For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Ashok Kumar Raktale's Discussions (6,424)

Discussions Replied To (3553) Replies Latest Activity

सदस्य टीम प्रबंधन

"जी ठीक है !  कुछ और सुधार करता हूँ. सादर. "

Ashok Kumar Raktale replied Aug 1, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-49 की सभी रचनाओं का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)

32 Apr 26, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीय राणा प्रताप सिंह जी सादर, चिन्हित मिसरे अवश्य सीखने का अवसर हैं. मतले वाले मि…"

Ashok Kumar Raktale replied Jul 29, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-49 की सभी रचनाओं का संकलन (चिन्हित मिसरों के साथ)

32 Apr 26, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय नादिर खान साहब सादर, सुन्दर गजल कही है. इस सुन्दर प्रस्तुति पर सादर बधाई स्वी…"

Ashok Kumar Raktale replied Jul 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-49

431 Jul 26, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"आदरणीय लक्षमण जी सादर, सुन्दर गजल कही है दिल से मुबारकबाद स्वीकारें. सादर."

Ashok Kumar Raktale replied Jul 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-49

431 Jul 26, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"आदरणीय गुमनाम जी सादर, सुन्दर गजल हुई है सभी अशआर सुन्दर कहे है. भरपूर बधाई स्वीकारे…"

Ashok Kumar Raktale replied Jul 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-49

431 Jul 26, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"जी उचित कहा है आपने. आदरणीय निलेश जी सादर मैं अवश्य आपकी सलाह का ध्यान रखूंगा. रचना…"

Ashok Kumar Raktale replied Jul 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-49

431 Jul 26, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"आदरणीय राणा प्रताप सिंह जी सादर, आपकी बधाई हौसला देती है. सादर आभार."

Ashok Kumar Raktale replied Jul 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-49

431 Jul 26, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"आदरणीय मोहन बेगोवाल जी आपकी प्रतिक्रिया से सम्बल मिला सादर आभार."

Ashok Kumar Raktale replied Jul 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-49

431 Jul 26, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"जी ! सही कहा है आपने इतना अपनापन रखकर सिखाने वाले और कहीं नहीं हैं. यही कारण हौंसला…"

Ashok Kumar Raktale replied Jul 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-49

431 Jul 26, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

"ढल चुका शबाब मगर जालिम इतरा के अभी भी चलते हैं राहों में किसी दिन दीवाने इन्हें मदिर…"

Ashok Kumar Raktale replied Jul 26, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-49

431 Jul 26, 2014
Reply by भुवन निस्तेज

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale posted a blog post

चौपाइयाँ

दोहाबरखा के बढ़ते क़दम, आये  हैं  अब पास।दूर नहीं है साजना, सुरभित सावन मास।। चौपाईवह फुहार वह साथ…See More
Tuesday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"  आदरणीय चेतन प्रकाश साहब सादर नमस्कार, यही तो मुख्य है विषय है इस रचना का. नदी नहीं उफ़नाई है.…"
Tuesday
Chetan Prakash commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय,  अशोक  रक्ताले साहब, नमस्कार  !  लेकिन  यह कैसी "रिमझिम…"
Tuesday
Profile IconShyamsundar Chatterjee , Alamseti ajita kumar and Dr. Mohd Israr joined Open Books Online
Tuesday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत रचना की सारगर्भित समीक्षा कर आपने मेरे सृजन कार्य को सार्थकता…"
Jul 11
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"परम आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम - सर सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार…"
Jul 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"वायव्य दशा के प्रस्तुतीकरण के क्रम में बना विश्वास प्रस्तुति की शाब्दिकता को स्थापित करता हुआ सफल…"
Jul 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"संसार का मंच एक गंभीर विषय है. तदनुरूप आपका प्रयास श्लाघनीय है, आदरणीय सुशील सरना जी.  कई…"
Jul 10

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"आदरणीय अशोक भाईजी, कितनी निष्कपट, कितनी भोली, कितनी सरस कविता हुई है ! जैसे, कोई अबोध बच्चा…"
Jul 10
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"आदरणीय  अशोक रक्ताले जी सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार आदरणीय…"
Jul 9
Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"चुप रहिए...  वाह  क्या रदीफ़ है, इसे देखकर ही मैं हाज़िर हो गया.  रहना हो भारत में…"
Jul 5
Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . .मंच
"अभिनय करते मंच पर, माटी के किरदार ।जीवन की अनुभूतियाँ, करते वो साकार ।।.....सच है अभिनय जीवन की…"
Jul 5

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service