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Md. Anis arman
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Md. Anis arman replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-114
"मुसाफ़िर जी ग़ज़ल तक आने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया "
Dec 28, 2019
Md. Anis arman replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-114
"अजय गुप्ता जी ग़ज़ल तक आने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया "
Dec 27, 2019
Md. Anis arman replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-114
"समर कबीर साहब ग़ज़ल तक आने और अपनी इस्लाह से गज़ल को सजाने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया, आपकी सारी बातें सही हैं कुछ कमी रह गई मुझसे, सुधार कर लेता हूँ "
Dec 27, 2019
Md. Anis arman replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-114
"नाहक जी प्रयास अच्छा है कोशिश जारी रखिये "
Dec 27, 2019
Md. Anis arman replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-114
" मुसाफ़िर  जी ग़ज़ल के लिए मुबारकबाद क़ुबूल कीजिये अच्छी ग़ज़ल हुई है, समर सर कि बातों का संज्ञान लें"
Dec 27, 2019
Md. Anis arman replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-114
"शाहिद जी ग़ज़ल के लिए मुबारकबाद क़ुबूल कीजिये अच्छी ग़ज़ल हुई है, समर सर कि बातों का संज्ञान लें "
Dec 27, 2019
Md. Anis arman replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-114
"  2122, 1122, 1122, 22 देखो अंदाज़ा ग़लत कितना हमारा निकला जिसको समझे थे भँवर हम वो किनारा निकला | हम जिसे छोड़ चले आए थे कहकर पत्थर शख़्स वो आज सभी कहते हैं प्यारा निकला| हाल ए दिल अपना किसी और से भी कह न सके यहाँ हर आदमी दीवाना तुम्हारा…"
Dec 27, 2019
Md. Anis arman replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"मुसाफिर जी ग़ज़ल तक आने के लिए बहुत आभार "
Nov 23, 2019
Md. Anis arman replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"अमित कुमार अमित जी ग़ज़ल तक आनेके लिए  बहुत बहुत शुक्रिया "
Nov 23, 2019
Md. Anis arman replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"अंजलि जी अच्छी ग़ज़ल हुई है बहुत बहुत बधाई "
Nov 22, 2019
Md. Anis arman replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"सुरेंद्र नाथ जी ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है  भजन मन्दिर में मस्ज़िद में अजाँ होती भले परसभी में नाम बस रब का पुकारा जा रहा है।। इसमें मुझे टेंस सहीं नहीं लग रहा "
Nov 22, 2019
Md. Anis arman replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"अमित कुमार जी ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है समर सर की बातों का संज्ञान लें "
Nov 22, 2019
Md. Anis arman replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"जनाब तस्दीक़ अहमद साहब ग़ज़ल तक आने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया "
Nov 22, 2019
Md. Anis arman replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"अंजलि जी ग़ज़ल तक आने और पसंद करने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया "
Nov 22, 2019
Md. Anis arman replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"जनाब समर कबीर सर, ग़ज़ल तक आने और इस खुले दिल से तारीफ़ करने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया आप से मिली तारीफ़ किसी इनआम से कम नहीं, एक नई ऊर्जा का संचार होता है और लिखने का हौसला बढ़ता है, आपका बहुत बहुत शुक्रिया, सलामत और स्वस्थ रहें |"
Nov 22, 2019
Md. Anis arman replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"अजय गुप्ता जी ग़ज़ल तक आने और पसंद करने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया "
Nov 22, 2019

Profile Information

Gender
Male
City State
sakti chhattisgarh
Native Place
sakti
Profession
business
About me
i m simple man

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ग़ज़ल

२१२२,२१२२,२१२२,२१२

दिल मुहब्बत,लब ख़ुशी,चेह्रा हसीं,क्या शान है

लग रहा है मुझको तेरा नाम हिंदुस्तान है |

छत टपकती ,फर्श मिट्टी का ,मकाँ कच्चा सही

आज़मा ले तू ,बहुत पक्का मेरा ईमान है |

चाँद कल गुमसुम खड़ा था ,देख कर…

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Posted on January 5, 2019 at 4:30pm — 8 Comments

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At 12:34pm on August 24, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय अनीस शैख़ जी आदाब , बहुत बहुत शुक्रिया!
दण्डपाणि नाहक
At 8:34pm on July 27, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय मो. अनीस शैख़ जी आदाब, हौसला बढ़ाने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया !
At 7:48am on June 29, 2019, dandpani nahak said…
बहुत शुक्रिया आदरणीय अनिस शेख जी
At 10:33am on May 26, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय मोहम्मद अनीस शेख साहब आदाब हौसला अफजाई का बहुत शुक्रिया
At 12:29pm on March 22, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय मोहम्मद अनीस शेख साहब आदाब
बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ने का
At 11:44pm on February 23, 2019, dandpani nahak said…
बहुत बहुत शुक्रिया आदरणीय
At 8:06am on January 27, 2019, dandpani nahak said…
बहुत शुक्रिया आदरणीय
At 8:37am on November 21, 2018, Ahmed Maris said…

Good Day,
How is everything with you, I picked interest on you after going through your short profile and deemed it necessary to write you immediately. I have something very vital to disclose to you, but I found it difficult to express myself here, since it's a public site.Could you please get back to me on:( mrsstellakhalil5888@gmail.com ) for the full details.

Have a nice day
Thanks God bless.
Stella.

 
 
 

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