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कभी है ऊपर कभी नीचे, यह साँप सीडी का खेल

बजट में मंत्री खेलते हैं, यह साँप सीडी का खेल |

आँकड़ों का खेल है सबकुछ, आँकड़े सब जादुई का

टैक्स घटाया सेस बढ़ाया, यह साँप सीडी का खेल |

 

एक थैली का मॉल निकाल, रखा दूसरी थैली में

नया बोतल शराब पुरानी, यह साँप सीडी का खेल |

सब चीजों का भाव बढ़ गए, फिर भी बजट गरीबों का

उलटी गंगा बही खेल में, यह साँप सीडी का खेल |

आशाओं के दीप जलाकर, उस पर पानी डाल दिया

किससे लिया किसको दिया जाने साँप सीडी का खेल |

मुदित बड़े सभी सांसद हुए, जोरदार तालियाँ बजी

वेतन वृद्धि की ख़ुशी अपार, यह साँप सीडी का खेल |

मध्यम वर्गी वेतन भोगी, सरकारी या सिर्फ निजी

हवा हल्क में अटक गयी है, यह साँप सीडी का खेल |

उज्ज्वला योजना निराश है, गैस भरने पैसे नहीं

सिलेंडर संग फोटो खींचा, यह साँप सीडी का खेल|

पाँच करोड़ नियुक्ति चाहिए, वादा किया सत्तर लाख

अब राम नाम भजलो बाकी, यह साँप सीडी का खेल | 

मौलिक व अप्रकाशित   

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Comment

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Comment by Samar kabeer on February 4, 2018 at 9:18pm

जनाब कालीपद प्रसाद मण्डल जी आदाब,ये रचना अभी बहुत समय चाहती है ।

Comment by सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' on February 4, 2018 at 4:04pm

आद0 कालीपद जी सादर अभिवादन। अच्छा प्रयास है ग़ज़ल का और व्यंग भी अच्छा पर लय के लिए थोड़ा लगना होंगा। बहरहाल इस प्रस्तुति पर बधाई

कृपया ध्यान दे...

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