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ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार (204)

Featured Discussions

मुख्य प्रबंधक

ग्रीष्म सत्र 2015 हेतु ओपन बुक्स ऑनलाइन प्रबंधन टीम व कार्यकारिणी टीम का पुर्नगठन...

प्रिय ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के सदस्यो, बड़े ही हर्ष के साथ कहना है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन के बेहतर संचालन हेतु "ग्रीष्म सत्र 2015" के लिए पु…

Started by Er. Ganesh Jee "Bagi"Latest Reply


प्रधान संपादक

ओ.बी.ओ के चार वर्ष - साझा सपने का सफ़र

आज ओबीओ अपने चार वर्ष का सफ़र पूरा कर पांचवें वर्ष में प्रवेश कर रहा है. ज़िंदगी के अन्य सफ़रों की तरह यह सफ़र भी कई प्रकार उतार-चढ़ाव की एक गाथ…

Started by योगराज प्रभाकरLatest Reply


सदस्य टीम प्रबंधन

ओबीओ के तृतीय वर्षगाँठ पर हल्द्वानी में आयोजित सम्मेलन // --सौरभ

ओपन बुक्स ऑनलाइन यानि ओबीओ के साहित्य-सेवा जीवन के सफलतापूर्वक तीन वर्ष पूर्ण कर लेने के उपलक्ष्य में उत्तराखण्ड के हल्द्वानी स्थित एमआइईटी…

Started by Saurabh PandeyLatest Reply

Discussions Replies Latest Activity

उपन्यास के निकष पर - ‘शिव :: अलौकिक व्यक्तित्व की लौकिक-यात्रा’                                                 डॉ. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

 हिंदी साहित्यकारों ने भारतीय मिथकों के दैवीय चरित्रों को उपन्यासों में मानवीकृत करने के बहुतेरे प्रयास किये हैं I रामायण और महाभारत के नाय…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 on Sunday

ओबीओ लखनऊ चैप्टर की साहित्य संध्या माह जनवरी 2019 – एक प्रतिवेदन

 13 जनवरी, दिन रविवार को ओ.बी.ओ लखनऊ-चैप्टर की ‘साहित्य संध्या‘ वर्ष 2019 का पहला सत्र सुप्रसिद्ध कवयित्री संध्या सिंह के आवास, 1225-डी, इं…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Feb 5

मामूर हुयी उमर खैय्याम के प्रभाव से हिन्दी काव्यानुवाद की परंपरा     ////  डॉ. गोपाल नारायण श्रीवास्तव

प्रायः ऐसा होता है कि एक निश्चित कालखंड में एक विशेष प्रकार का साहित्यिक आन्दोलन समाज को पूरे वेग से आलोड़ित कर सहसा धीरे-धीरे शांत होकर इति…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

2 Feb 3
Reply by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

ओपन बुक्स ऑनलाइन के सभी सदस्यों को प्रणाम, बहुत दिनों से मेरे मन मे एक विचार आ रहा था कि एक ऐसा फोरम भी होना चाहिये जिसमे हम लोग अपने सदस्य…

Started by Admin

3032 Jan 16
Reply by vijay nikore

सदस्य कार्यकारिणी

ओबीओ लखनऊ चैप्टर की साहित्य संध्या माह दिसम्बर 2018 – एक प्रतिवेदन

ओबीओ लखनऊ चैप्टर की साहित्य संध्या माह दिसम्बर 2018 – एक प्रतिवेदन प्रस्तुति: डॉ गोपाल नारायण श्रीवास्तव रविवार 23 दिसम्बर 2018, को ओ.बी.ओ…

Started by sharadindu mukerji

0 Jan 13

सदस्य कार्यकारिणी

ओबीओ लखनऊ चैप्टर का वार्षिकोत्सव - 2018 - एक प्रतिवेदन

ओबीओ लखनऊ-चैप्टर का वार्षिकोत्सव - 2018  – एक प्रतिवेदन डॉ. गोपाल नारायण श्रीवास्तव ओपन बुक्स ऑनलाईन के लखनऊ चैप्टर की नींव 18 मई 2013 के…

Started by sharadindu mukerji

1 Dec 4, 2018
Reply by Shyam Narain Verma

सदस्य कार्यकारिणी

ओबीओ लखनऊ चैप्टर - एक सूचना

रविवार दिनांक 02 दिसम्बर 2018 को 37, रोहतास एंक्लेव, फैज़ाबाद रोड स्थित ओबीओ लखनऊ चैप्टर के संयोजक के घर एक विशेष बैठक हुई. इसमें वर्तमान प्…

Started by sharadindu mukerji

0 Dec 3, 2018

ओबीओ लखनऊ चैप्टर की साहित्य संध्या- माह अक्टूबर,  2018- एक प्रतिवेदन  -डा. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

21 अक्टूबर 2018, दिन रविवार को लोकप्रिय कथाकार डॉ. अशोक शर्मा के आवास, 81 विनायकपुरम, विकासनगर. लखनऊ पर उन्हीं के संयोजन से ओ.बी.ओ लखनऊ-चैप…

Started by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

0 Nov 15, 2018

ओ बी ओ प्रकाशन सम्बंधित नियम के सम्बन्ध में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

साथियो,ओपन बुक्स ऑनलाइन (ओ बी ओ) के मंच पर रचनाओं के प्रकाशन से सम्बन्धित नियमावलियों में जिस विशेष नियम को ले कर रचनाकारों में सबसे अधिक अ…

Started by Admin

73 Nov 10, 2018
Reply by विनोद 'निर्भय'

सदस्य कार्यकारिणी

ओबीओ लखनऊ-चैप्टर साहित्यिक संध्या, माह सितम्बर 2018 – एक प्रतिवेदन : डॉ. गोपाल नारायण श्रीवास्तव

ओबीओ लखनऊ-चैप्टर साहित्यिक संध्या,  माह सितम्बर 2018  – एक प्रतिवेदन                                                                    -डॉ…

Started by sharadindu mukerji

0 Sep 28, 2018

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Surkhab Bashar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"जनाब मिर्ज़ा जावेद बेग साहब सुख़न नवाज़ी बहुत बहुत शुक्रिया "
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"तस्दीक साहब .. ढेरों बधाई इस लाजवाब ग़ज़ल पर ... किस लिए आप यकीं उन पे किए बैठे हैंफितरतन उनको तो…"
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"सुरखाब साहब आपके शेर सच में चकते हैं सुरखाब की तरह ...  गिरह का शेर बहुत ही लाजवाब बन पड़ा है…"
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"नमन साहब ... हर शेर कमाल है ग़ज़ल का ... दिल से दाद कबूल फरमाएं ... आखरी शेर तो दिल से मिक्ली दुआ है…"
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