For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

moin shamsi's Discussions (196)

Discussions Replied To (191) Replies Latest Activity

"मुझसे आप सहमत हैं, इसपर नहीं , बल्कि आपकी कही गई अन्य बातों पर सिर्फ़ इतना ही कहूंगा…"

moin shamsi replied Aug 30, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१४ (closed with 628 Replies)

628 Aug 31, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"आपका ब्लॉग पढ़ा । आपने इस जानकारी का स्रोत नहीं दिया है अपने ब्लॉग पर, मगर फिर भी, इस…"

moin shamsi replied Aug 30, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१४ (closed with 628 Replies)

628 Aug 31, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"भाई, अगर पूरी रचना को ही एक बार फिर से पढ़ कर सुधार लें, तो अच्छा रहे ।"

moin shamsi replied Aug 30, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१४ (closed with 628 Replies)

628 Aug 31, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"मैं मैकदा समझ के चला था उधर मगर, आवाज़ आ रही थी हरम से अज़ान की.   वो जैसे तैसे बन त…"

moin shamsi replied Aug 30, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१४ (closed with 628 Replies)

628 Aug 31, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"बड़ा धर्म-संकट है भईया ! जिसने मेरी रचना की तारीफ़ की है, उसकी रचना पर आलोचनात्मक टिप्…"

moin shamsi replied Aug 30, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१४ (closed with 628 Replies)

628 Aug 31, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"//अशआर कर रहे हैं इशारों में गुफ़्तगू , 'ये शाइरी जुबां है किसी बेजुबान की' |//  यहा…"

moin shamsi replied Aug 30, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१४ (closed with 628 Replies)

628 Aug 31, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"अशआर कर रहे हैं इशारों में गुफ़्तगू , 'ये शाइरी जुबां है किसी बेजुबान की' |   वो दिन…"

moin shamsi replied Aug 30, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१४ (closed with 628 Replies)

628 Aug 31, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"शैतान का है देखिये हर दिल में वसवसा,क्यूँ रहमतें बरसेंगी यहाँ आसमान की।  very nice."

moin shamsi replied Aug 30, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१४ (closed with 628 Replies)

628 Aug 31, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"अवश्य सर । आगे ध्यान रखूंगा ।"

moin shamsi replied Aug 30, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१४ (closed with 628 Replies)

628 Aug 31, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"सॉरी सर, लेकिन मैंने यह नहीं कहा कि "बेतुके थे" । मैंने कहा कि "बेतुकापन दिखा" । अब…"

moin shamsi replied Aug 30, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-१४ (closed with 628 Replies)

628 Aug 31, 2011
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आ. भाई अशोक जी, सादर अभिवादन। पावस पर सुंदर चौपाइयों की रचना हुई है। हार्दिक बधाई।"
yesterday
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

चौपाइयाँ

दोहाबरखा के बढ़ते क़दम, आये  हैं  अब पास।दूर नहीं है साजना, सुरभित सावन मास।। चौपाईवह फुहार वह साथ…See More
Tuesday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"  आदरणीय चेतन प्रकाश साहब सादर नमस्कार, यही तो मुख्य है विषय है इस रचना का. नदी नहीं उफ़नाई है.…"
Tuesday
Chetan Prakash commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय,  अशोक  रक्ताले साहब, नमस्कार  !  लेकिन  यह कैसी "रिमझिम…"
Tuesday
Profile IconShyamsundar Chatterjee , Alamseti ajita kumar and Dr. Mohd Israr joined Open Books Online
Tuesday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत रचना की सारगर्भित समीक्षा कर आपने मेरे सृजन कार्य को सार्थकता…"
Jul 11
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"परम आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम - सर सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार…"
Jul 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"वायव्य दशा के प्रस्तुतीकरण के क्रम में बना विश्वास प्रस्तुति की शाब्दिकता को स्थापित करता हुआ सफल…"
Jul 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"संसार का मंच एक गंभीर विषय है. तदनुरूप आपका प्रयास श्लाघनीय है, आदरणीय सुशील सरना जी.  कई…"
Jul 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय अशोक भाईजी, कितनी निष्कपट, कितनी भोली, कितनी सरस कविता हुई है ! जैसे, कोई अबोध बच्चा…"
Jul 10
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"आदरणीय  अशोक रक्ताले जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय…"
Jul 9
Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"चुप रहिए...  वाह  क्या रदीफ़ है, इसे देखकर ही मैं हाज़िर हो गया.  रहना हो भारत में…"
Jul 5

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service