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ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार (221)

Featured Discussions

मुख्य प्रबंधक

ग्रीष्म सत्र 2015 हेतु ओपन बुक्स ऑनलाइन प्रबंधन टीम व कार्यकारिणी टीम का पुर्नगठन...

प्रिय ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के सदस्यो, बड़े ही हर्ष के साथ कहना है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन के बेहतर संचालन हेतु "ग्रीष्म सत्र 2015" के लिए पु…

Started by Er. Ganesh Jee "Bagi"Latest Reply


प्रधान संपादक

ओ.बी.ओ के चार वर्ष - साझा सपने का सफ़र

आज ओबीओ अपने चार वर्ष का सफ़र पूरा कर पांचवें वर्ष में प्रवेश कर रहा है. ज़िंदगी के अन्य सफ़रों की तरह यह सफ़र भी कई प्रकार उतार-चढ़ाव की एक गाथ…

Started by योगराज प्रभाकरLatest Reply


सदस्य टीम प्रबंधन

ओबीओ के तृतीय वर्षगाँठ पर हल्द्वानी में आयोजित सम्मेलन // --सौरभ

ओपन बुक्स ऑनलाइन यानि ओबीओ के साहित्य-सेवा जीवन के सफलतापूर्वक तीन वर्ष पूर्ण कर लेने के उपलक्ष्य में उत्तराखण्ड के हल्द्वानी स्थित एमआइईटी…

Started by Saurabh PandeyLatest Reply

Discussions Replies Latest Activity

ओबीओ लखनऊ चैप्टर की साहित्यिक परिचर्चा माह मई 2020        ::          संकलनकर्ता - डॉ. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

दिनांक17.05.2020, रविवार को ओबीओ लखनऊ चैप्टर की साहित्यिक परिचर्चा माह मई  2020 का ऑन लाइन आयोजन हुआ I इसके प्रथम चरण में हास्य और व्यंग्य…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 yesterday

ओबीओ लखनऊ चैप्टर की साहित्य-संध्या माह अप्रैल 2020 –एक प्रतिवेदन                 डॉ. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

सशक्त कोरोना (NOVEL CORONA) विषाणु ने पृथ्वी पर संपूर्ण मानव जीवन को संकट में डाल दिया है I वह न केवल मानव की शंका का मूलभूत कारण बना है अप…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 May 12

खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

ओपन बुक्स ऑनलाइन के सभी सदस्यों को प्रणाम, बहुत दिनों से मेरे मन मे एक विचार आ रहा था कि एक ऐसा फोरम भी होना चाहिये जिसमे हम लोग अपने सदस्य…

Started by Admin

3253 May 11
Reply by TEJ VEER SINGH

ओबीओ, लखनऊ-चैप्टर की साहित्य-संध्या माह मार्च 2020 :: एक प्रतिवेदन डॉ.गोपाल नारायन श्रीवास्तव

कोविड-19 की दस्तक माह फरवरी 2020 में ही सुनाई देने लगी थी I पर हमारा देश होली के उल्लास के बाद ही इस दिशा में सक्रिय हो पाया I इस बार मासिक…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Apr 22

ओ लखनऊ-चैप्टर की साहित्य संध्या माह फरवरी 2020– एक प्रतिवेदन      -डॉ. गोपाल नारायण श्रीवास्तव

 ”मुझे वह लड़की कुछ असामान्य सी दिखी I मेरे सामने ही अकेली गुमसुम बैठी थी I मैं कुछ पूछना चाहती थी कि अचानक उसने उदास आँखों से मुझे देखते ह…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Mar 18

ओबीओ,लखनऊ-चैप्टर की साहित्य-संध्या वर्ष माह जनवरी 2020-एक प्रतिवेदन डॉ. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

 ओबीओ, लखनऊ-चैप्टर की साहित्य-संध्या वर्ष माह जनवरी 2020 गणतंत्र  दिवस को D-1225, इंदिरा नगर, लखनऊ में कवयित्री सुश्री  संध्या सिंह के आयो…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Feb 9

ओबीओ लखनऊ चैप्टर की साहित्य संध्या माह दिसम्बर 2019 – एक प्रतिवेदन डॉ. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

दिनांक 22 दिसम्बर 2019 ( रविवार) को ओबीओ लखनऊ चैप्टर के जुझारू साहित्यकार मासिक साहित्य संध्या में नीरांजन हेतु 37, रोहतास एन्क्लेव, फैजाबा…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Jan 8

ओबीओ लखनऊ चैप्टर की साहित्य संध्या माह दिसम्बर 2019 – एक प्रतिवेदन डॉ. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

दिनांक 22 दिसम्बर 2019 ( रविवार) को ओबीओ लखनऊ चैप्टर के जुझारू साहित्यकार मासिक साहित्य संध्या में नीरांजन हेतु 37, रोहतास एन्क्लेव, फैजाबा…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Jan 5

ओ बीओ लखनऊ-चैप्टर के वार्षिक कार्यक्रम माह 24 नवंबर 2019 में प्रदत्त विषय “ छंद-बद्ध   कविता ::  पुनर्स्थापना  की आहट” पर  वक्तव्य :: डॉ. बलराम वर्मा

 हिंदी साहित्य  के उत्तर आधुनिक काल में कई काव्य प्रवृत्तियों ने जन्म लिया , पर कोई भी प्रवृत्ति स्थायी नहीं  हुयी I  इस दौड़ में कविता के…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Dec 2, 2019

ओ बीओ लखनऊ-चैप्टर के वार्षिक कार्यक्रम माह 24 नवंबर 2019 में प्रदत्त विषय “ छंद-बद्ध कविता :: पुनर्स्थापना की आहट” पर वक्तव्य :: डॉ. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

  प्रदत्त विषय से ऐसा आभासित होता है कि  हिदी साहित्य जगत में शायद कुछ ऐसे लोग है जिन्होंने यह मान लिया है कि छंद कालातीत एव निष्प्रयोज्य ह…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Dec 2, 2019

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