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मानवाधिकार का क्या मतलब है ! मानवाधिकार दो शब्दों से मिलकर बना है, मानव + अधिकार अर्थात मानव से सम्बन्धित अधिकार ! मानवाधिकार के अन्तर्गत वे सब अधिकार मानव को प्राप्त है , जिसका वह स्वतंत्र रूप से अधिकारी है ! आज के इस बदलते परिवेश में जहा मानव मूल्यों का हास हो रहा है ! वहा मानवाधिकारों का हनन होता जा रहा है ! चाहे वह सरकार के प्रशासन में जेल में कैदियों के साथ व्यवहार हो , समाज में फैली अनैतिकता , या फिर घरेलू हिंसा हो हर जगह पर मनुष्य के अधिकारों का हनन हो रहा है ! आज भारत के आजादी के ६ दशक हो चुके है , लेकिन क्या हम सही मायने में स्वतंत्र हो चुके है , नही ! बल्कि आज भी मानव के अधिकारों की स्वतन्त्रता का हनन हो रहा है ! यह कितना दुर्भाग्यपूर्ण है , की भारत के संविधान में हर प्रकार के अधिकारों के होते हुए भी केवल मानवाधिकार कानून दस्तावेजो में ही सीमित है ! केवल कानून बना देने से ही अधिकार प्राप्त नही होगे ! बल्कि उसका सही दिशा में क्रियान्वयन भी होना चाहिए !

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Comment by Rajesh Kumar Singh on September 18, 2010 at 1:24am
Good Carry on

मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on September 17, 2010 at 10:35pm
केवल कानून बना देने से ही अधिकार प्राप्त नही होगे ! बल्कि उसका सही दिशा में क्रियान्वयन भी होना चाहिए !

बिलकुल सही कह रही है पूजा जी मैं आप की बातों से पूर्णतया सहमत हूँ |

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