For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

peeyush kumar
  • Male
  • Lucknow
  • India
Share
 

peeyush kumar's Page

Latest Activity

peeyush kumar commented on peeyush kumar's blog post शान-ए-अवध
"आदरणीय मो•आरिफ जी  नमस्कार आप ने रचना पसंद की,हौसला अफजाई के लिए धन्यवाद। मैं और भी रचनाओं में यह प्रयास जारी रखाने की कोशिश करूंगा। आभार"
Jan 8
peeyush kumar commented on peeyush kumar's blog post शान-ए-अवध
"आदरणीय मोहित मिश्रा जी नमस्कार आप ने रचना पसंद की,हौसला अफजाई के लिए धन्यवाद।"
Jan 8
peeyush kumar commented on peeyush kumar's blog post शान-ए-अवध
"आदरणीय समर कबीर जी प्रणाम आप ने रचना पसंद की,हौसला अफजाई के लिए धन्यवाद।"
Jan 8
peeyush kumar commented on peeyush kumar's blog post शान-ए-अवध
"आदरणीय सुरेंद्र जी प्रणाम आप के प्रोत्साहन के लिए धन्यवाद,आगली रचना में उर्दू शब्दों का अर्थ अवश्य लिखदेंगे। आप का आभार"
Jan 8
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on peeyush kumar's blog post शान-ए-अवध
"आद0 पीयूष जी सादर अभिवादन। बेहतरीन रचना पर दिल खोल कर बधाई। कुछ कठिन उर्दू शब्दो के अर्थ भी लिख दें,तो रचना समझने में और आसानी हो। इस उत्तम प्रस्तुति पर कोटिश बधाइयाँ। सादर"
Jan 8
Samar kabeer commented on peeyush kumar's blog post शान-ए-अवध
"जनाब पीयूष जी आदाब,अच्छी रचना हुई,बधाई स्वीकार करें ।"
Jan 7
Mohit mishra (mukt) commented on peeyush kumar's blog post शान-ए-अवध
"आदरणीय पियूष जी बेहतरीन रचना के लिए बधाई"
Jan 7
Mohammed Arif commented on peeyush kumar's blog post शान-ए-अवध
"आदरणीय पीयूष जी आदाब,                             शान-ए-अवध का बहुत ही सुंदर चित्रण प्रस्तुत किया आपने । आज पूरे मुल्क में हवा ही कुछ ऐसी चल रही है जो हमारी तहजीब को ख़त्म करने पर…"
Jan 7
peeyush kumar posted a blog post

शान-ए-अवध

जल रहे चिराग हैं, जिंदा यहां तख़्त-ओ-ताज है बह रही गोमती, रोशन यहां के घाट हैं यह लखनऊ की धरतीयह लखनऊ की शाम हैतहजीब यहां अब्दो आब है,खिलते हर दिल में ख्वाब हैं दुश्मन को भी कहते आप हैं,दोस्त भी अमें यार हैं गंज की शाम है, बागों में भी बाग हैंयह लखनऊ की धरतीलखनऊ की शाम है।रूमी दरवाजा वो शान है, आज भी तहजीब उसकी आन है ।इमामबाड़ा हिंदू मुस्लिम एकता की पहचान है बेगम की कोठी में जलते चिरो चिराग,नक्खास पर सजती बाजार है,बादरी की अपनी ही पहचान है ,ये अवध की धरती है,ये अवध की शाम है।आरजू आराइश है, आलिम…See More
Jan 7
peeyush kumar updated their profile
Jan 5
peeyush kumar is now a member of Open Books Online
Jan 4

Profile Information

Gender
Male
City State
उत्‍तर प्रदेश
Native Place
Fatehpur
Profession
Engineer
About me
"i m as,as u want to see" / Find me on Facebook,Twitter and Instagram@peeyush umarav /And my FB page is #"one letter"

Peeyush kumar's Blog

शान-ए-अवध

जल रहे चिराग हैं, जिंदा यहां तख़्त-ओ-ताज है

बह रही गोमती, रोशन यहां के घाट हैं

यह लखनऊ की धरती

यह लखनऊ की शाम है

तहजीब यहां अब्दो आब है,खिलते हर दिल में ख्वाब हैं

दुश्मन को भी कहते आप हैं,दोस्त भी अमें यार हैं

गंज की शाम है, बागों में भी बाग हैं

यह लखनऊ की धरती

लखनऊ की शाम है।

रूमी दरवाजा वो शान है, आज भी तहजीब उसकी आन है ।

इमामबाड़ा हिंदू मुस्लिम एकता की पहचान है

बेगम की कोठी में जलते चिरो चिराग,नक्खास पर सजती बाजार…

Continue

Posted on January 6, 2018 at 9:51pm — 8 Comments

Comment Wall

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

  • No comments yet!
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"कही आपने बात तो ख़ास सारी हुई छंद पे वे ज़रा देख भारी मुझे भी पता ये यहीं पे चला है करेंगे सही छंद तो…"
4 minutes ago
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"बधाई कहें लो कही बात अच्छी यहां छंद पे जानते बात सच्ची"
10 minutes ago
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"कहा है बहुत कुछ लगा है खरा मगर बात सुधिजन कहें क्या जरा सही से उन्हीं पर जरा गौर हो असर छंद का देख…"
19 minutes ago
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"रचा गीत की मातु की बन्दगी चली कर्म पथ पर सही जिंदगी कलम ये सदा यूँ चले आपकी हरे सब तपिश दुःख सन्ताप…"
24 minutes ago
सतविन्द्र कुमार replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"कहानी दुखों की कही आपने लपेटा इन्हें आज सन्ताप ने यहाँ छंद बातें करें जोर हैं बधाई सभी से मिले घोर…"
30 minutes ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सतविन्द्र कुमार जी सादर, प्रदत्त चित्र को परिभाषित करते बहुत सुंदर शक्ति छंद रचे हैं आपने.…"
5 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया मंजीत कौर जी सादर, प्रदत्त चित्र पर उत्तम भाव लिए शक्ति छंद पर आपका बहुत सुंदर प्रयास है…"
6 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय डॉ. छोटेलाल सिंह जी सादर, प्रदत्त चित्र को बहुत सुन्दरता से परिभाषित किया है आपने. हार्दिक…"
6 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभा पांडे जी सादर, प्रदत्त चित्र को बहुत अच्छे से परिभाषित किया है आपने. हार्दिक बधाई…"
6 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय भाई तसदीक़ एहमद खान साहब सादर, दोनों ही छंद रचनाएं आपकी प्रदत्त चित्र पर बहुत सुंदर हुईं हैं.…"
6 hours ago
sunanda jha replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"क्षमा प्रार्थी हूँ आदरणीय कुशक्षत्रप जी बहुत बड़ी गलती हुई मुझसे जल्दीबाजी में ,शर्मिंदा हुन…"
6 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर, प्रस्तुत छंद गीत रचना आपको अच्छी लगी इसके लिए आपका दिल से आभार.…"
6 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service