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Harihar Jha
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Harihar Jha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-103
"धन्यवाद आदरणीय शेख शहज़ाद उस्मानी जी । जैसा कि ऊपर लिखा है  मच्छर काटने से पहले और खून पीते समय सलिवा छोड़ते हैं - हमारे शरीर में।  इस घृणित कृत्य के लिये मुझे यह शब्द याद आया। पर मैं पुनर्विचार करूँगा। आपको धन्यवाद।"
May 11, 2019
Harihar Jha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-103
"आदरणीय बबिता जी! धन्यवाद!"
May 11, 2019
Harihar Jha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-103
"बहुत बहुत धन्यवाद आ. सुरेन्द्र नाथ सिंह ’कुशक्षत्रप’ जी! ।  ’सत्य की लड़ाई के लिये’ : मात्राओं का बंधन होने से ’सच’ में सिकोड़ना पड़ा। मच्छर काटने से पहले और खून पीते समय सलिवा छोड़ते हैं - हमारे शरीर…"
May 11, 2019
Harihar Jha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-103
"बहुत बहुत धन्यवाद, आ. सत्यनारायण सिंग जी!"
May 11, 2019
Harihar Jha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-103
"बहुत बहुत धन्यवाद आ. कनक हरलल्का जी! "
May 10, 2019
Harihar Jha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-103
"आदरणीय  आसिफ़ जैदी जी! बहुत बहुत धन्यवाद!"
May 10, 2019
Harihar Jha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-103
"अभिवादन डॉ छोटेलाल सिंह जी! बहुत बहुत धन्यवाद!"
May 10, 2019
Harihar Jha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-103
"सच के लिये जिसको लगे ना डर  (संघर्ष) झकझोरते टकराव को क्या कहें   सच के लिये   जिसको लगे ना डर।            मासूमों को बाँध कर खून की होली जो खेलें   क्या है चक्कर?    ज़ख्मी…"
May 10, 2019
Harihar Jha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-102
"बहुत बहुत धन्यवाद! आदरणीय तस्दीक अहमद खान जी! और आशा करता हूँ आपका नाम देवनागरी में सही रूप में लिखा है।"
Apr 12, 2019
Harihar Jha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-102
"आदरणीय नादिर खान जी! बहुत बहुत धन्यवाद!"
Apr 12, 2019
Harihar Jha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-102
"वादे रहे सदा झूठे वादे रहे सदा झूठे उमेठो क्या कान! तोबा   लम्बे चले भाषण  बड़े पब्लिक सेवा के नाते फिल्मी  भोंडापन  चलता लाउडस्पीकर  चिल्लाते   कान के पर्दे फटेंगे कर्कश स्वर गान तोबा   दो मत मुझे, खैरात लो…"
Apr 12, 2019

Profile Information

Gender
Male
City State
Melbourne
Native Place
Banswara
Profession
Ret.

Harihar Jha's Blog

अच्छे दिन थे

चंदा से गपियाने के दिन

कहाँ कठिन थे

राजनीतिको छोड़ो     

कैसे अच्छे दिन थे।

 

टीलों पर,

रथ ले अपना 

भाग निकलते थे,

अब विमान में डर है 

नौ ग्यारह फिर आये; 

घसीटते जीवन को,

बोर हुई यात्रायें,

जेटलेग के मारे 

नींद रुष्ट हो जाये;

 

इंटरनेट बिना भी 

न थी झंझट कहीं भी 

सभी खुले में होते 

जश्न,  कहाँ केबिन…

Continue

Posted on September 21, 2018 at 1:30pm — 8 Comments

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At 6:56am on November 21, 2018, Ahmed Maris said…

Good Day,
How is everything with you, I picked interest on you after going through your short profile and deemed it necessary to write you immediately. I have something very vital to disclose to you, but I found it difficult to express myself here, since it's a public site.Could you please get back to me on:( mrsstellakhalil5888@gmail.com ) for the full details.

Have a nice day
Thanks God bless.
Stella.

 
 
 

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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post तरही गजल - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post तरही गजल - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई तेजवीर जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति और प्रशंसा के लिए हार्दिक धन्यवाद।"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post तरही गजल - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई दण्डपाणि जी, सादर अभिवादन । गजल पर उपस्थिति व उत्साहवर्धन के लिए धन्यवाद । "
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