For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Ravi Shukla's Discussions (1,143)

Discussions Replied To (1062) Replies Latest Activity

"आदरणीय अशोक जी सुन्दर गीत रचा आपने भाव पूर्ण प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई स्वीकार क…"

Ravi Shukla replied Nov 13, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-61

567 Nov 14, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"जहाँ मैं (उत्सव)हूँ वहां बाकी सब व्यर्थ है जहाँ मैं नहींहू वह सब कुछ व्यर्थ है । मैं…"

Ravi Shukla replied Nov 13, 2015 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-61

567 Nov 14, 2015
Reply by Saurabh Pandey

सदस्य टीम प्रबंधन

"माफी जैसे शब्‍द प्रयोग करके स्‍नेह को बोझिल न करें आदरणीय मोबाईल पर उपयोग की कठिनाई…"

Ravi Shukla replied Oct 26, 2015 to प्रथम अंतरराष्ट्रीय ग़ज़ल संगोष्ठी – इलाहाबाद जश्न-ए-ग़ज़ल 2015 -आयोजन रिपोर्ट

11 Nov 11, 2015
Reply by Saurabh Pandey

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीय सौरभ जी अपनी व्यस्तताओं के उपरान्त भी आपने आयोजन की रिपोर्ट मंच पर साथियो के…"

Ravi Shukla replied Oct 25, 2015 to प्रथम अंतरराष्ट्रीय ग़ज़ल संगोष्ठी – इलाहाबाद जश्न-ए-ग़ज़ल 2015 -आयोजन रिपोर्ट

11 Nov 11, 2015
Reply by Saurabh Pandey

"आदरणीय स्नेही मित्रो ग़ज़ल पर आप सबकी शिरकत और हौसला अफ़ज़ाई से बहुत ही ख़ुशी हुई है बहुत…"

Ravi Shukla replied Oct 24, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-64

534 Oct 25, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"रहने के मशागिल से घर अपने नही होते लगते है मकीं अपने पर अपने नही होते मेहमान परिंदो…"

Ravi Shukla replied Oct 24, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-64

534 Oct 25, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय नफीस साहब उम्दा ग़ज़ल कही है आपने इस बार मुशयरे में कई नए शुअरा का कलाम हमे पढ़न…"

Ravi Shukla replied Oct 23, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-64

534 Oct 25, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय गिरिराज जी सुन्‍दर ग़ज़ल हुई है जो खोखली मुस्कानें , ले हाथ मिलाते हैं कितना…"

Ravi Shukla replied Oct 23, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-64

534 Oct 25, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय तसदीक साहब  आपके साथ इस बार कई नये शुअरा को मुशायरे में शिरकत करते हुए देख रह…"

Ravi Shukla replied Oct 23, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-64

534 Oct 25, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय नायाब जी बढ़िया ग़ज़ल कही है आपने ....शेर दर शेर दिली दाद कुबूल फरमाएं बारिश से…"

Ravi Shukla replied Oct 23, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-64

534 Oct 25, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Jaihind Raipuri posted a blog post

वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैं

ग़ज़ल 2122  1212  22वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैकितने दुःख दर्द से भरा दिल हैये मेरा क्यूँ हुआ है…See More
Thursday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया से समृद्ध हुआ । हार्दिक आभार आदरणीय । फागोत्सव…"
Wednesday
Nilesh Shevgaonkar and Dayaram Methani are now friends
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212   22 वो समझते हैं मस्ख़रा दिल है कितने दुःख दर्द से भरा दिल…"
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

माना कि रंग भाते न फिर भी अगर पड़े -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२***पीछे गयी  है  छूट  जो  होली  गुलाल की साजिश है इसमें देख सियासी कपाल की।१। *…See More
Tuesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"जय-जय सादर"
Feb 28
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"बेटा,  व्तक्तिवाची नहीं"
Feb 28

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"  आदरणीय दयाराम जी, रचनाकार का काम रचनाएँ प्रस्तुत करना है। पाठक-श्रोता-समीक्षक रचनओं में अपनी…"
Feb 28
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"आदरणीय सौरभ पांडेय जी, हर रचना से एक संदेश देने का प्रयास होता है। मुझे आपकी इस लघु कथा से कोई…"
Feb 28

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"उत्साहवर्द्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी जी।  आप उन शब्दों या पंक्तियों को…"
Feb 28
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर लघुकथा हुई है। हार्दिक बधाई। एक दो जगह टंकण त्रुतियाँ रह…"
Feb 28

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service