For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

munish tanha's Discussions (683)

Discussions Replied To (683) Replies Latest Activity

"आदरणीया ऋचा यादव जी बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई है बधाई कुबूल किजिए"

munish tanha replied Dec 29, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138

429 Dec 29, 2021
Reply by Deepanjali Dubey

"आदरणीय शिज्जु शकूर जी बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई है बधाई कुबूल किजिए साथ में आदरणीय समर साहि…"

munish tanha replied Dec 29, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138

429 Dec 29, 2021
Reply by Deepanjali Dubey

"राम सीता राधे मोहन आप ही भगवान हो बस यही तो सोच कर दुनियां दिवानी आपकी"

munish tanha replied Dec 28, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138

429 Dec 29, 2021
Reply by Deepanjali Dubey

"जब से देखी बाग़ में सूरत सुहानी आपकी तब से दिल मदहोश ढूंढे पासबानी आपकी राम सीता राध…"

munish tanha replied Dec 28, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138

429 Dec 29, 2021
Reply by Deepanjali Dubey

"कृपा करके अब देखिए  जब से देखी बाग़ में सूरत सुहानी आपकी  तब से दिल मदहोश ढूंढे पासबा…"

munish tanha replied Dec 28, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138

429 Dec 29, 2021
Reply by Deepanjali Dubey

"जनाब ठीख किया है देखें कल अचानक देख ली सूरत सुहानी आपकी दिल हुआ मदहोश देखी जो जवानी…"

munish tanha replied Dec 28, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138

429 Dec 29, 2021
Reply by Deepanjali Dubey

"कल अचानक देख ली सूरत सुहानी आपकी दिल हुआ मदहोश देखी जब जवानी आपकी राम हो सीता के तु…"

munish tanha replied Dec 28, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138

429 Dec 29, 2021
Reply by Deepanjali Dubey

"आए नहीं वो रात हुए नीमजां से हम दर पे टिकी निग़ाहें संगे आस्ताँ से हम इस ज़िन्दगी से…"

munish tanha replied Sep 24, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135

284 Sep 25, 2021
Reply by नादिर ख़ान

"दिल में झांका रब को देखा तो लगे शाहाना हमजां तो ठहरी झूठी रखते ,रब से अब याराना हम…"

munish tanha replied Jul 28, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133

256 Jul 29, 2021
Reply by Samar kabeer

"जनाब समर कबीर साहिब अब देखिएगा दिल में झांका रब को देखा तो लगे शाहाना हमजां तो ठहरी…"

munish tanha replied Jul 28, 2021 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133

256 Jul 29, 2021
Reply by Samar kabeer

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
5 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

तब मनुज देवता हो गया जान लो,- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२१२/२१२/२१२/२१२**अर्थ जो प्रेम का पढ़ सके आदमीएक उन्नत समय गढ़ सके आदमी।१।*आदमीयत जहाँ खूब महफूज होएक…See More
11 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . रिश्ते
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहै हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
12 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . रिश्ते

दोहा पंचक. . . . रिश्तेमिलते हैं  ऐसे गले , जैसे हों मजबूर ।निभा रहे संबंध सब , जैसे हो दस्तूर…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post देवता क्यों दोस्त होंगे फिर भला- लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन व आभार।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई रवि जी, सादर अभिवादन। गजल पर उपस्थिति और सुंदर सुझाव के लिए हार्दिक आभार।"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"बेशक। सच कहा आपने।"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"मेरा प्रयास आपको अच्छा और प्रेरक लगा। हार्दिक धन्यवाद हौसला अफ़ज़ाई हेतु आदरणीय मनन कुमार सिंह जी।"
yesterday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"आदाब।‌ नववर्ष की पहली गोष्ठी में मेरी रचना पर आपकी और जनाब मनन कुमार सिंह जी की टिप्पणियों और…"
yesterday
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"प्रेरक रचना।मार्ग दिखाती हुई भी। आज के समय की सच्चाई उजागर करती हुई। बधाइयाँ लीजिये, आदरणीय उस्मानी…"
yesterday
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"दिली आभार आदरणीया प्रतिभा जी। "
yesterday
Manan Kumar singh replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-130 (विषय मुक्त)
"हार्दिक आभार आदरणीय उस्मानी जी। "
yesterday

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service