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इमरान खान
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इमरान खान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-89
"जलवा सा चाँद पे रहा तारे हसीं रहे तुम जब तलक हुज़ूर मेरे हमनशीं रहे दौराने गुफ़्तगू न किया ज़िक्र तक मेरा क्या अब तुम्हारी दास्तां में हम नहीं रहे कल हुस्न हमको छोड़ गया है नतीजतन ‘ऐ इश्क़ हम तो अब तेरे क़ाबिल नहीं रहे’ अरसा गुज़र…"
Nov 24, 2017

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on इमरान खान's blog post दबे कुचले हुए लोगो! तुम्हें अब तक भरोसा है? -- इमरान खान
"शासन और सत्ता किस तरीके आमजन की सोच और आकांक्षाओं से दूर है यह किसी एक देश की बात नहीं है. आपकी इस नज़्म में इसी भाव को खूबसूरती से शब्दों में पिराया गया है. आपकी जागरुकता को साझा करते इस नज़्म के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएँ और हार्दिक बधाइयाँ, इमरान…"
Dec 17, 2015
इमरान खान commented on इमरान खान's blog post दबे कुचले हुए लोगो! तुम्हें अब तक भरोसा है? -- इमरान खान
"गिरिराज जी गज़ल आपको पसंद आई मेरे लिए खुशी का मुकाम है, बेहद शुक्रिया।"
Dec 6, 2015
इमरान खान commented on इमरान खान's blog post दबे कुचले हुए लोगो! तुम्हें अब तक भरोसा है? -- इमरान खान
"कांता जी आपकी हौसला अफज़ाई का दिल से शुक्रिया"
Dec 6, 2015
इमरान खान commented on इमरान खान's blog post दबे कुचले हुए लोगो! तुम्हें अब तक भरोसा है? -- इमरान खान
"पसंद करने के लिए शुक्रिया दिग्‍विजय साहब नज्‍़म उर्दू में कविता को कहते हैं। इसमें मतले, मकते वगैरह की पाबंदी नहीं होती। अक्‍सर एक ही ख्‍याल का गहराई से नज्‍म में शायर बयान करता है। गजल की तरह नज्‍म में हर शेर का आजाद तरीके…"
Dec 6, 2015
इमरान खान commented on इमरान खान's blog post दबे कुचले हुए लोगो! तुम्हें अब तक भरोसा है? -- इमरान खान
"इज्‍़ज़त अफज़ाई के लिए शुक्रिया लक्ष्‍मण धामी साहब। "
Dec 6, 2015

सदस्य कार्यकारिणी
गिरिराज भंडारी commented on इमरान खान's blog post दबे कुचले हुए लोगो! तुम्हें अब तक भरोसा है? -- इमरान खान
"आदरणीय इमरान भाई , इस मार्मिक नज़्म के लिये आपको दिली बधाइयाँ ।"
Dec 5, 2015
kanta roy commented on इमरान खान's blog post दबे कुचले हुए लोगो! तुम्हें अब तक भरोसा है? -- इमरान खान
"तुम्हारे जंगल उनकी आंख में काँटा सा चुभते हैं,इन्हें कटवा के वो अपनी सिटी स्मार्ट चाहते हैं.------ क्या बात है ! क्या बात है ! हर अशआर को पढ़ने पर जुबान पर बस एक ही बात है , वाह्ह्ह्ह्ह्ह्ह !!!!!!! बधाई आदरणीय इमरान खान जी।"
Dec 4, 2015
DIGVIJAY commented on इमरान खान's blog post दबे कुचले हुए लोगो! तुम्हें अब तक भरोसा है? -- इमरान खान
"सर अगर नज्म कि शिल्प के बारे में थोड़ी जानकारी साझा करें तो मजा आ जाए । वैसे आपकी नज्म दिल को छू गयी, जनाब । सादर "
Dec 4, 2015
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on इमरान खान's blog post दबे कुचले हुए लोगो! तुम्हें अब तक भरोसा है? -- इमरान खान
"आ० इमरान भाई इस सुन्दर प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई l"
Dec 4, 2015
इमरान खान commented on इमरान खान's blog post दबे कुचले हुए लोगो! तुम्हें अब तक भरोसा है? -- इमरान खान
"बहुत बहुत शुक्रिया समर कबीर साहब."
Dec 3, 2015
इमरान खान commented on इमरान खान's blog post दबे कुचले हुए लोगो! तुम्हें अब तक भरोसा है? -- इमरान खान
"पसंद करने की लिए शुक्रिया तेजवीर साहब."
Dec 3, 2015
Samar kabeer commented on इमरान खान's blog post दबे कुचले हुए लोगो! तुम्हें अब तक भरोसा है? -- इमरान खान
"जनाब इमरान ख़ान जी,आदाब,सुन्दर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें ।"
Dec 3, 2015
TEJ VEER SINGH commented on इमरान खान's blog post दबे कुचले हुए लोगो! तुम्हें अब तक भरोसा है? -- इमरान खान
"हार्दिक बधाई आदरणीय इमरान खान साहब !बेहतरीन प्रस्तुति!बहुत ही शानदार रचना!"
Dec 3, 2015
इमरान खान posted a blog post

