For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ASHFAQ ALI (Gulshan khairabadi)'s Blog (6)

कू-ब-कू शौक़ लिए फिरता है मुझको गुलशन

पत्थरों का रुख़-ए-हस्ती पे गुमाँ होता है l

जब कोई शोला-ए-एहसास धुआँ होता है ll



जिसको इस राह में अहसास जियाँ होता है l

जज्ब-ए-इशक़ वो मकबूल कहाँ होता है ll



आंसुओ में कभी चेहरे की उदासी में कभी l

दर्द जब हद से गुज़रता है अयाँ होता है ll



खून-ए-मजलूम जो होता है ज़मी पर कोई l

मुझ से हस्सास की आँखों से रवाँ होता है…
Continue

Added by ASHFAQ ALI (Gulshan khairabadi) on November 12, 2012 at 6:49pm — 1 Comment

दुश्मनी से डर कैसा दोस्ती से डरते हैं

दुश्मनी से डर कैसा दोस्ती से डरते हैं..

खाये हैं फ़रेब इतने हर ख़ुशी से डरते हैं..



जब से आशियाँ अपना जल गया गुलिस्ताँ में..

हो कहीं उजाला हम रौशनी से डरते हैं..



हम तो धूप के राही साथ-साथ सूरज है..

जिस्म जिनके नाज़ुक हैं चाँदनी से डरते हैं..



कुछ न कुछ तो होगा ही इसलिए जहां वाले..

आदमी की सूरत में आदमी से डरते…

Continue

Added by ASHFAQ ALI (Gulshan khairabadi) on June 11, 2012 at 9:30pm — 9 Comments

दूसरों का सहारा, सहारा नही

जिंदगी का सफ़र किसको प्यारा नहीं

मौत आये किसी को गवारा नहीं



कर भलाई जो काम आएगी हर तरह

जिंदगी फिर मिलेगी दोबारा नहीं



किस तरह फिर भला मेहरबान हो कोई

तुमने दिल से उसे जब पुकारा नहीं



सूनी-सूनी हैं कश्मीर की वादियाँ

झील में अब कोई भी शिकारा नहीं



जो पहाड़ों से उतरी है गंगोजमन

लौट जाए कोई ऐसी धारा नही



खुद ही अपना सहारा बनो तो बनो

दूसरों का सहारा, सहारा नही



कैसी उलझन है…

Continue

Added by ASHFAQ ALI (Gulshan khairabadi) on May 21, 2012 at 11:30pm — 8 Comments

दौरे जाम

जब कभी दौरे जाम होता है
सब यहाँ इंतजाम होता है

सच ही कहता हूँ मेरे साकी के
दोनों हाथों में जाम होता है

और मै उस जगह नही पीता
जिस जगह एहतराम होता है

उसके बच्चों का बस ख़ुदा जाने
किस तरह इंतजाम होता है

डूब कर जब ग़ज़ल कहे शायर
उसका पुख्ता कलाम होता है

शायरी दिल को छू गई जिसकी
उसका महफ़िल में नाम होता है

किस से शिकवा करूँ मैं फिर "गुलशन"
हर तरह मेरा काम होता है

Added by ASHFAQ ALI (Gulshan khairabadi) on May 18, 2012 at 10:00pm — 9 Comments

"गुलशन" बात हमारी रखना..

मश्के सुखन को जारी रखना..
"गुलशन" बात हमारी रखना..

फूल अगर हैं महकाने तो..
गोड़ के अपनी क्यारी रखना...

शोला सिफत हो लफ्ज़ तुम्हारे..
फ़िक्र में वो चिंगारी रखना....

फन की कीमत यूँ न मिलेगी..
गजलों को मेंआरी रखना ....

इल्म अगर हासिल करना है...
मेहनत पयहम जारी रखना..

उर्दू की तो शान यही है..
ख़ुश्बू प्यारी-प्यारी रखना..

हम तो हैं आज़ार ग़ज़ल के..
तुम भी ये बीमारी रखना...

Added by ASHFAQ ALI (Gulshan khairabadi) on May 15, 2012 at 8:08pm — 21 Comments

ग़रीब माँ ने दुल्हन की तरफ नही देखा ..

किसी ने उसकी फबन की तरफ नही देखा ..

ग़रीब माँ ने दुल्हन की तरफ नही देखा ..



बियाह देता है अपनी ग़रीब बेटी को ..

सखी के चाल-चलन की तरफ नही देखा ..



जला के ख़ाक किया है जभी तो बिजली ने ..

किसी भी रोज़ चमन की तरफ नही देखा ..



वही बुज़ुर्ग ज़माने में आज रौशन हैं ..

जिन्होंने अपने बदन की तरफ नही देखा ..



उसी के नाम पे लिखा गया है ये इतिहास ..

वो जिसने अपने वतन की तरफ नही देखा ..



कुली - क़ुतुब से चली आई लखनऊ उर्दू ..…

Continue

Added by ASHFAQ ALI (Gulshan khairabadi) on May 12, 2012 at 7:00pm — 11 Comments

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

डॉ छोटेलाल सिंह posted a blog post

मातृभाषा हिन्दी

हिन्दी में हम पढ़े लिखेंगे, हिन्दी ही हम बोलेंगे।हिन्दी को घर-घर पँहुचाकर, हिन्द द्वार हम…See More
6 hours ago
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' posted a blog post

ये ज़ीस्त रोज़ सूरत-ए-गुलरेज़ हो जनाब(६३)

ये ज़ीस्त रोज़ सूरत-ए-गुलरेज़ हो जनाबराह-ए-गुनाह से सदा परहेज़ हो जनाब**मंज़िल कहाँ से आपके चूमें क़दम…See More
6 hours ago
dandpani nahak left a comment for Er. Ganesh Jee "Bagi"
"आदरणीय गणेश जी 'बागी' जी आदाब और बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ाने के लिए आपका शुक्रगुज़ार हूँ…"
22 hours ago

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"आदरणीय दण्डपाणि नाहक जी, अच्छी ग़ज़ल कही है, दाद कुबूल करें ।"
22 hours ago
dandpani nahak replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"ग़ज़ल 1212 1122 1212 22 जुनूँ गज़ब का मगर ये अज़ब कहानी है तलाश जारी है क्या चाँद में भी पानी है इधर…"
22 hours ago
babitagupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"बेहतरीन बाल गीत, बधाई स्वीकार कीजिएगा आदरणीय सतविन्द्र सरजी। "
22 hours ago

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"सराहना हेतु आभार आदरणीया बबिता गुप्ता जी."
22 hours ago

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"आभार आदरणीय डॉ छोटे लाल जी, सराहना से रचना सार्थक हुई."
22 hours ago
babitagupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"बेहतरीन पंक्तियाँ, आदरणीय गणेश सरज बधाई स्वीकार कीजिएगा।"
22 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"आदरणीया  बबिताजी हृदय से धन्यवाद आभार आपका"
22 hours ago
babitagupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"बेहतरीन पंक्तियाँ चांद को परिभाषित करती,बधाई स्वीकार कीजिएगा आदरणीय लक्ष्मण सरजी। "
22 hours ago
babitagupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"स्नेह के साथ हिम्मत बंधाती पंक्तियाँ आदरणीया प्रतिभा दी बधाई स्वीकार कीजिएगा ।"
22 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service