For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

इमरान खान's Discussions (790)

Discussions Replied To (588) Replies Latest Activity

"आदरणीय सौरभ भइया! बहुत आभार आपका, आपकी हौसला अफजाई अन्धेरे में दीपक की रोशनी की तरह…"

इमरान खान replied Oct 28, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १६ (Now closed with 740 Replies )

740 Oct 30, 2011
Reply by योगराज प्रभाकर

"रोमिंग में होने की वजह से अभी तक रचनाओं पर कोई टिप्पणी न कर पाने के लिए क्षमा प्रार्…"

इमरान खान replied Oct 28, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १६ (Now closed with 740 Replies )

740 Oct 30, 2011
Reply by योगराज प्रभाकर

"अपने हाथों से भी तक़दीर बना कर देखो, ज़िन्दग़ी क्या है किताबों को हटा कर देखो ।   वो स…"

इमरान खान replied Oct 27, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १६ (Now closed with 740 Replies )

740 Oct 30, 2011
Reply by योगराज प्रभाकर

प्रधान संपादक

"संपादक महोदय,           बहुत प्यारी और खूबसूरत है आपकी 'संपादकीय रपट' जिस खूबी से आप…"

इमरान खान replied Oct 10, 2011 to "ओबीओ लाईव महा उत्सव अंक १२" - (सम्पादकीय रपट)

50 Oct 13, 2011
Reply by Sanjay Mishra 'Habib'

"बड़ी मुश्किल रही सप्ताहांत में वक़्त ही नहीं मिला.. रचना अधूरी है मगर अब पूरी भी नहीं…"

इमरान खान replied Oct 9, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १२ (Now Closed with 1070 Replies)

1070 Oct 10, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"//दिन वो बचपन के हमारे थे बहुत ही ठाठ के, हैं बड़े हम आज तो घर के रहे ना घाट के // /…"

इमरान खान replied Oct 8, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १२ (Now Closed with 1070 Replies)

1070 Oct 10, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"अदभुत अद्वितीय भावनाओं से ओत प्रोत .. बचपन की यादों के साथ साथ वर्तमान की विडम्बनाओं…"

इमरान खान replied Oct 8, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १२ (Now Closed with 1070 Replies)

1070 Oct 10, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"सूरत भोली बचपन में, मीठी बोली बचपन में. छूना तितली बचपन में, आँख मिचोली बचपन में, मज…"

इमरान खान replied Oct 8, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १२ (Now Closed with 1070 Replies)

1070 Oct 10, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"//बच्चे होते राष्ट्र की, सन्निधि अति अनमोल, न्यारे करतब हों भले, प्यारे जिनके बोल। प…"

इमरान खान replied Oct 7, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १२ (Now Closed with 1070 Replies)

1070 Oct 10, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"सुन्दर भावों  से सजी इस रचना के लिए मेरी बधाई स्वीकार करें .. मोहिनी जी."

इमरान खान replied Oct 7, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १२ (Now Closed with 1070 Replies)

1070 Oct 10, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

आशीष यादव replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय श्री अशोक कुमार जी इस कजरी पर टिप्पणी के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद।  आज के परिवेश…"
4 hours ago
Ashok Kumar Raktale replied to आशीष यादव's discussion कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी) in the group भोजपुरी साहित्य
"आदरणीय आशीष यादव जी सादर, सावन की सुंदर और मधुर  फुहारों में यह कजरी की प्रस्तुति  बहुत…"
11 hours ago
vijay nikore posted a blog post

सांकल मन के द्वार पर

सांकल मन के द्वार परजब-जब जहाँ कहीं फूल खिलेतुझे याद किया था हमने ... "क्या...तुम्हारे मन के द्वार…See More
11 hours ago
आशीष यादव added a discussion to the group भोजपुरी साहित्य
Thumbnail

कइके हमके ब्लाॅक पिया ना ……..  (कजरी)

काहें सावन में देला अइसे शॉक पिया कइके हमके ब्लाॅक पिया ना …….. मनवा तोहके पुकारे नैना फोनवा…See More
yesterday
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

हरिगीतिका छंद

  हरि नाम लो हरि नाम लो हरि, नाम लो  हरि नाम लो।यह नाम  ही  है  सत्य  मानव,  भोर लो नित शाम…See More
Friday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर,  चौपाइयों की इस प्रस्तुति पर उत्साहवर्धन के लिए आपका हृदय से…"
Friday
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम, प्रस्तुत चौपाइयों की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार. जी !…"
Friday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक - - - - शोखी

दोहा पंचक. . . . . शोखीशोख उमर की शोखियाँ, चंचल दृग संकेत ।भीगा यौवन मद भरा, दिल को करे अचेत…See More
Jul 21

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आदरणीय अशोक भाईजी, वर्षा ऋतु, विशेषकर सावन मास, के नम क्षणों का रागात्मक वर्णन रोचक बन पड़ा है.…"
Jul 20
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Ashok Kumar Raktale's blog post चौपाइयाँ
"आ. भाई अशोक जी, सादर अभिवादन। पावस पर सुंदर चौपाइयों की रचना हुई है। हार्दिक बधाई।"
Jul 18
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

चौपाइयाँ

दोहाबरखा के बढ़ते क़दम, आये  हैं  अब पास।दूर नहीं है साजना, सुरभित सावन मास।। चौपाईवह फुहार वह साथ…See More
Jul 14
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post बरसात
"  आदरणीय चेतन प्रकाश साहब सादर नमस्कार, यही तो मुख्य है विषय है इस रचना का. नदी नहीं उफ़नाई है.…"
Jul 14

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service