For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव's Discussions (3,041)

Discussions Replied To (25) Replies Latest Activity

"आ० गहलौत जी, आपका सदर आभार I "

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Oct 12, 2019 to फर्क है ग़ज़ल  और छंद के मात्रिक विधान में     :: डॉ. गोपाल नारायण श्रीवास्तव

3 Jun 6, 2020
Reply by Saurabh Pandey

"आ० वामनकर जी आपका बहुत बहुत आभार ."

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Apr 27, 2015 to अर्थ गौरव की ऊर्जा है शब्द शक्ति

22 Apr 27, 2015
Reply by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

"आदरणीय छाया जी सादर आभार ."

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Apr 27, 2015 to अर्थ गौरव की ऊर्जा है शब्द शक्ति

22 Apr 27, 2015
Reply by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीय  सौरभ जी आपने जो उदहारण दिया है उसकी अंतिम दो पंक्तियों में प्रवाह बाधित प्रत…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Feb 13, 2015 to कुकुभ छन्द के मूलभूत सिद्धांत // - सौरभ

5 Feb 20, 2015
Reply by Saurabh Pandey

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीय सौरभ जी  आपने मनहरण घनाक्षरी  को बहत स्पष्ट रूप से और विस्तार  से बताया  I  श…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Nov 3, 2014 to मनहरण घनाक्षरी के मूलभूत सिद्धांत // --सौरभ

8 Feb 21, 2016
Reply by Saurabh Pandey

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीय सौरभ जी आपने बड़े सलीके से समझाया  i आशंकाये  निर्मूल हुयी  i सादर i "

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Nov 3, 2014 to हरिगीतिका छन्द के मूलभूत सिद्धांत // --सौरभ

25 Jun 18, 2024
Reply by मिथिलेश वामनकर

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीय  सौरभ जी मैथिलीशरण गुप्त  का उदाहरण देकर आप् ने  सर्वथा  नयी  जानकारी दी i सा…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Oct 31, 2014 to हरिगीतिका छन्द के मूलभूत सिद्धांत // --सौरभ

25 Jun 18, 2024
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय विजयजी आपके इस दुलार का अभारी हूँ i"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Sep 22, 2014 to अर्थ गौरव की ऊर्जा है शब्द शक्ति

22 Apr 27, 2015
Reply by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव

सदस्य टीम प्रबंधन

"अरे आदरनीय कहाँ गड़बड़ा गये i यह छंद आदरणीय सौरभ जी का है i मुझे काँटों  में न घसीटे अ…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Sep 14, 2014 to भुजंगप्रयात छन्द // --सौरभ

35 Sep 14, 2014
Reply by Dr. Vijai Shanker

"आदरणीय वर्मा जी आपसे आज फोनिक वार्ता भी हुयी i इस लेख को आपने पसंद किया i एतदर्थ बहु…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Sep 11, 2014 to विभावन-व्यापार में साधारणीकरण की प्रक्रिया

3 Apr 27, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

amita tiwari posted a blog post

गर्भनाल कब कट पाती है किसी की

कहीं भी कोई भी माँ अमर तो नहीं होती एक दिन जाना होता ही है सब की माताओ को फिर भी जानते बूझते भी…See More
2 hours ago
vijay nikore commented on Sushil Sarna's blog post दोहा दशम. . . . . उम्र
"भाई सुशील जी, सारे दोहे जीवन के यथार्थ में डूबे हुए हैं.. हार्दिक बधाई।"
6 hours ago
vijay nikore posted a blog post

प्यार का पतझड़

एक दूसरे में आश्रय खोजतेभावनात्मक अवरोधों के दबाव मेंकभी ऐसा भी तो होता है ...समय समय से रूठ जाता…See More
14 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-185
"प्रारम्भ (दोहे) अंत भला तो सब भला, कहते  सब ये बात। क्या आवश्यक है नहीं, इक अच्छी…"
Sunday
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-185
"आदरणीय  जयहिंद रायपुरी जी अच्छा हायकू लिखा है आपने. किन्तु हायकू छोटी रचना है तो एक से अधिक…"
Sunday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-185
"हाइकु प्रारंभ है तो अंत भी हुआ होगा मध्य में क्या था मौलिक एवं अप्रकाशित "
Saturday
Admin replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-185
"स्वागतम"
Friday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-185

आदरणीय साहित्य प्रेमियो,जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
Apr 8
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैं
"आदरणीय रवि भसीन 'शाहिद ' जी सादर अभिवादन प्रथम तो मैं क्षमाप्रार्थी हूँ देरी से आने की…"
Apr 7
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा दशम. . . . . उम्र

दोहा दशम् . . . . उम्रठहरी- ठहरी उम्र अब, करती एक सवाल ।कहाँ गई जब जिंदगी, रहती थी खुशहाल ।।यादों…See More
Apr 6
रवि भसीन 'शाहिद' commented on Jaihind Raipuri 's blog post वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैं
"आदरणीय Jaihind Raipuri साहिब, नमस्कार। बढ़िया ग़ज़ल हुई है, बधाई स्वीकार करें। /ये मेरा…"
Apr 3
आशीष यादव added a discussion to the group धार्मिक साहित्य
Thumbnail

चल मन अब गोकुल के धाम

चल मन अब गोकुल के धाम अद्भुत मनहर बाल रूप में मिल जाएंगे श्याम कि चल मन अब……………………….कटि करधनी शीश…See More
Apr 3

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service