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Rash Bihari Ravi's Discussions (1,101)

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"चाहा जी भर के इस उमीद में वो समझा पराया हैं  , ज़रा सी जिद ही इस दीवाने से लफडा कराया…"

Rash Bihari Ravi replied May 28, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-११(Now Close)

235 May 30, 2011
Reply by Hilal Badayuni

"सियासत में वफ़ा का कुछ नहीं मानी 'सलिल' होता-मिली कुर्सी तो पद-मद ने नयन अंधा कराया ह…"

Rash Bihari Ravi replied May 28, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-११(Now Close)

235 May 30, 2011
Reply by Hilal Badayuni

"जब चुनाव में सुधर की बात होती हैं , तो टी एन शेशन की याद आती हैं , अगर किसी प्रधान म…"

Rash Bihari Ravi replied May 7, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ७ (Now Closed)

355 May 8, 2011
Reply by Admin

"जब साम होती हैं , तब उसकी याद आती हैं , और मै याद नहीं करना चाहता , फिर भी उसकी याद…"

Rash Bihari Ravi replied May 7, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ७ (Now Closed)

355 May 8, 2011
Reply by Admin

"जय हो  दिल की गहराई तक , प्यार से वेवाफाई तक , याद आ रही हैं , "

Rash Bihari Ravi replied May 7, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ७ (Now Closed)

355 May 8, 2011
Reply by Admin

"मनमोहन सिंह जी जैसे नेता , इनकी मंत्री देश को लुट रहा , घोटाले पे घोटाले होते रहे ,…"

Rash Bihari Ravi replied May 7, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ७ (Now Closed)

355 May 8, 2011
Reply by Admin

"hahahahahahaha"

Rash Bihari Ravi replied May 7, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ७ (Now Closed)

355 May 8, 2011
Reply by Admin

"बागी की तेवर प्रीतम के प्रीत , सतीस के गीत याद आ रही हैं , राणा की शैली राकेश के कैल…"

Rash Bihari Ravi replied May 6, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ७ (Now Closed)

355 May 8, 2011
Reply by Admin

"बचपन में पापा की प्यारी सी , वो मुस्कान याद आ रही हैं , मम्मी के हाथ में खाना और दुल…"

Rash Bihari Ravi replied May 6, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ७ (Now Closed)

355 May 8, 2011
Reply by Admin

"आँखों के रास्ते दिल की गहराई में , याद आ रही हैं यारा तन्हाई में , बागो मिलना मिलकर…"

Rash Bihari Ravi replied May 6, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ७ (Now Closed)

355 May 8, 2011
Reply by Admin

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२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
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