For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

वाह रे उद्योगपति कईलs लोग बढ़िया काम ,
शहद में जहर मिलवलs कईलs अइसन काम,
हमनी के विश्वास कईनीसन आँख बंद करी के ,
दुश्मन दोस्त खुबे लुटलs हमदर्द बनी के ,
इ हिंदुस्तान के आगे वाला लोग कईलस काम ,
वाह रे उद्योगपति कईलs लोग बढ़िया काम ,
सिखावेलन उहो हमनी के बढ़िया काम करिहs,
देश के हित में तूहु बढ़िया नाम करिहs,
का पता उहो हमनी के जहरे पिलाईहsन ,
नाम रही शहद के मीठा जहर खिलइहsन ,
फांसी पे चढ़ावे के चाही जे करे अईसन काम ,
वाह रे उद्योगपति कईलs लोग बढ़िया काम ,

Views: 829

Replies to This Discussion

ka bat ba bahut badhia
आदरणीय गुरु जी आपकी कविता बहुत कुछ कह जाती है किन्तु वर्तनी सम्बन्धी त्रुटी अच्छी रचना को भी बर्बाद कर देती है , मैं आप की रचना को शुद्ध करने का प्रयास किया हूँ , एक बार देखे कि कितनी त्रुटी है आपकी रचना मे...............

वाह रे उद्योगपति कईलs लोग बढ़िया काम ,
शहद में जहर मिलवलs कईलs अइसन काम,
हमनी के विश्वास कईनीसन आँख बंद करी के ,
दुश्मन दोस्त खुबे लुटलs हमदर्द बनी के ,
इ हिंदुस्तान के आगे वाला लोग कईलस काम ,
वाह रे उद्योगपति कईलs लोग बढ़िया काम ,
सिखावेलन उहो हमनी के बढ़िया काम करिहs,
देश के हित में तूहु बढ़िया नाम करिहs,
का पता उहो हमनी के जहरे पिलाईहsन ,
नाम रही शहद के मीठा जहर खिलइहsन ,
फांसी पे चढ़ावे के चाही जे करे अईसन काम ,
वाह रे उद्योगपति कईलs लोग बढ़िया काम ,
dhanyabad sir ji
Wah! Bahut badhiya rachna ba.

Wow, kudos to the industrious spirit of these entrepreneurs! Their remarkable work not only drives economic growth but also inspires innovation and progress. It's incredible to witness their dedication shaping industries and creating opportunities. Their efforts pave the way for a brighter future, showcasing the power of human ingenuity. Truly, these industrialists are the backbone of our society, and their contributions are invaluable. Keep up the great work, and continue to inspire us all with your passion and determination!

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Thursday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Thursday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा एकादश. . . . . पतंग
"आदरणीय सुशील सरनाजी, पतंग को लगायत दोहावलि के लिए हार्दिक बधाई  सुघड़ हाथ में डोर तो,…"
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
Wednesday
Sushil Sarna posted blog posts
Tuesday
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय Jaihind Raipuri जी,  अच्छी ग़ज़ल हुई। बधाई स्वीकार करें। /आयी तन्हाई शब ए…"
Tuesday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service