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Prakash Patwardhan
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Prakash Patwardhan replied to Admin's discussion "OBO लाइव तरही मुशायरे"/"OBO लाइव महा उत्सव"/"चित्र से काव्य तक" प्रतियोगिता के सम्बन्ध मे पूछताछ
"आद शेख साहब और आद राणा साहब आप की चर्चा मेरे जैसे नौसिखीये कै दिल मे भ्रमा पैदा करती है. आद राणा साहब अगर हम किसी भी मात्रा को गिरा सकते हैं तो फिर तिरा, मिरा आदि रुप क्यों इस्तेमाल होते हैं? सादर."
Jun 10
Prakash Patwardhan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-107
"तेरा मुखडा़ चाँद का टुकडा़ लगता है  चहरे पर तिल काला  प्यारा लगता है I  +  कैसे कह दूँ प्यार नहीं हम को उन से   मुश्किल पर इज़हारे तमन्ना लगता है I +  वादे  झूठे  आम  सियासत  की …"
May 24
Prakash Patwardhan commented on Admin's page Tool Box
"तेरा मुखडा़ चाँद का टुकडा़ लगता है  चहरे पर तिल काला  प्यारा लगता है I  +  कैसे कह दूँ प्यार नहीं हम को उन से   मुश्किल पर इज़हारे तमन्ना लगता है I +  वादे  झूठे  आम  सियासत  की …"
May 24
Prakash Patwardhan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-103
"वाहहह वा ! बहुत बढिया सृजन की बधाई स्वीकारें आदरणीय Hariom Srivastava ji. "
May 11
Prakash Patwardhan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-103
"आदरेया मेरे सृजन को नवाजने के लिये दिल से आभार."
May 11
Prakash Patwardhan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-103
"आदरणीय, आपका हृदय से धन्यवाद."
May 11
Prakash Patwardhan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-103
"आदाब जनाब. पशंसा और सुझाव के लिये दिली शुक्रियः. स्नेहाशीष बना रहे आदरणीय.  "
May 11
Prakash Patwardhan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-103
"आदरणीय सुरेन्द्रनाथ जी हृदय से धन्यवाद आमूल्य सुझाव के लिये."
May 11
Prakash Patwardhan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-103
"बेहद ! प्रथम प्रयास को सराहने हेतु, आदरणीय !"
May 10
Prakash Patwardhan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-103
"आपका तहे दिल से शुक्रियः ! प्रथम प्रयास है स्नेहाशीष बना रहे, आदरणीय. "
May 10
Prakash Patwardhan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-103
"अम्न से आसान होती आम की है जि़न्दगी क्या तसादुम के बिना किस की कटी है जि़न्दगी I+ बात अपनी अपनी यारा हो सही हम क्या कहेंबैठ ठाले ने कभी सच में गही है जि़न्दगी I+ बे-सबब लड़ना, झगड़ना धर्म मानव का नहीं कष्टदायी मार्ग पर बढ़ना वही है जि़न्दगी I+ प्रेम…"
May 10

Profile Information

Gender
Male
City State
Pune
Native Place
Igatpuri, Dist Nashik
Profession
Retd Gaz Officer(Rlys)
About me
Inculcated as Hobby in 2014 - to start with in Marathi & later in Hindi Kavita.

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At 1:47am on July 3, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

स्वागत अभिनन्दन 

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

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At 9:37pm on July 2, 2015, Manoj kumar Ahsaas said…
आपका हार्दिक स्वागत है सर
 
 
 

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