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Aswini Kumar
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"दोहा लिखने, कहने, सुनने, सुनाने का दौर इंग्लिश मीडियम से पढ़े बच्चों में लोकप्रिय करेंगे तब बात बनेगी"
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Aswini Kumar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-92
"काट कर इस ज़मीं के शजर बे जुबां  रह में है ढूंढता आदमी धूप छाँव | ये दर्द सिर्फ साहित्य तक ही सीमित न रहे, और आंदोलन बन जाए तो बात बने। मगर ऐसा कब होगा "
Jun 15
Aswini Kumar is now a member of Open Books Online
Jun 12

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Gender
Male
City State
BHOPAL
Native Place
BHOPAL
Profession
HOBBY WRITER
About me
SUCH KAHANA BAGAWAT HE TO ISE BAGAWAT HI SAMJHHO

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