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Abha Chandra
  • Female
  • Lucknow, U.P.
  • India
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Abha Chandra's Page

Profile Information

Gender
Female
City State
Lucknow, UP
Native Place
Bhopal, MP
Profession
service
About me
written from the core of my heart

सेतुबंध

वो शब्द 
जो तुम्हें मुझसे 
और मुझे तुमसे 
जोड़ता था 
सेतुबंध था वो 
वो दरक गया है 
समय की भारी
भारी शिलाओं में 
दब गया है 
हाँ कुछ अहसास है 
जो अंतिम 
साँस ले रहे हैं

पर क्या वो जीवित हो पाएंगे ??
जी भी गए तो परिपूर्ण हो पाएंगे ??

समय की काई जम 
गयी है उन पर 
फिसलन ही फिसलन है 
रपटीले रास्ते है 
नुकीले मोड़ है 
बचाना जो चाहा तो

क्या मैं, मैं रह पाऊँगी ??
क्या तुम, तुम रह पाओगे ??

समझने में और कहने में 
जब फरक हो जाता है 
कहने में और समझने में 
जब फरक बढ़ जाता है
तब सदियों से लम्बा 
सहस्त्रों फन वाला सांप 
लहराता है मन में
जिसके वार से

क्या तुम बच पाओगे ??
क्या मैं बच पाऊँगी ??
???????????

आभा.....

Abha Chandra's Blog

ब्रेकिंग न्यूज़

"अबे तू मुंह बन्द करके बैठेगा, देखता नहीं बड़े लोग आपस में बात कर रहे हैं"

थानेदार ने घुड़की पिलाई और पत्रकार मित्र की ओर खींसे निपोरी। बेचारा शंकरा और सिमट गया, मुलिया ने बारह वर्षीया चुन्नी के पैरों पर का कपड़ा ठीक किया और बड़बड़ाने लगी दिमाग ठिकाने नहीं था उसका जब से बेटी की ऐसी हालत देखी थी चारों तरफ लाल ही रंग दिख रहा था उसे। पत्रकार महोदय ने कहा:

"ये तो और भी अच्छा है कि शंकरा नेता जी के घर के पास वाली झुग्गियों में रहता है नहीं तो चैनल…

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Posted on June 3, 2016 at 4:00pm — 24 Comments

अस्तित्व

छलछलाई आँखों से 

मुस्कराई आँखों से 

विदा दी देहरी ने 

चल पड़ी मैं......

छलछलाई आँखों से 

मुस्कराई आँखों से 

स्वागत किया देहरी ने 

हंस पड़ी मैं.........

रंगोली सजाने लगी 

वंदनवार लगाने लगी

सज गयी देहरी 

रम गयी मैं........

प्रीत ने बहका दिया 

मीत ने महका दिया

लहरा गया आँचल 

संवर गयी मैं........

ममता ने निखार दिया 

आँचल भी संवार…

Continue

Posted on September 9, 2015 at 4:00pm — 14 Comments

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