For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

*मन मनोरम* छ्न्द में गीत.....

*रोज चौकन्नी रहूँ मै,*
*किन्तु हरजाई न आये |*
*और मेरे मन भवन में,*
*मौन परछाईं न आये |*

खिल रहे थे पुष्प उर में,
साँझ आते ये झरे हैं।
भूल मैं सुधि-बुधि गयी हूँ,
साख उर के ये हरे हैं।
आंख मेरी ये थकी हैं।
लौट तरुणाई न आये।

*रोज चौकन्नी रहूँ मै,*
*किन्तु हरजाई न आये |

चाँदनी बिखरी पड़ी थी,
भर लिया दामन में है।
जब भी पिघले अश्रुजल ये,
चख लिया सावन में है।
वेदना बढ़ती गयी थी,
किन्तु करुणाई न आये।

*रोज चौकन्नी रहूँ मै,*
*किन्तु हरजाई न आये |*

दीप गर बन तुम गए हो
लौ की भाँति मैं जली हूँ।
रख अगर आगोश में लो
अंततः मैं ही ढली हूँ।
बीतती ये रात जाती
कन्त अरुणाई न आये।

*रोज चौकन्नी रहूँ मै,*
*किन्तु हरजाई न आये |*

अप्रकाशित/मौलिक

Views: 432

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by अनहद गुंजन on August 20, 2017 at 8:10pm
आदरणीय बृजेश कुमार जी सादर आभार आपका.....☺
Comment by अनहद गुंजन on August 20, 2017 at 8:09pm
आदरणीया सुनन्दा जी विशेष आभार आपकी स्नेह पूर्ण टिप्पणी कर सराहना करने के लिए.....☺☺
Comment by अनहद गुंजन on August 20, 2017 at 8:08pm
हौसला अफाजाई करने के लिए आदरणीय मोहित जी आपका हार्दिक आभार....../\......
Comment by sunanda jha on August 20, 2017 at 3:12pm
वाहहहहह आदरणीया गुँजन जी बहुत ही प्यारा गीत मन्मनोरम छंद में ।हार्दिक बधाई स्वीकार करें सादर ।
Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on August 18, 2017 at 10:41pm
बहुत अनुपम मधुर गीत हुआ आदरणीया..हार्दिक बधाई

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय रिचा यादव जी, बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई है। बधाई स्वीकार करें।"
2 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, अति सुंदर ग़जल के लिए बधाई स्वीकार करें।"
2 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आ. भाई तिलकराज जी, सादर अभिवादन।गजल पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए आभार। बहुत सुंदर सुझाव दिया…"
2 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय रिचा यादव जी, प्रोत्साहन के लिए हार्दिक आभार।"
2 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी, प्रोत्साहन के लिए हार्दिक आभार।"
2 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आ. रिचा जी, हार्दिक धन्यवाद।"
2 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आ. भाई अजय जी, गजल पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए आभार।"
2 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय अजय गुप्ता जी, सुंदर ग़जल के लिए बधाई स्वीकार करें।"
2 hours ago
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आदरणीय तिलकराज कपूर जी, आपका सुझाव उचित है। इसे ठीक कर लूंगा। आपकी टिप्पणी व सुझाव के लिए हादिक्…"
2 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"शुक्रिया मेरे भाई "
4 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"बहुत बहुत आभार आदरणीय। आप सब से सकारात्मक प्रतिक्रिया और प्रयास करने को प्रेरित करती…"
4 hours ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-188
"आभार ऋचा जी "
4 hours ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service