For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

मै निराश हूँ……………….

कभी तो मेरा प्यार तुम्हे याद आयेगा ,

कभी तो तुम्हारा दिल मेरे लिए तड़पेगा ,

जैसे की आज मै तड़पता हूँ, ,

सुबह को न सही, दोपहर को न सही ,

शाम को न सही ,रात को न सही ,

अपने मिलन की कोइ घडी तो याद आएगी ?

जब कोइ तुम्हारा दिल दुखायेगा ,

तब मेरा प्यार याद आयेगा ,

कभी तो तुम्हारा दिल तड़पेगा ?

जैसे आज मै तड़पता हूँ, ,

तुम मेरे बेगैर एक पल भी नहीं रह पाते थे ,

मुझे न देखने पर बेचैन हो जाते थे ,

अब ओ प्यार कहाँ गया ?

अब ओ बेचैनी कहाँ गयी ?

प्यार कभी मरता नहीं यैसी बोल गए ,

प्यार की प्यास में तड़पता क्यूँ छोड़ गए ??

तुमसे मिलने हम तब आते ,

जब सो रहा होता सारा जहाँ ,

तुझमे भी ओ तड़प होती थी ,

अब ओ चाह खो गयी कहाँ ?

तुम्हें छोड़ जाना ही था तो ,

क्यूँ मिलन की प्रीत जगाई थी ?

दिल का सकूँ लेना ही था तो ,

क्यूँ मेरे दिल में आग लगाई थी ?

जिस गलियों में हम मिला करते थे ,

वे गलियाँ आज बहुत सुनी है ,

क्या वह गली तुम्हें याद नहीं आती ?

मै आज कितना तड़पता हूँ ,

आज मै कितना दुखी हूँ ,

मेरा मन बेहद उदास है ,

कुछ भी नहीं है पास और ना ही तुम्हारा साथ है ?

कुछ बूंद आंसू बचे है इन आँखों में , और मै निराश हूँ

Views: 92

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Sanjay Rajendraprasad Yadav on August 11, 2012 at 4:29pm

धन्यवाद सुरेन्द्र जी .............!!

आपको भी मेरी तरफ से जन्माष्टमी की हार्दिक शुभ कामनाये

Comment by SURENDRA KUMAR SHUKLA BHRAMAR on August 10, 2012 at 12:45pm

जब कोइ तुम्हारा दिल दुखायेगा ,

तब मेरा प्यार याद आयेगा ,

कभी तो तुम्हारा दिल तड़पेगा ?

जैसे आज मै तड़पता हूँ, ,

तुम मेरे बेगैर एक पल भी नहीं रह पाते थे ,

मुझे न देखने पर बेचैन हो जाते थे ,

अब ओ प्यार कहाँ गया ?

प्रिय संजय जी सच में प्यार सच्चा हो और फिर वफ़ा न हो तो मन बोझिल हो जाता है बमुश्किल ही सम्हल पाता है आप का सब का प्यार मिले अगर परिस्थितियाँ ले बढ़ी हों प्रियतम को दूर  तो फिर भुलाने की चेष्टा ही करना अच्छा होता है आइये हम वास्तु स्थिति पता कर ही किसी पर इल्जाम शिकवा गिला करें .... निराशा राह नहीं है 

जन्माष्टमी की हार्दिक शुभ कामनाये आप सपरिवार और सारी प्यारी मित्र मण्डली को भी 
भ्रमर ५ 
Comment by Sanjay Rajendraprasad Yadav on May 20, 2012 at 10:34am
नमस्कार  जी,
डा.सूर्या बाली "सूरज"जी आपका आभार दिल से .........................!!! 
Comment by डॉ. सूर्या बाली "सूरज" on May 19, 2012 at 11:47pm

संजय जी बहुत सुंदर और उम्दा रचना ! कोटिश बधाइयाँ स्वीकार हो ! ऐसे ही उन्मुक्त होके लिखते रहे ! बहुत अच्छा लगा !

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

TEJ VEER SINGH commented on Sushil Sarna's blog post एक लम्हा ....
"हार्दिक बधाई आदरणीय सुशील सरना जी।बढ़िया प्रस्तुति।"
7 minutes ago
TEJ VEER SINGH commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post एक गजल - ढूँढ रहा हूँ
"हार्दिक बधाई आदरणीय बसंत कुमार जी।बढ़िया गज़ल। डाँट-डपट सँग रूठा-राठी, माँ की लोरी मीठी-मीठी…"
11 minutes ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post समाज - लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय समर क़बीर साहब जी।"
15 minutes ago
Samar kabeer commented on Mohammed Arif's blog post बारिश की क्षणिकाएँ
"जनाब नरेंद्रसिंह चौहान साहिब आदाब,आप जब भी किसी रचना पर अपनी टिप्पणी देते हैं तो लगता है जैसे कोई…"
1 hour ago
बसंत कुमार शर्मा posted a blog post

एक गजल - ढूँढ रहा हूँ

माँ सिलती थी बड़े जतन से, कहाँ बिछौने ढूँढ रहा हूँकहाँ गया वो नटखट बचपन, कहाँ खिलौने ढूँढ रहा…See More
1 hour ago
बसंत कुमार शर्मा commented on Sushil Sarna's blog post एक लम्हा ....
"बेहतरीन प्रस्तुति "
1 hour ago
बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post ख्वाब कोई तो मचलना चाहिए
" आदरणीया  Sushil Sarna जी आपका बहुत बहुत धन्यवाद "
2 hours ago
बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post ख्वाब कोई तो मचलना चाहिए
"आदरणीया Neelam Upadhyaya जी आपका बहुत बहुत धन्यवाद "
2 hours ago
बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post ख्वाब कोई तो मचलना चाहिए
"आदरणीय  TEJ VEER SINGH जी आपका बहुत बहुत धन्यवाद "
2 hours ago
narendrasinh chauhan commented on Mohammed Arif's blog post बारिश की क्षणिकाएँ
" खूब  सुन्दर रचना "
2 hours ago
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post एक लम्हा ....
"खूब सुंदर रचना  पर हार्दिक बधाई आदरणीय सुशील जी"
2 hours ago
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post क्षणिका :विगत कल
"बहुत खूब "
2 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service