For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ग़ज़ल की बहरें समझना बहुत टेढ़ी खीर है। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि बहर के बारे में जानकारी तो बहुत ज्यादा मिल जाती है अंतर्जाल पर पर कहीं भी व्यवस्थित ढंग से नहीं मिलती। तो जहाँ सूचना ज्यादा हो वहाँ उसको समझने में सारिणी बड़ी मददगार साबित हो सकती है। जितना मैंने अंतर्जाल पर पढ़ा है उसके अनुसार एक छोटी सी सारिणी बना रहा हूँ इस अनुरोध के साथ कि जो इस विषय के जानकार हैं वो अपनी जानकारी सबके साथ बाँटेंगे और इस सारिणी को सुधारने / बढ़ाने / घटाने में सहायता करेंगे ताकि एक संपूर्ण सारिणी बनाई जा सके और एक ही निगाह में यह जाना जा सका कि अमुक बहर कौन सी है।

Views: 2391

Attachments:

Replies are closed for this discussion.

Replies to This Discussion

लिस्ट को बढ़ाना हो तो क्या किया जाये ?
आप लिख दीजिए क्या क्या बढ़ाना है मैं लिस्ट बढ़ाकर अपलोड़ कर दूँगा।
एडमिन से मेरा अनुरोध है कि क्या टेबल भी टिप्पणी के रूप में डाली जा सकती है? अगर हाँ तो कैसे?
धर्मेन्द्र जी, आप जब Reply को क्लिक करते है तो बॉक्स के साथ साथ उसके ठीक ऊपर tab भी रहता है जिसमे दूसरा icon फोटो अपलोड करने हेतु है आप टेबल को इमेज के रूप मे बनाकर अपलोड कर सकते है | जैसे आप का पहला टेबल JPEG इमेज मे था जिसको मैने आपकी पोस्ट एडिट कर लगा दिया था |
जानकारी परक लेख | उपयोगी सामग्री हेतु साधुवाद धर्मेन्द्र जी | मुझे भी इसका अध्ययन करना है |

 इस चर्चा को  "ग़ज़ल की बातें" समूह मे पोस्ट कर दिया गया है, सदस्यों से अनुरोध है कि इस चर्चा पर टिप्पणी नीचे दिये गये लिंक पर जाकर कर दे | यहाँ Reply बॉक्स बंद कर दिया गया है |

धन्यवाद |

http://www.openbooksonline.com/group/gazal_ki_bateyn/forum/topics/5...

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की -कुछ थे अधूरे काम सो आना पड़ा हमें.
"आभार आ. सौरभ सर "
23 hours ago
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की -कुछ थे अधूरे काम सो आना पड़ा हमें.
"आभार आ. लक्षमण जी "
23 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . नैन
"आदरणीय जी सृजन आपकी स्नेहिल प्रशंसा का दिल से आभारी है सर"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . नैन
"आ. भाई सुशील जी ,सादर अभिवादन। अच्छे दोहे हुए हैं हार्दिक बधाई।"
Sunday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा त्रयी. . . शंका
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय"
Sunday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा त्रयी. . . . सन्तान
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय"
Sunday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा त्रयी. . . . . .
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय"
Sunday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा त्रयी .....
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन आपकी मनोहारी प्रशंसा का दिल से आभारी है सर"
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा त्रयी. . . . . .
"आ. भाई सुशील जी ,सादर अभिवादन। अच्छे दोहे हुए हैं हार्दिक बधाई।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा त्रयी .....
"आ. भाई सुशील जी ,सादर अभिवादन। अच्छे दोहे हुए हैं हार्दिक बधाई।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा त्रयी. . . . सन्तान
"आ. भाई सुशील जी ,सादर अभिवादन। अच्छे दोहे हुए हैं हार्दिक बधाई।"
Saturday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Aazi Tamaam's blog post ग़ज़ल - ये जो खंडरों सा मकान है
"आ. भाई आजी तमाम जी, अभिवादन। अच्छी गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
Saturday

© 2024   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service