For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

निलेश बरई (नवाज़िश)
  • Male
  • Dadra Nagar Haveli,Silvassa
  • India
Share on Facebook MySpace
  • Feature Blog Posts
  • Discussions (54)
  • Events
  • Groups
  • Photos
  • Photo Albums
  • Videos

निलेश बरई (नवाज़िश)'s Friends

  • Shekhar
 

निलेश बरई (नवाज़िश)'s Page

Latest Activity

निलेश बरई (नवाज़िश) replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-131
"आ. विनय कुमार साहब जी प्रणाम, तरही मिसरे पर बहुत ही उम्दः ग़ज़ल कही आपने उस्ताद साहब की इस्लाह ग़ज़ल को और ख़ूबसूरत बना रही है,आपने जो दो शेर बाद में जोड़े वो भी उम्दः है ।"
May 29, 2021
निलेश बरई (नवाज़िश) replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-131
"आदरणीया रचना जी नमस्कार, तरही मिसरे पर अच्छी ग़ज़ल हुई है,उस्ताद साहब की इस्लाह के बाद ग़ज़ल और भी सँवर गई है।"
May 29, 2021
निलेश बरई (नवाज़िश) replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-131
"आ. नाहक साहब जी सादर प्रणाम, बहुत ही उम्दः ग़ज़ल हुई है, उस्ताद साहब की इस्लाह के बाद ग़ज़ल और भी सँवर गई है।"
May 29, 2021
निलेश बरई (नवाज़िश) replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-131
"आदरणीया राजेश कुमारी जी सादर प्रणाम, बहुत उम्दः ग़ज़ल हुई है,उस्ताद साहब की इस्लाह के बाद ग़ज़ल और भी निखरी है।"
May 29, 2021
निलेश बरई (नवाज़िश) replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-131
"आदरणीय विनय साहब जी प्रणाम,ग़ज़ल पर उपस्थिति व हौसला अफ़ज़ाई के लिए बहुत बहुत शुक्रियः आपका"
May 29, 2021
निलेश बरई (नवाज़िश) replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-131
"आदरणीया राजेश कुमारी जी सादर प्रणाम, ग़ज़ल पर उपस्थिति व हौसला अफ़ज़ाई के लिए बहुत बहुत धन्यवाद आपका।"
May 29, 2021
निलेश बरई (नवाज़िश) replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-131
"आदरणीया रचना जी नमस्कार, ग़ज़ल पर उपस्थिति व हौसला अफ़ज़ाई के लिए बहुत बहुत शुक्रियः आपका।"
May 29, 2021
निलेश बरई (नवाज़िश) replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-131
"आदरणीय सालिक साहब जी सादर प्रणाम, ग़ज़ल पर उपस्थिति व हौसला अफ़ज़ाई के लिए बहुत बहुत शुक्रियः आपका।"
May 29, 2021
निलेश बरई (नवाज़िश) replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-131
"आ. दण्डपाणि नाहक साहब जी सादर प्रणाम, ग़ज़ल पर उपस्थिति व हौसला अफ़ज़ाई के लिए बहुत बहुत शुक्रियः आपका।"
May 29, 2021
निलेश बरई (नवाज़िश) replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-131
"आ. धामी साहब जी नमस्कार, ग़ज़ल पर उपस्थिति व हौसला अफ़ज़ाई के लिए बहुत बहुत शुक्रियः आपका।"
May 29, 2021
निलेश बरई (नवाज़िश) replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-131
"आदरणीय संजय साहब जी प्रणाम,ग़ज़ल बहुत ख़ूब हुई पर इसमें तरही मिसरे वाला शेर नहीं है। सादर "
May 28, 2021
निलेश बरई (नवाज़िश) replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-131
"आ. संजय साहब जी नमस्कार, आपके मशविरे को मैंने नोट कर लिया है, मशविरा व हौसला अफ़ज़ाई के लिए बहुत बहुत शुक्रियः आपका।"
May 28, 2021
निलेश बरई (नवाज़िश) replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-131
"आ. आज़ी साहब आदाब, ग़ज़ल पर उपस्थिति व हौसला अफ़ज़ाई के लिए बहुत बहुत शुक्रियः आपका।"
May 28, 2021
निलेश बरई (नवाज़िश) replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-131
"उस्ताद-ए-मोहतरम जनाब समर साहब आदाब,ग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति व हौसला अफ़ज़ाई के लिए बहुत बहुत शुक्रियः ।"
May 28, 2021
निलेश बरई (नवाज़िश) replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-131
"आ. दयाराम जी नमस्कार, हौसला अफ़ज़ाई के लिए बहुत शुक्रियः आपका।"
May 28, 2021
निलेश बरई (नवाज़िश) replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-131
"आ. रिचा जी हौसला अफजाई के लिए बहुत शुक्रियः आपका।"
May 28, 2021

Profile Information

Gender
Male
City State
दादरा नगर हवेली
Native Place
सिलवासा
Profession
Student

Comment Wall (1 comment)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 10:44am on April 9, 2024, Erica said…

I need to have a word privately, please get back to me on ( mrs.ericaw1@gmail.com) Thanks.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत रचना की सारगर्भित समीक्षा कर आपने मेरे सृजन कार्य को सार्थकता…"
4 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"परम आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम - सर सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"वायव्य दशा के प्रस्तुतीकरण के क्रम में बना विश्वास प्रस्तुति की शाब्दिकता को स्थापित करता हुआ सफल…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"संसार का मंच एक गंभीर विषय है. तदनुरूप आपका प्रयास श्लाघनीय है, आदरणीय सुशील सरना जी.  कई…"
yesterday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय अशोक भाईजी, कितनी निष्कपट, कितनी भोली, कितनी सरस कविता हुई है ! जैसे, कोई अबोध बच्चा…"
yesterday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"आदरणीय  अशोक रक्ताले जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय…"
Thursday
Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"चुप रहिए...  वाह  क्या रदीफ़ है, इसे देखकर ही मैं हाज़िर हो गया.  रहना हो भारत में…"
Sunday
Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"अभिनय करते मंच पर, माटी के किरदार ।जीवन की अनुभूतियाँ, करते वो साकार ।।.....सच है अभिनय जीवन की…"
Sunday
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

बरसात

बरसात घन गरजे अंधियारी छाई,बिजली अम्बर पर इठलाई  बूँदें टपकी टप-टप भाईरिमझिम रिमझिम बारिश आई पत्ते…See More
Jul 5
vijay nikore replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"Dear respected Admin team: A few minutes ago, I typed my suggestion, but lost it all before it was…"
Jul 5
vijay nikore replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"..."
Jul 5
Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
"  आदरणीय,  तकनीकी दृष्टिकोण से मैं कुछ  अधिक नहीं कह सकता । किन्तु यदि हमारा …"
Jun 14

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service