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रक्षिता सिंह's Discussions (49)

Discussions Replied To (49) Replies Latest Activity

"सादर प्रणाम आदरणीया, क्या संस्मरण लघुकथा के अंतर्गत नहीं आ सकता , कृपया मार्गदर्शन क…"

रक्षिता सिंह replied Nov 30, 2022 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-92 (विषय: रोटी)

55 Nov 30, 2022
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"आदरणीय शेख़ जी, सादर प्रणाम ।  मैं पूंछना चाहती हूं कि क्या संस्मरण लघुकथा के अंतर्ग…"

रक्षिता सिंह replied Nov 30, 2022 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-92 (विषय: रोटी)

55 Nov 30, 2022
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"आदरणीय वीर जी, सादर प्रणाम ।  बहुत ही सुन्दर लघुकथा , पढ़कर आनंद आ गया , हार्दिक बधा…"

रक्षिता सिंह replied Nov 30, 2022 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-92 (विषय: रोटी)

55 Nov 30, 2022
Reply by Sheikh Shahzad Usmani

"थम सी गयी है ज़िंदगी कोई बवाल हो ! आकर गले पड़े कोई जीना मुहाल हो !! है क्या मज़ा ज…"

रक्षिता सिंह replied Nov 26, 2022 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-149

307 Nov 26, 2022
Reply by Samar kabeer

"आदरणीया रिचा‌ जी नमस्कार... बहुत ही उम्दा शैर कहे आपने अच्छी ग़ज़ल के लिए बहुत बहुत…"

रक्षिता सिंह replied Nov 25, 2022 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-149

307 Nov 26, 2022
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय प्रभाकर जी सादर प्रणाम ।  वास्तव में, अब ये एक लघुकथा हुई । मेरी रचना पर आपका…"

रक्षिता सिंह replied Dec 31, 2021 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-81 (विषय: विश्वास)

78 Dec 31, 2021
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"आदरणीय प्रभाकर जी सादर प्रणाम । लघुकथा, संस्मरण के रूप में नहीं लिखी जाती इस बात का…"

रक्षिता सिंह replied Dec 31, 2021 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-81 (विषय: विश्वास)

78 Dec 31, 2021
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"आदरणीय उस्मानी जी, सादर प्रणाम । मार्गदर्शन करने हेतु ह्रदय से आभार, आपके द्वारा बता…"

रक्षिता सिंह replied Dec 31, 2021 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-81 (विषय: विश्वास)

78 Dec 31, 2021
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

""विश्वास" ओ.बी.ओ. पर लघु कथागोष्ठी का विषय आज फिर मुझे मेरे अतीत की ओर ले गया...तब…"

रक्षिता सिंह replied Dec 30, 2021 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-81 (विषय: विश्वास)

78 Dec 31, 2021
Reply by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

"उस रोज़ तुम पर हाथ उठाते-उठाते, मैं रुक गया। अचानक ज़हन में उठा सुधा का ख़याल, मुझे…"

रक्षिता सिंह replied Nov 29, 2021 to "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-80 (विषय: आकर्षण)

35 Nov 30, 2021
Reply by Manan Kumar singh

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Chetan Prakash replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 156 in the group चित्र से काव्य तक
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 156 in the group चित्र से काव्य तक
"दिये चित्र में लोग मिल, रचते पर्ण कुटीरपहुँचा लगता देख ये, किसी गाँव के तीर।१।*घास पूस की छत बना,…"
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मिथिलेश वामनकर replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 156 in the group चित्र से काव्य तक
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मिथिलेश वामनकर commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . .सागर
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Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . .सागर
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . .सागर
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
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Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . .सागर
"आदरणीय चेतन प्रकाश जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार । सुझाव के लिए हार्दिक आभार लेकिन…"
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Chetan Prakash commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . .सागर
"अच्छे दोहें हुए, आ. सुशील सरना साहब ! लेकिन तीसरे दोहे के द्वितीय चरण को, "सागर सूना…"
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मिथिलेश वामनकर replied to Saurabh Pandey's discussion कामरूप छंद // --सौरभ in the group भारतीय छंद विधान
"सीखे गजल हम, गीत गाए, ओबिओ के साथ। जो भी कमाया, नाम माथे, ओबिओ का हाथ। जो भी सृजन में, भाव आए, ओबिओ…"
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मिथिलेश वामनकर replied to Saurabh Pandey's discussion वीर छंद या आल्हा छंद in the group भारतीय छंद विधान
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मिथिलेश वामनकर replied to Saurabh Pandey's discussion उल्लाला छन्द // --सौरभ in the group भारतीय छंद विधान
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