For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

वेदिका's Discussions (1,371)

Discussions Replied To (1041) Replies Latest Activity

" रक्ताले साहब आपका शुक्रिया "

वेदिका replied May 25, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 35

852 May 26, 2013
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"आदरणीय प्रियंका जी! आपका स्वागत है ओ बी ओ मंच पर। आपका यहाँ आना आज ही हुआ है इसलिए आ…"

वेदिका replied May 25, 2013 to कविता के भाव पर व्याकरण की तलवार क्यों

79 Sep 4, 2013
Reply by Dr Ashutosh Mishra

"आपका आभार अरुण अनंत जी!  आपने गजल को इस अंदाज़ में सराह के तो मुझे बहुत कृतार्थ कर दि…"

वेदिका replied May 25, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 35

852 May 26, 2013
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"मै उस तरह के सम्वाद से बहुत बार गुजरी हूँ आदरणीय सौरभ जी! और हर बार की तरह सन्दर्भ श…"

वेदिका replied May 25, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 35

852 May 26, 2013
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"नही आदरणीय सौरभ जी! कम नही समझती ..उसे पोस्ट करके तो ये हालात बनते है की जैसे मीलों…"

वेदिका replied May 25, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 35

852 May 26, 2013
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"वाह वाह आशीष जी!  लाजबाव पेशकश  शहर हर रोज हादिसा लायाजान अपनी मैं फिर बचा लाया ॥ ..…"

वेदिका replied May 25, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 35

852 May 26, 2013
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"आदरणीय सौरभ जी!  मुझे गजल लिखना वाकई बहुत कठिन कार्य लगता है ...अभी मै केवल दी हुयी …"

वेदिका replied May 25, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 35

852 May 26, 2013
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"वाह अरुण जी वाह  क्या खूब गजल लिखी है .... प्यार का रोग दिल लगा लाया, दर्द तकलीफ भी …"

वेदिका replied May 25, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 35

852 May 26, 2013
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"इतनी उत्साहित प्रतिक्रिया के लिए आपका उत्साहपूर्ण अभिनन्दन अभिनव अरुण जी "

वेदिका replied May 25, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 35

852 May 26, 2013
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

"सुंदर गज़ल ... आज जीने का रास्ता देखा चाँद उनसे मुझे मिला लाया।    मुबारकबाद स्वीकारि…"

वेदिका replied May 25, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - 35

852 May 26, 2013
Reply by Er. Ganesh Jee "Bagi"

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Admin added a discussion to the group चित्र से काव्य तक
Thumbnail

'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176

आदरणीय काव्य-रसिको !सादर अभिवादन !!  ’चित्र से काव्य तक’ छन्दोत्सव का यह एक सौ…See More
yesterday
Admin posted a discussion

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183

आदरणीय साहित्य प्रेमियो, जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर…See More
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। संयोग शृंगार पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
yesterday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . संयोग शृंगार

 अभिसारों के वेग में, बंध हुए निर्बंध । मौन सभी खंडित हुए, शेष रही मधुगंध ।। प्रेम लोक की कल्पना,…See More
Sunday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

२२१/२१२१/१२२१/२१२ ****** घर के रिवाज चौक में जब दान हो गये उघड़े  शरीर  आप  ही  सम्मान  हो गये।१। *…See More
Saturday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Friday
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"क्षमा कीजियेगा 'मुसाफ़िर' जी "
Feb 5
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसफ़िर' जी सादर अभिवादन बहुत शुक्रिया आपने वक़्त निकाला आपकी…"
Feb 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। सुंदर गजल हुई है। भाई रवि जी की सलाह से यह और निखर गयी है । हार्दिक…"
Feb 5
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . दिल

दोहा पंचक. . . . . दिलरात गुजारी याद में, दिन बीता बेचैन । फिर से देखो आ गई, दिल की दुश्मन रैन…See More
Feb 4
Jaihind Raipuri commented on Jaihind Raipuri 's blog post ग़ज़ल
"ग़ज़ल 2122   1212  22 आ कभी देख तो ले फ़ुर्सत में क्या से क्या हो गए महब्बत में मैं…"
Feb 4

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत - भैंस उसी की जिसकी लाठी // सौरभ
"  आपका हार्दिक धन्यवाद, आदरणीय लक्ष्मण धामी ’मुसाफिर’ जी   "
Feb 4

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service