For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

#लावणी छन्द,पर्यायवाची शब्द याद करने का आसान उपाय


फूल,कुसुम या पुष्प,सुमन हो,
चन्दन,मलयज,मलयोद्भव।
आराधन,पूजा,उपासना,
कृष्ण,मुरारी,मधु,माधव।

कृपा,दया,अनुग्रह,करुणा की,
चाह,कामना,अभिलाषा।
अम्बा,दुर्गा,देवी,मैया,
सरस्वती,वाणी,भाषा।

लक्ष्मी,कमला,रमा,मंगला,
गणपति,शिवसुत भी आओ,
आंजनेय,बजरंगबली,हनु,
धन,दौलत,संपत्ति लाओ।

सुरतरंगिणी,सुरसरि,गंगा,
जैसे स्नेहस,घी,घृत है।
नद,सरि,सरिता,नदी,आपगा,
अमिय,सुधा,मधु,अमृत है।

सागर,अर्णव,जलनिधि,वारिधि,
व्योम,गगन,अम्बर,नभ भी।
पर्वत,अचल,शैल,नग,भूधर,
पूज्य,मान्य,श्रद्धेय सभी।

भूतल,धरती,वसुधा पर जब,
भानु,अरुण,दिनकर चमके,
जग,महितल,दुनिया,भुव सारा,
चारु,रम्य,सुंदर दमके।

बरखा,वर्षा,बारिश,वृष्टि,
पवन,तनून,हवा बहती।
लता,वल्लरी,बेल झूम कर,
वृक्ष,विटप,तरु पर रहती।

बादल,बदरा,मेघ,पयोधर,
पानी,नीर,सलिल भाये।
मछली,जलचरी,मत्स्य ,मीन अरु,
मंडुक, मेंढक,प्लव आये।

आम,रसाल,आम्र,अमृतफल,
कमल,जलज,पंकज खिलते,
कोकिल,कोयल,पिक,मधुगायन,
उषा,भोर सुनने मिलते।

मुनि,सन्यासी,तपसी,योगी,
विज्ञ,बुद्ध,पंडित,ज्ञानी।
गुरु,शिक्षक,व्याख्याता सारे,
ब्रह्म,ईश,अंतर्यामी।

माँ,जननी,माता,धात्री,जा,
जनक,पिता,पितु,दयिता ने।
अंतःकरण,हृदय,मन,मानस,
शुद्ध किया वधु,वनिता ने।

पुत्र,तनय,सुत,नंदन,बेटा,
आँख,नयन,चख का तारा।
सुता,स्वजा,बिटिया,तनुजा से,
हर्षित,मुदित ये जग सारा।

तात,बंधु,भ्राता,भाई अरु,
अंतरंग,साथी,सहचर।
प्रेम,प्यार,अनुराग,प्रीति से,
महके सदन,भवन,गृह,घर।

पठन,पढ़ाई,परिशीलन से,
बुद्धि,चेतना,मति जागे।
हो विख्यात,यशस्वी सारे,
कदम बढ़ाओ सब आगे।

अनुनय,विनती,विनय,प्रार्थना,
छात्र,शिष्य,अध्येता से।
'शुचि' रचना से लाभ उठाओ,
याद करो सब दृढ़ता से।



मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 762

Replies to This Discussion

वाह वाह, बहुत ही रोचक और उपयोगी। आपका श्रम स्पष्ट परिलक्षित हो रहा है।

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post न पावन हुए जब मनों के लिए -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई अशोक जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति व उत्ताहवर्धन के लिए हार्दिक आभार।"
3 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . क्रोध
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। क्रोध पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई। साथ ही भाई अशोक जी की बात…"
9 minutes ago
Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देवता चिल्लाने लगे हैं (कविता)
"   आदरणीय धर्मेन्द्र कुमार सिंह जी सादर, धर्म के नाम पर अपना उल्लू सीधा करती राजनीति में…"
5 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post न पावन हुए जब मनों के लिए -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"   हमारे बिना यह सियासत कहाँजवाबों में हम हैं सवालों में हम।३।... विडम्बना…"
6 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"   सूर्य के दस्तक लगानादेखना सोया हुआ है व्यक्त होने की जगह क्यों शब्द लुंठितजिस समय…"
6 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"      तरू तरु के पात-पात पर उमढ़-उमढ़ रहा उल्लास मेरा मन क्यूँ उन्मन क्यूँ इतना…"
6 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . क्रोध
"आदरणीय सुशील सरना साहब सादर, क्रोध विषय चुनकर आपके सुन्दर दोहावली रची है. हार्दिक बधाई स्वीकारें.…"
6 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"  आदरणीय सुशील सरना साहब सादर, प्रस्तुत ग़ज़ल पर उत्साहवर्धन के लिए आपका दिल से शुक्रिया.…"
6 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"   आदरणीय भाई लक्षमण धामी जी सादर, प्रस्तुत ग़ज़ल की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
6 hours ago
Sushil Sarna commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"वाह बहुत सुंदर प्रस्तुति हुई है आदरणीय लक्ष्मण धामी जी । हार्दिक बधाई "
7 hours ago
Sushil Sarna commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"वाहहहहहह आदरणीय क्या ग़ज़ल हुई है हर शे'र पर वाह निकलती है । दिल से मुबारकबाद कबूल फरमाएं…"
7 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई अशोक जी, सादर अभिवादन।बहुत सुंदर समसामयिक गजल हुई है। बहुत बहुत हार्दिक बधाई।"
9 hours ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service