For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Tilak Raj Kapoor's Discussions (2,083)

Discussions Replied To (1828) Replies Latest Activity

"धर्मेन्‍द्र जी, क्‍या हो गया भाई नाजु़क हाथ नहीं छुड़ा पा रहे हैं। तेरे हालात मेरे द…"

Tilak Raj Kapoor replied Aug 28, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-38

1040 Aug 30, 2013
Reply by अरुण कुमार निगम

"बताऊँ या छुपाऊँ क्‍या करूँ मैं के भाव से मत्‍ले को उठाते हुए खूबसूरती से उम्र का एक…"

Tilak Raj Kapoor replied Aug 28, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-38

1040 Aug 30, 2013
Reply by अरुण कुमार निगम

"उसने उमीद-ए-वफ़ा में शायद शुरुआत 'उनसे' से है।  हम से शिक़वा न हुआ उनसे शिक़ायत न हु…"

Tilak Raj Kapoor replied Aug 28, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-38

1040 Aug 30, 2013
Reply by अरुण कुमार निगम

"बहुत खूब, नायाब तरीके से उम्र के भाव निबाहे हैं। "

Tilak Raj Kapoor replied Aug 28, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-38

1040 Aug 30, 2013
Reply by अरुण कुमार निगम

"राज़ की बात अगर तुमसे छुपाये न बनेक्‍या करें हम भी अगर हम से बताये न बने। कोशिशें ह…"

Tilak Raj Kapoor replied Aug 28, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-38

1040 Aug 30, 2013
Reply by अरुण कुमार निगम

"स्‍वागतम। फिर वही नक्‍कार खाना, फिर वही तूती मेरीआज लेकिन शोर दबता सा लगे तूती तले। …"

Tilak Raj Kapoor replied Aug 28, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-38

1040 Aug 30, 2013
Reply by अरुण कुमार निगम

"भयंकर भूल बेख़याली की। ठीक कर दिया है। "

Tilak Raj Kapoor replied Jul 29, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-37(Now closed with 1027 replies)

1027 Jul 30, 2013
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"आयोजन में मेरी विलंबित उपस्थिति तुम्‍हें मैं स्‍वर्ण मृग दिखता रहा हूँ मगर मैं सिर्…"

Tilak Raj Kapoor replied Jul 29, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-37(Now closed with 1027 replies)

1027 Jul 30, 2013
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"कहन में दम है। "

Tilak Raj Kapoor replied Jun 30, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा- अंक 36(Now Closed With 965 Replies)

964 Jul 1, 2013
Reply by आशीष नैथानी 'सलिल'

"आशीष जी दमदार है ग़ज़ल। "

Tilak Raj Kapoor replied Jun 30, 2013 to ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा- अंक 36(Now Closed With 965 Replies)

964 Jul 1, 2013
Reply by आशीष नैथानी 'सलिल'

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
6 hours ago
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
6 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
9 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

दोहा पंचक. . . .संयोग शृंगारअभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service