दबे कुचले हुए लोगो! तुम्हें अब तक भरोसा है? -- इमरान खान

हुकूमत तुम ग़रीबों के सरों पर हाथ रक्खेगी,दबे कुचले हुए लोगो! तुम्हें अब तक भरोसा है?सियासत अपने मंसूबों में तुमको साथ रक्खेगी,मसाइल से घिरे लोगो! तुम्हें अब तक भरोसा है?तुम्हारी आंख से निकले हुए आंसू को वो देखें?तुम्हारी सिसकियाँ देखें या फॉरेन टूर को देखें?तुम्हारी फस्ल ना आने के मातम को मनायेगें,या जाकर वेस्ट कंट्री से वो एफडीआई लायेंगे?मिटाना चाहते हैं वो दुकानों को बाज़ारों से,कोई मतलब नहीं उनको ग़रीबों से लाचारों से.कभी वो ‘बीटी कॉटन’ और कभी वो ‘गेट’ लाते हैं,तुम्हें ही ढेर करने के वो…See More
Dec 3, 2015
इमरान खान and DIGVIJAY are now friends
Dec 3, 2015

Profile Information

Gender
Male
City State
Muzaffarnagar
Native Place
Miranpur
Profession
BUSINESS
About me
SIMPLE PERSON.. FULL OF EMOTIONS .. ZERO IN ATTITUDE AND COMMUNICATION

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दबे कुचले हुए लोगो! तुम्हें अब तक भरोसा है? -- इमरान खान

हुकूमत तुम ग़रीबों के सरों पर हाथ रक्खेगी,

दबे कुचले हुए लोगो! तुम्हें अब तक भरोसा है?

सियासत अपने मंसूबों में तुमको साथ रक्खेगी,

मसाइल से घिरे लोगो! तुम्हें अब तक भरोसा है?

तुम्हारी आंख से निकले हुए आंसू को वो देखें?

तुम्हारी सिसकियाँ देखें या फॉरेन टूर को देखें?

तुम्हारी फस्ल ना आने के मातम को मनायेगें,

या जाकर वेस्ट कंट्री से वो एफडीआई लायेंगे?

मिटाना चाहते हैं वो दुकानों को बाज़ारों से,

कोई…

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Posted on December 3, 2015 at 3:00pm — 13 Comments

पास क्या दूर भी नहीं कोई (इमरान खान)

आज किस तरह ज़िन्दगी खोई,

पास क्या दूर भी नहीं कोई.

एक तस्वीर दिल पे है चस्पा,

रूह जिसको लिपट-लिपट रोई.

रात भर बेकली रही मुझ पर,

और दुनिया सुकून से सोई.

फूल आंगन में अब न तुम ढूंढो,

फस्ल काँटों भरी अगर बोई.

वक़्त अपना कुछ इस तरह बीता,

हमनशीं हो गई गज़लगोई.

(मौलिक एवं अप्रकाशित)

Posted on August 6, 2015 at 4:30pm — 7 Comments

डूबा था पर बाहर आया....

‌‌‌अपनी जान बचा तो पाया,

डूबा था पर बाहर आया।

जब इल्ज़ामों की बारिश थी,

पास नहीं था मेरे साया।

मुझको गैर बताकर उसने,

हाय गजब ये कैसा ढाया।

तन्हाई में खाली दिल ने,

साज़ उठाया नग़मा गाया।

जबसे सच्चाई जानी है,

हर रिश्ते से दिल घबराया।

प्यार भरा दिल तोड़ा जिसने,

मानो उसने मंदिर ढाया।

कुछ मिसरे ये टूटे फूटे,

हैं मेरा सारा सरमाया।

हम…

Continue

Posted on July 26, 2015 at 3:18pm — 8 Comments

जिंदगी सर को झुका कर रह गई...

हर क़दम पर मात खाकर रह गई,

जिंदगी सर को झुका कर रह गई.

देख लो पहचान मेरी हो जुदा,

एक खुदसर में समाकर रह गई.

होगी मलिका सल्तनत की वो मगर,

मेरी खातिर कसमसा कर रह गई.

रूह मुझसे जाँ छुड़ाने के लिए,

हर दफा बस छटपटा कर रह गई.

सोजे दिल पानी से भी ना बुझ सके,

आंख भी आंसू बहा कर रह गई.

(मौलिक एवं अप्रकाशित)

Posted on December 4, 2014 at 3:58pm — 16 Comments

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At 8:30pm on September 1, 2011, khalid ansari said…
bahut bahut shukriya bhai...
At 10:46pm on June 15, 2011,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…
At 3:40pm on June 15, 2011, PREETAM TIWARY(PREET) said…
At 7:20pm on June 10, 2011, Admin said…
 
 
 

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