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Hiren Arvind Joshi's Blog (2)

ग़ज़ल - वज़्न -2122"2122"22/112

वज़्न -2122"2122"22/112



हर सहारा बे-सहारा निकला

जो मिला हमको बिचारा निकला (१)



हमसफर मेरा ख़ुदारा निकला

कौन कहता है नकारा निकला (२)



अब किसे अपना ख़ुदा समझें हम

ये ख़ुदा भी तो तुम्हारा निकला (३)



सज गयी है मौत की ये महफ़िल

दम जो निकला तो हमारा निकला (४)



कब हुई है इख़्तियारी जाँ पर

ज़ीस्त का हर पल मदारा निकला (५)



अश्क़ आँखों से बहाते हो क्यों

जाने वाला तो हमारा निकला (६)



हैं सितारे आसमाँ में… Continue

Added by Hiren Arvind Joshi on January 31, 2022 at 8:29am — No Comments

गीत

गीत

बहर - बहरे मुतकारिब मुसमन सालिम



।। तुझे भूल जाना ।।

न आसान होगा, तुझे भूल जाना

कहीं दूर जाना, निगाहें चुराना



न होगी मुहब्बत, न होगी वफ़ाएँ

मुझे छोड़ दो तुम, यही हैं जफ़ाएँ

नहीं होश अब है, नहीं है ठिकाना

न आया जताना, न आँसू छिपाना



कहीं दूर जाना.. तुझे भूल जाना..



तुम्हीं ने कहा था, न होंगे जुदा हम

मुहब्बत हमारी, न होगी कभी कम

सदा साथ होंगे, हो वैरी ज़माना

कहेंगी फ़िज़ाएँ, हमारा फ़साना



कहीं दूर जाना..… Continue

Added by Hiren Arvind Joshi on January 29, 2022 at 10:00pm — No Comments

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