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बस कुछ पल के लिए ,
आँखों में वो प्यार चाहता हूँ
तुम्हारे शब्दों को बेक़रार चाहता हूँ

क्यूँ की मेरे लिए तो बस

पहली बारिश की पानी सी तुम
अमूल्य अमित अनूठी कहानी सी तुम .....

बस कुछ पल के लिए ,
अगम्य मनोभावों में उलझे वो शब्द चाहता हूँ
तुम्हारे मन को मेरे समक्ष चाहता हूँ

क्यूँ की मेरे लिए तो बस

आँखों में बसी परेशानी सी तुम
मेरे प्रेम की अंतिम निशानी सी तुम .....

मौलिक अप्रकाशित

Views: 467

Comment

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Comment by Nishant Chourasia on December 29, 2013 at 1:23pm

धन्यवाद ,,, आप सभी का..

Comment by अरुन 'अनन्त' on December 21, 2013 at 1:34pm

बहुत सुन्दर रचना भाई निशांत जी

Comment by savitamishra on December 20, 2013 at 9:04pm

.बहुत सुन्दर

Comment by coontee mukerji on December 20, 2013 at 2:06pm

बहुत सुंदर मर्म को छू देनेवाली रचना. आपको हार्दिक बधाई.

Comment by Meena Pathak on December 20, 2013 at 12:31pm

आँखों में बसी परेशानी सी तुम
मेरे प्रेम की अंतिम निशानी सी तुम .....बहुत सुन्दर, दिल से लिखी गई रचना

बधाई आप को


सदस्य कार्यकारिणी
Comment by गिरिराज भंडारी on December 19, 2013 at 7:43pm

आदरणीय , सुन्दर भाव पूर्ण कविता के लिये बधाई ॥

Comment by annapurna bajpai on December 19, 2013 at 1:13pm

सुंदर कविता म बधाई आपको । 

Comment by डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव on December 19, 2013 at 12:21pm

निशांत जी

आँखों में बसी परेशानी सी तुम -- यह भाव मन को छु गया  i  बहुत सुन्दर कविता  i

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