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योगराज प्रभाकर's Discussions (10,563)

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"बहुत खूब शारदा जी , सुन्दर रचना हेतु बधाई !"

योगराज प्रभाकर replied Jul 9, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ९

1024 Jul 11, 2011
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"//मेहंदी रचती हैं हाथ कहीं कोई मांग उजड़ है जाती उफनाती नदियाँ लील रहीं, कहीं बाबा य…"

योगराज प्रभाकर replied Jul 9, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ९

1024 Jul 11, 2011
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"आपसे पूर्णतय: सहमत हूँ बागी जी ! धरम भाई ने जिस तरह लीक से हट कर बात की - वो दिल को…"

योगराज प्रभाकर replied Jul 9, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ९

1024 Jul 11, 2011
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"धरम भाई, बरसात का ज़िक्र आते ही माज़ी के आगोश में छिपी-दबी यादें किस तरह सर उठा लेती ह…"

योगराज प्रभाकर replied Jul 9, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ९

1024 Jul 11, 2011
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"शन्नो जी, इस कविता में जो मासूमियत है उस ने दिल जीत लिया, इस निर्मल सी रचना के लिए ब…"

योगराज प्रभाकर replied Jul 9, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ९

1024 Jul 11, 2011
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"//आँखों में चमक लाये तो आये ये बार बार, ऐसे ही बिना बात बिना बात का मौसम  |// बहुत ह…"

योगराज प्रभाकर replied Jul 9, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ९

1024 Jul 11, 2011
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"सुन्दर आशार कहे हैं मोईन शम्सी साहिब, दाद हाज़िर है - कुबूल हो !"

योगराज प्रभाकर replied Jul 9, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ९

1024 Jul 11, 2011
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"बहुत सुन्दर, मनमोहक कविता कही है गुरु जी !"

योगराज प्रभाकर replied Jul 9, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ९

1024 Jul 11, 2011
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"बरखा रुत और बिरहा का शायद चोली दामन का ही साथ रहा है ! उसी बिरहा के रंग में डूबी आपक…"

योगराज प्रभाकर replied Jul 9, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ९

1024 Jul 11, 2011
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"धरम भाई, आपके मंच संचालन की मैं भी ह्रदय से प्रशंसा करता हूँ ! आपने जिस उत्साह और कु…"

योगराज प्रभाकर replied Jul 9, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक ९

1024 Jul 11, 2011
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"परम आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम - सर सृजन के भावों को आत्मीय मान से अलंकृत करने का दिल से आभार…"
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Saurabh Pandey commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post रहना हो भारत में जिंदा, चुप रहिए (ग़ज़ल)
"वायव्य दशा के प्रस्तुतीकरण के क्रम में बना विश्वास प्रस्तुति की शाब्दिकता को स्थापित करता हुआ सफल…"
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"संसार का मंच एक गंभीर विषय है. तदनुरूप आपका प्रयास श्लाघनीय है, आदरणीय सुशील सरना जी.  कई…"
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"आदरणीय अशोक भाईजी, कितनी निष्कपट, कितनी भोली, कितनी सरस कविता हुई है ! जैसे, कोई अबोध बच्चा…"
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Jul 5
vijay nikore replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
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Chetan Prakash replied to Admin's discussion अति आवश्यक सूचना : कृपया अवश्य अवगत हों .....
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