For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

आईये वाल्मीकिनगर बाघ अभ्यारण्य चलें

सहसा मेरी नज़र उस विज्ञापन पर पड़ी ,जिसमे क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी बता रहे थे ॥" सिर्फ १४११ बचे है "
उसके नीचे एक बाघ का फोटो ॥
जिन बाघों से हमारे दादा -दादी हमको डराते थे ,आज वे स्वम विलुप्त होने के कगार पर पहुँच चूके है ॥
भारत में बाघों के संरक्षण एवं प्रजनन को लेकर " टाईगर प्रोजेक्ट " की शुरुयात सन १९७३ में की गई । अब तक देश भर में २७ बाघ अभ्यारण्य काम कर रहे है ॥ वर्ष २०००-२००१ तक भारत के कुल ३७,७६१ वर्ग किलोमीटर में यह फैला हुआ है ।
मुझे कहते हुए गर्व हो रहा है कि बिहार में भी एक बाघ अभ्यारण्य है । यह बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा अनुमंडल में अवस्थित है । इसे " वाल्मीकिनगर टाईगर प्रोजेक्ट " के नाम से जाना जाता है । उत्तर प्रदेश ,नेपाल और बिहार कि सीमा पर अवस्थित वाल्मीकिनगर जैव -प्रयटन के लिया विख्यात है ।यह पश्चिम चंपारण जिला के मुखायल बेतिया से १२० किलोमीटर दूर अवस्थित है । नजदीकी रेलवे स्टेशन बगहा है ..जो कि मुज़फ्फर पुर -गोरखपुर रेल -खंड का एक प्रमुख स्टेशन है । यहाँ रुकनेवाली महत्वपूर्ण गाडियों में सप्तक्रांति एक्सप्रेस ,मुजफ्फरपुर -देहरादून ,पुवांचल एक्सप्रेस ..मुख्य है । बगहा से वंलिकिनगर के लिए बसे और प्राइवेट टैक्सियाँ चलती है । दुरी करीब ४५ किलोमीटर है ,जिसमे ३० किलोमीटर का रास्ता घने जंगलों से होकर जाता है । फलदार वृक्षों की कमी है फिर भी बंदरों के झुण्ड आपको सडकों पर उछल- कूद करते मिलेगें ।
बगहा से वाल्मीकिनगर जाने के क्रम में नौरंगिया नामक स्थान के बाद मुख्य सड़क किनारे ..एक स्थान है जहाँ स्थानीय निवासी पूजा करते है ,वहाँ के पेड़ों पर चम्गादरो का एक झुण्ड रहता है ..ये चम्गादर लगभग ३-४ किलोग्राम के है ..इन्हें कोई नहीं मारता ।
वाल्मीकिनगर में गंडक नदी पर बराज बना है ,बराज पर बने पुल से नदी पार कीजिये ,आप नेपाल की धरती पर अपनेआप को चहलकदमी करते हुए पायेगे । गर्मी कितनी भी हो ,अगर आप बराज पर आ गए तो बराज के अपस्ट्रीम में बने जलाशय से होकर गुजरनेवाली शीतल हवाए आपका स्वागत करेगी और इस सुखद एहसास को आप भुला नहीं पायेगे ।
अगर दिन साफ़ हो तो आपको बराज से हिमालय की धवल चोटियाँ साफ़ नज़र आएगी । लगभग चार से पांच शाम के समय जब सूर्य की किरणे वर्फ की चोटियों पर तिरछे पड़ती है तो ..श्वेत धवल चोटियाँ का इन्द्रधनुषी परिवर्तन अवर्णनीय है ।
प्रसंग वश मैं यहाँ बता देना चाहता हूँ कि मैं २००५ से २००९ तक दोन शाखा नहर के शीर्ष -भाग का अवर -प्रमंडल -पदाधिकारी के रूप में कार्यरत था ...दोन शाखा नाहर के द्वारा नेपाल -पूर्वी -नहर को पानी दिया जाता है । और मैंने इन प्राकृतिक नजारों का भरपूर सेवन किया है ।
वाल्मीकिनगर में ठहरने के लिए बिहार राज्य प्रयतन विकास निगम का होटल " वाल्मीकि विहार " अवस्थित है जहाँ लगभग २५० ( दो सौ पचास ) रूपये प्रतिदिन का किराया लगता है । साथ ही जल -संसाधन विभाग का विश्राम गृह तथा बिहार राज्य हैड्रो पवार निगम का विश्राम गृह उपलब्ध है ।


