For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सुरेश कुमार 'कल्याण''s Discussions (564)

Discussions Replied To (314) Replies Latest Activity

"श्रद्धेय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव जी आपकी बधाई सिर माथे।रचना प्रशंसा के लिए हार्दिक आ…"

सुरेश कुमार 'कल्याण' replied Apr 14, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-78

453 Apr 16, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय योगराज प्रभाकर जी रचना को समय व सम्मान देने के लिए हृदयतल से आभार। सादर।"

सुरेश कुमार 'कल्याण' replied Apr 14, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-78

453 Apr 16, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

"प्रथम प्रस्तुति ---------- सुनते थे हम बचपन बिगड़े,अधिक लाड़ और प्यार से। बचपन वंचित…"

सुरेश कुमार 'कल्याण' replied Apr 14, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-78

453 Apr 16, 2017
Reply by मिथिलेश वामनकर

सदस्य कार्यकारिणी

"आदरणीय मिथिलेश वामनकर जी सादर नमन! अभी तक रचना को प्रतिस्थापित नहीं किया गया है। अत:…"

सुरेश कुमार 'कल्याण' replied Apr 8, 2017 to "ओ.बी.ओ. लाइव महा उत्सव" अंक-76 में प्रस्तुत एवं स्वीकृत हुई रचनाओं का संकलन

18 Apr 8, 2017
Reply by सुरेश कुमार 'कल्याण'

सदस्य कार्यकारिणी

"आदरणीय"

सुरेश कुमार 'कल्याण' replied Apr 2, 2017 to "ओ.बी.ओ. लाइव महा उत्सव" अंक-76 में प्रस्तुत एवं स्वीकृत हुई रचनाओं का संकलन

18 Apr 8, 2017
Reply by सुरेश कुमार 'कल्याण'

प्रधान संपादक

"ओ.बी.ओ.के सफल सात वर्ष पूरा करने पर आदरणीय योगराज जी व परिवार के समस्त सदस्यों को हा…"

सुरेश कुमार 'कल्याण' replied Apr 1, 2017 to ओबीओ की सातवीं वर्षगांठ पर: सम्पादकीय सन्देश

85 Apr 30, 2017
Reply by annapurna bajpai

"सभी साहित्य प्रेमियों,मित्रों,सहयोगियों एवं गुणीजनों को 'विश्व साहित्य दिवस'की बधाईय…"

सुरेश कुमार 'कल्याण' replied Mar 21, 2017 to खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...

3552 Sep 14, 2024
Reply by अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी

"आदरणीय गंगाधर जी बहुत ही सुंदर रचना एवं होली की हार्दिक बधाईयाँ। सादर।"

सुरेश कुमार 'कल्याण' replied Mar 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-77 (होली विशेषांक)

759 Mar 11, 2017
Reply by Ashok Kumar Raktale

"आदरणीय मिथिलेश जी आपको व पूरे ओ.बी.ओ.परिवार को होली व फाग की रंगीली बधाईयाँ एवं हार्…"

सुरेश कुमार 'कल्याण' replied Mar 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-77 (होली विशेषांक)

759 Mar 11, 2017
Reply by Ashok Kumar Raktale

"होली होली आई होली,सबके तन मन छाई होली। रंगों की बारात सजाकर,सबकी खातिर लाई होली।। भ…"

सुरेश कुमार 'कल्याण' replied Mar 10, 2017 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-77 (होली विशेषांक)

759 Mar 11, 2017
Reply by Ashok Kumar Raktale

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Jaihind Raipuri posted a blog post

वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैं

ग़ज़ल 2122  1212  22वो समझते हैं मस्ख़रा दिल हैकितने दुःख दर्द से भरा दिल हैये मेरा क्यूँ हुआ है…See More
Thursday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया से समृद्ध हुआ । हार्दिक आभार आदरणीय । फागोत्सव…"
Wednesday
Nilesh Shevgaonkar and Dayaram Methani are now friends
Wednesday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212   22 वो समझते हैं मस्ख़रा दिल है कितने दुःख दर्द से भरा दिल…"
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा सप्तक. . . . घूस
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Tuesday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

माना कि रंग भाते न फिर भी अगर पड़े -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२***पीछे गयी  है  छूट  जो  होली  गुलाल की साजिश है इसमें देख सियासी कपाल की।१। *…See More
Tuesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"जय-जय सादर"
Feb 28
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"बेटा,  व्तक्तिवाची नहीं"
Feb 28

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"  आदरणीय दयाराम जी, रचनाकार का काम रचनाएँ प्रस्तुत करना है। पाठक-श्रोता-समीक्षक रचनओं में अपनी…"
Feb 28
Dayaram Methani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"आदरणीय सौरभ पांडेय जी, हर रचना से एक संदेश देने का प्रयास होता है। मुझे आपकी इस लघु कथा से कोई…"
Feb 28

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"उत्साहवर्द्धन के लिए हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी जी।  आप उन शब्दों या पंक्तियों को…"
Feb 28
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-131 (विषय मुक्त)
"आ. भाई सौरभ जी, सादर अभिवादन। बहुत सुंदर लघुकथा हुई है। हार्दिक बधाई। एक दो जगह टंकण त्रुतियाँ रह…"
Feb 28

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service