For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला's Discussions (4,212)

Discussions Replied To (2730) Replies Latest Activity

"बहुत बहुत आभार आपका जनाब तस्दीक अहमद खान साहब "

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Jun 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-80

257 Jun 10, 2017
Reply by Tasdiq Ahmed Khan

"अतिशय आभार आपका आ. सतविन्द्र कुमार जी "

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Jun 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-80

257 Jun 10, 2017
Reply by Tasdiq Ahmed Khan

"जी , मुखड़े की प्रथम पंक्ति को संकलन के समय संशोधन करने का प्रयास रहेगा | आपका हार्दि…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Jun 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-80

257 Jun 10, 2017
Reply by Tasdiq Ahmed Khan

" बहुत बहुत आभार आपका आ.सतीश मपत्पुरी जी | सादर नमन "

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Jun 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-80

257 Jun 10, 2017
Reply by Tasdiq Ahmed Khan

"रचना सराह्ने के हार्दिक आभार आपका श्री अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव जी "

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Jun 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-80

257 Jun 10, 2017
Reply by Tasdiq Ahmed Khan

"रहना संभल के ,अब कलम से मेरी ,मात्र प्रेम -रस के बोल नहीं ,विरह वेदना के कल्लोल नहीं…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Jun 9, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-80

257 Jun 10, 2017
Reply by Tasdiq Ahmed Khan

"ताटक छंद में विषय पर सुंदर भावों कि अनुपम प्रस्तुति | वाह ! हार्दिक बधाई आदरणीय "

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Jun 9, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-80

257 Jun 10, 2017
Reply by Tasdiq Ahmed Khan

"चली लेखनी  खूब हाइकू लिखे  सजग करे | ------- बहुत सुंदर "

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Jun 9, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-80

257 Jun 10, 2017
Reply by Tasdiq Ahmed Khan

""ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-80 में आपका हार्दिक स्वागत करते एक गीत रचना - मुखड़ा- जहा…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied Jun 9, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-80

257 Jun 10, 2017
Reply by Tasdiq Ahmed Khan

"हार्दिक आभार आपका श्री सतविन्द्र कुमार जी | जिसे माँ-बाप के संस्कार नहीं मिले उसका ज…"

लक्ष्मण रामानुज लडीवाला replied May 13, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-79

483 May 13, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"  आदरणीय रवि भसीन 'शाहिद' जी सादर नमस्कार, रास्तो पर तीरगी...ये वही रास्ते हैं जिन…"
3 hours ago
Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
Tuesday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Tuesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Feb 7
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 6
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Feb 5
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service