जिन्हें जंगल और उसकी सुन्दरता से प्रेम है ,उन्हें यह जगह गले लगाता है । बीच जंगलो में नर देवी का मंदिर और जटाशंकर का मंदिर मन को मोह लेता है । एक किलोमीटर पैदल चलने की ईच्छा आपको नेपाल के चितवन जिले के घने जंगलों में अवस्थित वाल्मीकि ऋषि के आश्रम में ले जायेगी । कहते है माता सीता ने लंका से लौटने के बाद अपना समय इन्ही जंगलों में गुजारा था तथा लव -कुश का जन्म भी यही हुआ था । नेपाली वास्तु कला से परिपूर्ण माता जानकी एवं वाल्मीकि ऋषि का आश्रम देखकर आप मन्त्र -मुग्ध हो जायेगे । मंदिर के पुजारी श्री शेकर द्विवेदी आपको मंदिर एवं पुराने यादगार प्रतीकों को बड़े ही धैर्य -पूर्वक बताते है । वाल्मीकि आश्रम तक जाने के क्रम में दो नदियाँ "तमसा " एवं "सोनहर" आपके चरण धोएगी । गोल -गोल पत्थरो के बीच नदी की बहती जल- धारा आपको रंग -विरंगे शालिग्राम चुनने पर विवश कर देगी ।
भारत -नेपाल के खुले सीमा का लाभ अराजक तत्व न उठावे ..इसलिए सीमा शस्त्र बल की १२ वी बटालियन यहाँ तैनात है ...रोज सुबह जंगलों में इनका परेड देखना भी अच्छा लगता है ।

Views: 509

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to जगदानन्द झा 'मनु''s discussion गजल in the group मैथिली साहित्य
"आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै. सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में…"
yesterday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत हरिगीतिका छंद पर आपकी प्रतिक्रिया से सृजन सफल हुआ है. आपके…"
Saturday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"आदरणीय श्याम नारायण वर्मा जी सादर, प्रस्तुत छंदों पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
Saturday
जगदानन्द झा 'मनु' added 2 discussions to the group मैथिली साहित्य
Aug 10
Shyam Narain Verma commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"नमस्ते जी, बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, हार्दिक बधाई l सादर"
Aug 6

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post हरिगीतिका छंद
"  आदरणीय अशोक भाईजी, श्रावण मास का आज प्रथम सोमवार है. ऐसे पवित्र दिवस पर आप द्वारा प्रस्तुत…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on रोहित डोबरियाल "मल्हार"'s blog post दास्तां
"आदरणीय रोहित डोबरियाल "मल्हार" जी, आपकी भावुक प्रस्तुतीकरण का स्वागत है.  आप…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on vijay nikore's blog post सांकल मन के द्वार पर
"  निर्निमेष आँखों की प्रतीक्षा उत्कट तीव्रता के साथ शाब्दिक हुई है, आदरणीय विजय निकोर…"
Aug 3

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"वाह वाह वाह .. सावन की कजरी का आधुनिक रूप गुदगुदा गया, आदरणीय आशीष जी.  सही भी है, प्रकृति के…"
Aug 3
आशीष यादव replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय श्री अशोक कुमार जी इस कजरी पर टिप्पणी के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद।  आज के परिवेश…"
Jul 27
Ashok Kumar Raktale replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय आशीष यादव जी सादर, सावन की सुंदर और मधुर  फुहारों में यह कजरी की प्रस्तुति  बहुत…"
Jul 27
vijay nikore posted a blog post

सांकल मन के द्वार पर

सांकल मन के द्वार परजब-जब जहाँ कहीं फूल खिलेयाद तुझे किया था हमने ...कहती थी न ..."क्या...तुम्हारे…See More
Jul 27

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service