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हे भारत के वीर युवाओं,
कर लो नमन माँ सरस्वती को,
दिखा दो ताकत दुनियाँ को,
कितनी शक्ति है तेरे कलमों में!!

कोई बाँट ना पाये हमको,
ऐसा इतिहास लिखो युवाओं,
हर घर में वीर जन्मा है,
बस कोई उन्हें जगा दो!!

तलवार नहीं अपनी-अपनी कलम उठाओ,
देश में ऐसा क्रान्ति लाओ,
लूटेरे और भ्रष्टाचारियों को,
अपनी कलम की ताकत दिखा दो!!

कलम की ताकत को समझ लो युवाओं,
ये बिन चिंगारी के भी आग जलाती है,
देश के गद्दारों और दुश्मनों को,
हर पापी को सजा दिलाती है!!

रोकना नहीं कलम को अपने,
इसे चलाते ही रहना है,
जब तक भ्रष्टमुक्त भारत नहीं बनता,
तुफानों में भी आग जलाना है!!

कलम में स्याही ना होने का,
बहाना मत बनाना युवाओं,
वरना सच्चाई हार जाएगी,
और बेईमानी जीत जाएगी!!

कलम को अपने झुकने न देना,
चाहे कितनी भी आफत पड़े,
कर देना कोई ऐसा काम,
दुनियाँ भी तुझको याद करे!!

            सुशील कुमार वर्मा
         सिन्दुरियां - महराजगंज
         गोरखपुर विश्वविद्यालय

       ( मौलिक व अप्रकाशित )

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Comment by Mahendra Kumar on January 23, 2018 at 7:54pm

इस प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए आ. सुनील जी. सादर.

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