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हमके बेसरम कर देला तोहर एगो बात ,
ओहदिने बोलब जहिया तोहर थमाब हाथ ,
हमके बेसरम कर देला तोहर एगो बात ,
तोहर पहिरावा तोहके अच्छा लागेला ,
बाकिर हमरा मनवा के बुरा लागेला ,
तोहरा पर अधिकार नइखे हमरा बाटे ज्ञात ,
हमके बेसरम कर देला तोहर एगो बात ,
लोग के बतिया सुन के दिमाग चकराला ,
हथवा बिना मतलब केहू पर चल जला ,
लोगवा के इ लगे ला दीवाना वाली बात ,
हमके बेसरम कर देला तोहर एगो बात ,
समीज सलवार पहिनतु चुनी रहित साथ ,
चाहे साडी पहिनतु त ढकल रहित माथ ,
तोहर दू पिस हमारो से करवावे ला बकवास ,
हमके बेसरम कर देला तोहर एगो बात ,

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Replies to This Discussion

Guru jee, badhiya ba e rachna, tanik hamkey lagat ba ki jawan rauwaa kahal chahat bani wokara khatir "Besaram" shabd key jagah SHARMINDA ya SHARMSAR shabd rahit ta jyada upukt rahit, baaki sab thik ba rauwaa aaj kal key fasion par vaar kailey baani, wo sahi ba, Dhanyabad,
guru jee is kavita ke liye main bahut dhanyawad dena chahunga aapko kyoki ........aapne is kavita roopi hathon se bhojpuria sanskriti me bacteria roopi aslilta ko jordar tamacha diya hai ............hamari bhojpuria sanskriti apne sunder aur swachh ,aslilta vihin,ganga ki tarah pawan sadio se chali aarahi dharohar ke liye hi prasidh hai ,jaha aajkal yah aslilta apna pair pasarana suru kar diya hai ....

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