For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Abhinav Arun's Discussions (1,778)

Discussions Replied To (1523) Replies Latest Activity

सदस्य टीम प्रबंधन

"मानता हूँ गज़लगोई में नया हूँ ,पर मैं इतना सोच कर ,बनाकर ,प्रयास कर नहीं लिखता ,बस 'व…"

Abhinav Arun replied Sep 19, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-3 (Now Closed)

380 Sep 23, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

सदस्य टीम प्रबंधन

"मेरी आँखों में आखिर नमी रह गयी, ज़िन्दगी में तुम्हारी कमी रह गयी. उड़ चले जो परिंदे…"

Abhinav Arun replied Sep 18, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-3 (Now Closed)

380 Sep 23, 2010
Reply by योगराज प्रभाकर

"जान कर ख़ुशी हुई . यह ओ बी ओ की जीवन्तता का प्रतीक होगा और स्वस्थ माहौल बनाएगा .शुभक…"

Abhinav Arun replied Sep 15, 2010 to रचनाओं को सम्मानित करने की एक अनूठी पहल @ महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना ( Best Creation of the Month )

871 Oct 14, 2023
Reply by rohit mitro

सदस्य टीम प्रबंधन

"तरही में मज़ा आ गया .पुरुषोत्तम जी क्या कहना -- 'धुँआ न होता है जुदा लौ से कभी "आज़र"…"

Abhinav Arun replied Sep 12, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-२ ( Closed Now )

97 Sep 15, 2010
Reply by Navin C. Chaturvedi

सदस्य टीम प्रबंधन

"हकीकत बयान कर गए आप बहुत बढ़िया ...क्या कामयाब शेर है.. 'छ्ला गया हरेक बार भावना में…"

Abhinav Arun replied Sep 12, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-२ ( Closed Now )

97 Sep 15, 2010
Reply by Navin C. Chaturvedi

सदस्य टीम प्रबंधन

"क्या बात है ..इतने में इतना ..लाजवाब ..."

Abhinav Arun replied Sep 12, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-२ ( Closed Now )

97 Sep 15, 2010
Reply by Navin C. Chaturvedi

सदस्य टीम प्रबंधन

"बहुत खूब राणा जी एक-एक शेर मोतियों जैसा किस का ज़िक्र करूं. नहले पर दहला .... 'न आया…"

Abhinav Arun replied Sep 12, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-२ ( Closed Now )

97 Sep 15, 2010
Reply by Navin C. Chaturvedi

सदस्य टीम प्रबंधन

"वाह भाई वाह !!! मन मिज़ाज से मुशायरे का मज़ा आ गया !! "नज़र मिला के हमने तुमसे बस ये पा…"

Abhinav Arun replied Sep 12, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-२ ( Closed Now )

97 Sep 15, 2010
Reply by Navin C. Chaturvedi

सदस्य टीम प्रबंधन

"समाज में बागी अब कम ही दीखते है चापलूसों की भीड़ है ,चलिए शायरी में ही सही सच कहने मे…"

Abhinav Arun replied Sep 12, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-२ ( Closed Now )

97 Sep 15, 2010
Reply by Navin C. Chaturvedi

सदस्य टीम प्रबंधन

"अपने से पहले आपको ही ओ .बी .ओ. पर पढ़ा था आपने भी क्या खूब शेर कहे हैं वाह ! "ग़ज़ल के…"

Abhinav Arun replied Sep 12, 2010 to OBO लाइव तरही मुशायरा-२ ( Closed Now )

97 Sep 15, 2010
Reply by Navin C. Chaturvedi

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

आशीष यादव replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय श्री अशोक कुमार जी इस कजरी पर टिप्पणी के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद।  आज के परिवेश…"
13 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय आशीष यादव जी सादर, सावन की सुंदर और मधुर  फुहारों में यह कजरी की प्रस्तुति  बहुत…"
20 hours ago
vijay nikore posted a blog post

सांकल मन के द्वार पर

सांकल मन के द्वार परजब-जब जहाँ कहीं फूल खिलेतुझे याद किया था हमने ... "क्या...तुम्हारे मन के द्वार…See More
21 hours ago
आशीष यादव added a discussion to the group भोजपुरी साहित्य
Thumbnail

कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी)

काहें सावन में देला अइसे शॉक पिया कइके हमके ब्लाॅक पिया ना …….. मनवा तोहके पुकारे नैना फोनवा…See More
yesterday
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

हरिगीतिका छंद

  हरि नाम लो हरि नाम लो हरि, नाम लो  हरि नाम लो।यह नाम  ही  है  सत्य  मानव,  भोर लो नित शाम…See More
Friday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर,  चौपाइयों की इस प्रस्तुति पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हृदय से…"
Friday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत चौपाइयों की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार. जी !…"
Friday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक - - - - शोखी

दोहा पंचक. . . . . शोखीशोख उमर की शोखियाँ, चंचल दृग संकेत ।भीगा यौवन मद भरा, दिल को करे अचेत…See More
Jul 21

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय अशोक भाईजी, वर्षा ऋतु, विशेषकर सावन मास, के नम क्षणों का रागात्मक वर्णन रोचक बन पड़ा है.…"
Jul 20
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आ. भाई अशोक जी, सादर अभिवादन। पावस पर सुंदर चौपाइयों की रचना हुई है। हार्दिक बधाई।"
Jul 18
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

चौपाइयाँ

दोहाबरखा के बढ़ते क़दम, आये  हैं  अब पास।दूर नहीं है साजना, सुरभित सावन मास।। चौपाईवह फुहार वह साथ…See More
Jul 14
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"  आदरणीय चेतन प्रकाश साहब सादर नमस्कार, यही तो मुख्य है विषय है इस रचना का. नदी नहीं उफ़नाई है.…"
Jul 14

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service