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डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव's Discussions (3,041)

Discussions Replied To (2042) Replies Latest Activity

"लट से हुआ जो प्यार वही प्यार लट गया आगाज में ही प्यार का किस्सा उलट गया   पैगाम आ गय…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Jun 24, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-72

782 Jun 26, 2016
Reply by Nilesh Shevgaonkar

सदस्य कार्यकारिणी

"आदरणीय , साधुवाद ."

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Jun 16, 2016 to ओ बी ओ लाइव महा उत्सव अंक-68 की स्वीकृत रचनाओं का संकलन

13 Jun 19, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"शान्तं पापं , सादर ."

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Jun 11, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"सादर ."

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Jun 11, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय  आपकी प्रतीक्षा कर रहा था , त्रुटियों पर आ० सौरभ जी पहले ही बोल चुके हैं , मै…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Jun 11, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आआ० महिमा जी आपकी कविता का मात्रिक विन्यास ११,११ है  जो पहली पंक्ति  में सही है  आगे…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Jun 11, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आ० शेख उस्मानीजी , आपकी मिहनत और संलग्नता का कायल हूँ . सार छंद में  आपने मात्रिकता…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Jun 11, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय  जब हम  तुकांत रचना करें तो कोई  तो मात्रिक विन्यास हो भले ही वह अपना बनाया ह…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Jun 11, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आआ० कांता जी ---बचपन की याद दिलाती कविता -मधुर भाव की कविता , शिल्प  पर ध्यान देना ह…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Jun 11, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आआ० सुधेंदु जी  पहली कविता पर साधुवाद . दूसरी  भर्ती की है .  क्वालिटी  मैटर  करती ह…"

डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव replied Jun 11, 2016 to "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-68

628 Jun 11, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

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"आदरणीय रवि भसीन 'शहीद' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला ग़ज़ल तक आए और हौसला…"
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