (विषय: दृष्टि)

443 Jul 31, 2018
Reply by Samar kabeer

"आज के समय में अप्रासंगिक होते जा रहे बापू के बन्दरों को केंद्रित रख बहुत बढ़िया सृजन …"

pratibha pande replied Jul 30, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-40 (विषय: दृष्टि)

443 Jul 31, 2018
Reply by Samar kabeer

"आपकी इस कहानी की सबसे  अच्छी बात लगी कि किसी भी पात्र ने कोई लम्बे समझदारी / भाषण नु…"

pratibha pande replied Jul 30, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-40 (विषय: दृष्टि)

443 Jul 31, 2018
Reply by Samar kabeer

" कलियुगी  खरगोश  और भेड़िया  वाह  बढ़िया  प्रसंग   हार्दिक बधाई आदरणीय मोहम्मद आरिफ जी…"

pratibha pande replied Jul 30, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-40 (विषय: दृष्टि)

443 Jul 31, 2018
Reply by Samar kabeer

"आजकल सड़क पर लहरा कर इतरा कर चलने की काली की आदत से गंगा परेशान थी।आज वो ही हुआ जिसक…"

pratibha pande replied Jul 30, 2018 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-40 (विषय: दृष्टि)

443 Jul 31, 2018
Reply by Samar kabeer

"हार्दिक आभार आदरणीय अखिलेश जी"

pratibha pande replied Jul 14, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93

265 Jul 14, 2018
Reply by Samar kabeer

"हार्दिक आभार आदरणीय सतविन्दर भाई"

pratibha pande replied Jul 14, 2018 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-93

265 Jul 14, 2018
Reply by Samar kabeer

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Jaihind Raipuri posted a blog post

ग़ज़ल

2122    1212    22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत मेंक्या से क्या हो गए महब्बत में मैं ख़यालों में आ गया उस…See More
3 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . रिश्ते

दोहा पंचक. . . . रिश्तेमिलते हैं  ऐसे गले , जैसे हों मजबूर ।निभा रहे संबंध सब , जैसे हो दस्तूर…See More
3 hours ago
Jaihind Raipuri commented on Admin's group आंचलिक साहित्य
"कुंडलिया छत्तीसगढ़ी छत्तीसगढ़ी ह भाखा, सरल ऐकर बिधान सहजता से बोल सके, लइका अऊ सियान लइका अऊ…"
3 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

तब मनुज देवता हो गया जान लो,- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२१२/२१२/२१२/२१२**अर्थ जो प्रेम का पढ़ सके आदमीएक उन्नत समय गढ़ सके आदमी।१।*आदमीयत जहाँ खूब महफूज होएक…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहै हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . रिश्ते

दोहा पंचक. . . . रिश्तेमिलते हैं  ऐसे गले , जैसे हों मजबूर ।निभा रहे संबंध सब , जैसे हो दस्तूर…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन व आभार।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई रवि जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और सुंदर सुझाव के लिए हार्दिक आभार।"
Saturday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"बेशक। सच कहा आपने।"
Saturday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"मेरा प्रयास आपको अच्छा और प्रेरक लगा। हार्दिक धन्यवाद हौसला अफ़ज़ाई हेतु आदरणीय मनन कुमार सिंह जी।"
Saturday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"आदाब।‌ नववर्ष की पहली गोष्ठी में मेरी रचना पर आपकी और जनाब मनन कुमार सिंह जी की टिप्पणियों और…"
Saturday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service