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अरुण कुमार निगम's Discussions (3,693)

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"मयकशी को तो बहाना चाहिये तनबदन में सनसनी होने लगी हिज्र के माथे मढ़ा है दोष को आरजू…"

अरुण कुमार निगम replied Feb 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
Reply by Saurabh Pandey

"आपको सुनकर बहुत अच्छा लगा और इच्छा बलवती होने लगी दोस्ती ने रंग जीवन में भरे रात भी…"

अरुण कुमार निगम replied Feb 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
Reply by Saurabh Pandey

"सुन रहा हूँ आपको पहली दफा सच कहूँ दिल में खुशी होने लगी लम्हा-लम्हा जब सदी लगने लगे…"

अरुण कुमार निगम replied Feb 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
Reply by Saurabh Pandey

"बारहा हमने पढ़ा हर शेर को साँझ हाये सुरमई होने लगी आपसी मतभेद के बदल छँटे सच कहा है…"

अरुण कुमार निगम replied Feb 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
Reply by Saurabh Pandey

"खूब बाँधी है गिरह मैं दाद दूँ पढ़ ग़ज़ल दिल में ख़ुशी होने लगी....."

अरुण कुमार निगम replied Feb 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
Reply by Saurabh Pandey

"राज क्या है क्या पता गिरिराज का हर ग़ज़ल क्यों रसभरी होने लगी.................."

अरुण कुमार निगम replied Feb 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
Reply by Saurabh Pandey

"क्या मिलाया आपने हर शेर में तनबदन में सनसनी होने लगी रेत की दीवार पुख्ता वा' जी वा'…"

अरुण कुमार निगम replied Feb 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
Reply by Saurabh Pandey

"योग सौरभ वाह कहते खूब हैं बात सच सौ फीसदी होने लगी......"

अरुण कुमार निगम replied Feb 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
Reply by Saurabh Pandey

"खूब तरही का किया आगाज है "योग" से रुत चाँदनी होने लगी.........."

अरुण कुमार निगम replied Feb 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
Reply by Saurabh Pandey

"उम्र  से  जब  षोडसी  होने लगी साँझ हर इक सुनहरी होने लगी |1| छा  गए कुंतल घटाओं की…"

अरुण कुमार निगम replied Feb 27, 2014 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-44

992 Feb 27, 2014
Reply by Saurabh Pandey

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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Feb 15

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