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Harihar Jha
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Harihar Jha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-102
"बहुत बहुत धन्यवाद! आदरणीय तस्दीक अहमद खान जी! और आशा करता हूँ आपका नाम देवनागरी में सही रूप में लिखा है।"
Apr 12
Harihar Jha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-102
"आदरणीय नादिर खान जी! बहुत बहुत धन्यवाद!"
Apr 12
Harihar Jha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-102
"वादे रहे सदा झूठे वादे रहे सदा झूठे उमेठो क्या कान! तोबा   लम्बे चले भाषण  बड़े पब्लिक सेवा के नाते फिल्मी  भोंडापन  चलता लाउडस्पीकर  चिल्लाते   कान के पर्दे फटेंगे कर्कश स्वर गान तोबा   दो मत मुझे, खैरात लो…"
Apr 12
Harihar Jha replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"धन्यवाद आदरणीय समर कबीर जी!"
Jan 20
Harihar Jha replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय अशोक कुमार जी!"
Jan 20
Harihar Jha replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"धन्यवाद आदरणीय प्रतिभा जी पांडे!"
Jan 20
Harihar Jha replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय शेख शहजाद उस्मानी जी, प्रतीकात्मक प्रयोग अच्छे लगे जान कर प्रसन्नता हुई। आपको अनेक धन्यवाद। दूसरे छंद में गाँधी जी के असहयोग आन्दोलन और भूख-हड़ताल को भी समेटने की कौशीश की है। शायद इसका चित्र से सीधा संबन्ध नहीं।"
Jan 20
Harihar Jha replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"वाह! वासुदेव ’नमन’ जी! सुन्दर शब्दों में सचाई बयाँ करते दोहे! बधाई!"
Jan 19
Harihar Jha replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"दंगाप्रेमी नायकों,   समझो ये करतूत पत्थरबाजी की फसल, उगे नहीं शहतूत     गाँधीजी थे बावरे. खुद अपनाया ढंग नासमझों के हाथ में  यह दिखलाता रंग   पत्थर नहीं, विचार से , दुनिया बदले राह   ईर्ष्या करो अमीर से, नहीं…"
Jan 19
Harihar Jha replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"बहुत सुन्दर दोहे! आदरणीय सौरभ जी!"
Jan 19
Harihar Jha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-99
"धन्यवाद सर्वे आदरणीय श्री समीर कबीर जी, श्री तस्दिक अहमद खान जी, महेन्द्र कुमार जी, अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव जी  व सुश्री  प्रतिभा पांडे जी ! आप सबका मेरे उत्साह-वर्धन के लिये आभार।  श्री समीर कबीर जी को पुन: धन्यवाद, मुझे सही सूचना…"
Jan 12
Harihar Jha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-99
"धन्यवाद,  आदरणीय समीर कबीर जी। मैंने पहले एक बार प्रश्न उठाया था कि यह रचना ब्लॉग पर रखनी होती है या नहीं। उस समय उत्तर नहीं मिला था। आज आपने समाधान कर दिया। मैंने ब्लॉग से यह पोस्ट हटा ली है। यह सूचना देने के लिये आभार।"
Jan 12
Samar kabeer commented on Harihar Jha's blog post प्रतिरोध
"जनाब हरिहर झा साहिब आदाब,आपकी ये रचना लाइव आयोजन में मौजूद है,इसलिए इसे ब्लॉग पर साझा करना नियम के विरुद्ध है,कृपया इसे यहाँ से हटाने का कष्ट करें ।"
Jan 12
Harihar Jha commented on Harihar Jha's blog post प्रतिरोध
"धन्यवाद, श्रीमान सुलभ जायसवाल जी। टिप्पणी के लिये आभार।"
Jan 12
Sulabh Jaiswal commented on Harihar Jha's blog post प्रतिरोध
"अनुसंधान लाल फीते में, भटक जाय राहों में शोध। बढ़िया "
Jan 11
Harihar Jha replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-99
"आभार व बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय राजेश कुमारी जी!"
Jan 11

Profile Information

Gender
Male
City State
Melbourne
Native Place
Banswara
Profession
Ret.

Harihar Jha's Blog

अच्छे दिन थे

चंदा से गपियाने के दिन

कहाँ कठिन थे

राजनीतिको छोड़ो     

कैसे अच्छे दिन थे।

 

टीलों पर,

रथ ले अपना 

भाग निकलते थे,

अब विमान में डर है 

नौ ग्यारह फिर आये; 

घसीटते जीवन को,

बोर हुई यात्रायें,

जेटलेग के मारे 

नींद रुष्ट हो जाये;

 

इंटरनेट बिना भी 

न थी झंझट कहीं भी 

सभी खुले में होते 

जश्न,  कहाँ केबिन…

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Posted on September 21, 2018 at 1:30pm — 8 Comments

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At 6:56am on November 21, 2018, Ahmed Maris said…

Good Day,
How is everything with you, I picked interest on you after going through your short profile and deemed it necessary to write you immediately. I have something very vital to disclose to you, but I found it difficult to express myself here, since it's a public site.Could you please get back to me on:( mrsstellakhalil5888@gmail.com ) for the full details.

Have a nice day
Thanks God bless.
Stella.

 
 
 

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