For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

व्यंग्य - टेक्नालॉजी का फसाना

सबसे पहले आपको बता दूं कि औरों की तरह मैं भी तकनीक की टेढ़ी नजर से दूर नहीं हूं। तकनीक के फायदे कई हैं तो नुकसान तथा फजीहत भी मुफ्त में मिलती हैं। वैसे मेरे पास न तो विरासत में मिली संपत्ति है और न ही मैंने इतनी अकूत संपत्ति जुटाई है, जिससे जिंदगी बड़े आराम से गुजरे। मेरा तो ऐसा हाल है, जैसे बिना सिर खपाए कुछ बनता ही नहीं, मगर पिछले दिनों से इस बात को लेकर चिंतित हूं कि मैं रातों-रात लखपति क्या, करोड़पति से अरबपति बनते जा रहा हूं। दरअसल, मैंने सोचा कि जब बड़े शहरों में तकनीक की खुमारी छाई हुई है तो क्यों न, मैं भी बहती गंगा में डूबकी लगा लूं। सो, मैंने अपनी एक ई-मेल आईडी बना ली। जब से मेरी ई-मेल आईडी बनी है, उसके बाद तो जैसे मेरे सामने धन कमाने का द्वार खुल गया है तथा कुबेर देव साक्षात् आ गए हैं। ऐसा कोई दिन नहीं जाता, जब मैं लखपति व करोड़पति नहीं बनता। हर समय कोई न कोई जैकपॉट मुझे मिला ही रहता है। ऐसा लगता है, जैसे भाग्य मेरे सिर पर आकर टिक गया है।
मैं भी गदगद हूं कि चलो तकनीक से जुड़ने का कुछ तो फायदा मिल रहा है। ठीक है, मेरे मन में अकूत धन जुटाने की ललक है, मगर मुझे यह भी मालूम है कि जब तक मैं कहीं किसी योजना में हाथ साफ नहीं करूंगा, किसी उंचे पद पर काबिज नहीं होउंगा, सत्ता की धन जुटाउ चाबी का लाभ नहीं उठाउंगा, तब तक नहीं लगता कि मैं फूटी कौड़ी जुटा सकता हूं ? अमीर बनने का सपना तो हर पल मन में समाया रहता है और मैं अपनी ओर से दो-चार पैसे जोड़कर अपनी ख्वाहिश पूरी करने की कोशिश भी करता हूं। हां, इतना जरूर लगता है कि अब मेरे भाग्य का बंद कपाट खुल गया है, क्योंकि इन दिनों रोज ही लखपति से करोड़पति बनने का सुनहरा मौका जो मिल रहा है।
एक बात बता दूं, मेरे पास कोई अथाह संपत्ति नहीं है, लेकिन इतना जरूर है कि ई-मेल आईडी बनाने तथा तकनीक से जुड़ने का मुझे भरपूर फायदा मिल रहा है। मुझे एक बात समझ में आती है कि यदि मैं जीवन भर पाई-पाई भी जोड़ूं तो भी कभी करोड़पति बनने का नहीं सोच सकता ? मगर अब मुझे अपनी मानसिकता बदलनी पड़ रही है, क्योंकि मैं जैसे ही अपना मेल खोलता हूं तो मेरे चेहरे खिल जाते हैं। मन अमीरी दुनिया में गोता लगाने लगता है, पल भर में दुनिया की मनचाही सुविधा हाथ में नजर आती है। यह स्वाभाविक भी लगता है कि जब किसी को जैकपॉट लगेगा तो वह उछलेगा, नाचेगा जरूर ? मेरी भी हालत कुछ ऐसी ही हो गई है। मेल पर ईनामी जानकारी मिलते ही मेरा अनमना मन आनंद से भर जाता है। जब कोई दो रूपये भी ईनाम में जीतता है या फिर कोई चीज, किसी सामान के साथ गिफ्ट में मिलता है। इस समय ऐसा लगता है, जैसे सारे जहां की संपत्ति हाथ आ गई है ? यह बात सोचकर हैरत में पड़ने से परे नहीं रह पाता कि मैं हर दिन करोड़ों का कृपा पात्र बनता हूं ? और तकनीक के फसाने का पूरा लुत्फ उठाने की कोशिश कर रहा हूं, किन्तु कुछ हाथ आए तो मजा आए ?
फिलहाल मैं देखते ही देखते करोड़पति तो बन गया हूं, किन्तु जेब में कंगाली छाई हुई है। तकनीक से जुड़कर अमीर बनने के सपने ऐसे पूरे होते हैं, यह जानकर मैं सोच रहा हूं कि इंटरनेट पर ऐसा कौन महान दानदाता बैठा है, जो समाज सेवा कर रहा है ? इनके सामने तो बफेट व बिल गेट्स जैसे व्यक्ति भी फेल खाते नजर आ रहे हैं ? मुझे इस बात से संतुष्टि है कि नोटों की गड्डी बटोरने के मेरे सपने, किसी तरह पूरे होते दिख रहे हैं, लेकिन मुझे यह भी सोचकर जलन होने लगी कि मुझ जैसे अन्य लोगों पर भी तकनीक पूरी तरह मेहरबान है और वे भी हर दिन लखपति-करोड़पति बन रहे हैं। कहीं आप भी इस कतार में तो नहीं है ? यदि हैं तो संभल जाइए...
 
राजकुमार साहू
लेखक व्यंग्य लिखते हैं

जांजगीर, छत्तीसगढ़
मोबा - 098934-94714
        

Views: 311

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Admin replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-128 (विषय मुक्त)
"स्वागतम"
21 hours ago
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion र"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-185
"जी बहुत शुक्रिया आदरणीय चेतन प्रकाश जी "
22 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion र"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-185
"आदरणीय मिथलेश वामनकर जी, प्रोत्साहन के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।"
yesterday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion र"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-185
"आ.लक्ष्मण सिंह मुसाफिर साहब,  अच्छी ग़ज़ल हुई, और बेहतर निखार सकते आप । लेकिन  आ.श्री…"
yesterday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion र"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-185
"आ.मिथिलेश वामनकर साहब,  अतिशय आभार आपका, प्रोत्साहन हेतु !"
yesterday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion र"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-185
"देर आयद दुरुस्त आयद,  आ.नीलेश नूर साहब,  मुशायर की रौनक  लौट आयी। बहुत अच्छी ग़ज़ल…"
yesterday
Chetan Prakash replied to Admin's discussion र"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-185
" ,आ, नीलेशजी कुल मिलाकर बहुत बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई,  जनाब!"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion र"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-185
"आ. भाई मिथिलेश जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और स्नेह के लिए आभार।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion र"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-185
"आ. भाई नीलेश जी, सादर अभिवादन।  गजल पर उपस्थिति और स्नेह के लिए आभार। भाई तिलकराज जी द्वार…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion र"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-185
"आ. भाई तिलकराज जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और विस्तृत टिप्पणी से मार्गदर्शन के लिए आभार।…"
yesterday
Tilak Raj Kapoor replied to Admin's discussion र"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-185
"तितलियों पर अपने खूब पकड़ा है। इस पर मेरा ध्यान नहीं गया। "
yesterday
Jaihind Raipuri replied to Admin's discussion र"ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-185
"आदरणीय मिथिलेश वामनकर जी नमस्कार बहुत- बहुत शुक्रिया आपका आपने वक़्त निकाला विशेष बधाई के लिए भी…"
yesterday

© 2025   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service