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Md. Anis arman's Discussions (600)

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"अजनबी जिनके लिए था मैं , शनासा बन गया  कामयाबी क्या मिली ये शहर मेरा बन गया | मांगत…"

Md. Anis arman replied Dec 28, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-102

629 Dec 29, 2018
Reply by Samar kabeer

"जनाब गुरप्रीत सिंह साहब बहुत अच्छी  ग़ज़ल हुई है मुबारकबाद क़ुबूल कीजिये l"

Md. Anis arman replied Dec 28, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-102

629 Dec 29, 2018
Reply by Samar kabeer

"लक्ष्मण धामी साहब अच्छी ग़ज़ल हुई है बहुत बहुत बधाई l"

Md. Anis arman replied Dec 28, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-102

629 Dec 29, 2018
Reply by Samar kabeer

"जनाब सुरेन्द्र नाथ जी ग़ज़ल के लिए बहुत बहुत बधाई  अच्छी ग़ज़ल हुई है l"

Md. Anis arman replied Dec 28, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-102

629 Dec 29, 2018
Reply by Samar kabeer

"नवीन भाई अच्छी ग़ज़ल हुई मुबारकबाद पेश करता हूँ आपको भी धोखा हो गया लगता है "

Md. Anis arman replied Dec 28, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-102

629 Dec 29, 2018
Reply by Samar kabeer

"कामयाबी चूमती 'हिंदोस्तां'  के भी कदम। उच्च कुल में जन्म होना ही अड़ंगा बन गया| ये खू…"

Md. Anis arman replied Dec 28, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-102

629 Dec 29, 2018
Reply by Samar kabeer

"जनाब मिर्ज़ा जावेद  साहब ग़ज़ल के लिए मुबारकबाद क़ुबूल कीजिये बहुत  अच्छी  ग़ज़ल हुई  है l"

Md. Anis arman replied Dec 28, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-102

629 Dec 29, 2018
Reply by Samar kabeer

"पंकज जी आदाब, ग़ज़ल के लिए मुबारकबाद पेश करता हूँ  बहुत प्यारी ग़ज़ल हुई है l"

Md. Anis arman replied Dec 28, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-102

629 Dec 29, 2018
Reply by Samar kabeer

"दोस्तो,कल रात मैंने हिज्र में महबूब केइस क़दर आँसू बहाए एक दरया बन गया| बहुत खूब कहा…"

Md. Anis arman replied Dec 28, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-102

629 Dec 29, 2018
Reply by Samar kabeer

" समर सर आदाब बहुत खूबसूरत ग़ज़ल कही है आपने, मुबारकबाद क़ुबूल कीजिये  मेरे क़दमों में पड़…"

Md. Anis arman replied Dec 28, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-102

629 Dec 29, 2018
Reply by Samar kabeer

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