For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA's Discussions (965)

Discussions Replied To (536) Replies Latest Activity

"आदरणीय प्राची जी, सादर  प्रीति शंख के नाद सा, मन झूमे हेमंत. शानदार, बधाई "

PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA replied Dec 10, 2012 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 26

865 Dec 10, 2012
Reply by डॉ. सूर्या बाली "सूरज"

"राह नज़रों में समाती है नहीं अब।कौन है जो रास्तों को खा गया है।। बहुत खूब, अनन्त जी,…"

PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA replied Dec 10, 2012 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 26

865 Dec 10, 2012
Reply by डॉ. सूर्या बाली "सूरज"

"आदरणीय अशोक जी, सादर अभिवादन  शीघ्र ढलती सांझ अब तो,लम्बी हुई रात, छूटे न अब खाट बिस…"

PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA replied Dec 10, 2012 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 26

865 Dec 10, 2012
Reply by डॉ. सूर्या बाली "सूरज"

"गर्म रजाई देती प्यार का न्योता अब तो आजा आदरणीय त्रिपाठी जी,  सादर  बधाई "

PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA replied Dec 10, 2012 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 26

865 Dec 10, 2012
Reply by डॉ. सूर्या बाली "सूरज"

"आदरणीय धीरेन्द्र जी , सादर  चाँदनी रातें फीकी सी लग रही है,मेरे प्रियतम ने दीप उजारा…"

PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA replied Dec 10, 2012 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 26

865 Dec 10, 2012
Reply by डॉ. सूर्या बाली "सूरज"

"हजम करें तर माल वो,तृषित इधर हैं नैन क्या कुहरे में जम गये,प्रेम भरे दो बैन |  वाह अ…"

PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA replied Dec 10, 2012 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 26

865 Dec 10, 2012
Reply by डॉ. सूर्या बाली "सूरज"

"आदरणीय अम्बरीश जी , सादर अभिवादन  परिचय पढ़ हेमंत का, ठिठुरे मेरे हाथ  कट जाएगा सफर भ…"

PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA replied Dec 10, 2012 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक - 26

865 Dec 10, 2012
Reply by डॉ. सूर्या बाली "सूरज"

सदस्य टीम प्रबंधन

"आदरणीय सर जी बधाई."

PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA replied Dec 1, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा"अंक २९ मे शामिल सभी ग़ज़लें एक साथ

15 Apr 26, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय प्रधान संपादक जी, सादर अभिवादन आभारकुछ तो रहा ही होगा, उसमें, तकनीकी के आलावा…"

PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA replied Nov 30, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा"अंक २९

834 Dec 1, 2012
Reply by Saurabh Pandey

"पास अपने गुलेल रखता है हाथ उसके न तू कबूतर दे वैसे सुरक्षित इन्ही हाथों में रह  सकता…"

PRADEEP KUMAR SINGH KUSHWAHA replied Nov 30, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा"अंक २९

834 Dec 1, 2012
Reply by Saurabh Pandey

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

आशीष यादव replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय श्री अशोक कुमार जी इस कजरी पर टिप्पणी के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद।  आज के परिवेश…"
yesterday
Ashok Kumar Raktale replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय आशीष यादव जी सादर, सावन की सुंदर और मधुर  फुहारों में यह कजरी की प्रस्तुति  बहुत…"
yesterday
vijay nikore posted a blog post

सांकल मन के द्वार पर

सांकल मन के द्वार परजब-जब जहाँ कहीं फूल खिलेतुझे याद किया था हमने ... "क्या...तुम्हारे मन के द्वार…See More
yesterday
आशीष यादव added a discussion to the group भोजपुरी साहित्य
Thumbnail

कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी)

काहें सावन में देला अइसे शॉक पिया कइके हमके ब्लाॅक पिया ना …….. मनवा तोहके पुकारे नैना फोनवा…See More
Sunday
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

हरिगीतिका छंद

  हरि नाम लो हरि नाम लो हरि, नाम लो  हरि नाम लो।यह नाम  ही  है  सत्य  मानव,  भोर लो नित शाम…See More
Friday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर,  चौपाइयों की इस प्रस्तुति पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हृदय से…"
Friday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत चौपाइयों की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार. जी !…"
Friday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक - - - - शोखी

दोहा पंचक. . . . . शोखीशोख उमर की शोखियाँ, चंचल दृग संकेत ।भीगा यौवन मद भरा, दिल को करे अचेत…See More
Jul 21

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय अशोक भाईजी, वर्षा ऋतु, विशेषकर सावन मास, के नम क्षणों का रागात्मक वर्णन रोचक बन पड़ा है.…"
Jul 20
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आ. भाई अशोक जी, सादर अभिवादन। पावस पर सुंदर चौपाइयों की रचना हुई है। हार्दिक बधाई।"
Jul 18
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

चौपाइयाँ

दोहाबरखा के बढ़ते क़दम, आये  हैं  अब पास।दूर नहीं है साजना, सुरभित सावन मास।। चौपाईवह फुहार वह साथ…See More
Jul 14
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"  आदरणीय चेतन प्रकाश साहब सादर नमस्कार, यही तो मुख्य है विषय है इस रचना का. नदी नहीं उफ़नाई है.…"
Jul 14

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service