For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Pallav Pancholi's Discussions (16)

Discussions Replied To (16) Replies Latest Activity

"धरा सींची थी जिस बेटे ने अपने ही पसीने से जला चूल्हा नही घर उसके पिछले इक महीने से…"

Pallav Pancholi replied Dec 28, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १८ (Now Closed With 424 Replies)

424 Dec 31, 2011
Reply by Saurabh Pandey

"इन दिनों व्यस्तता के कारण सिर्फ़ इक मुक्तक ही लिख पाया हूँमैं अपने गीत गाता हूँ तुझे…"

Pallav Pancholi replied Dec 10, 2011 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १४ (Now Closed with 730 Replies)

730 Dec 11, 2011
Reply by satish mapatpuri

"आप सभी का तहे दिल से शुक्रिया की आपने मेरी हॉंसला अफ़ज़ई की.... आशा करता हूँ आप सभी…"

Pallav Pancholi replied Nov 29, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १७

674 Nov 29, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"जहाँ का हाल थोड़ा और भी बहतर बना लेतेअगर इंसानियत का इक यहाँ मन्दर बना लेतेबहुत उँची…"

Pallav Pancholi replied Nov 27, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १७

674 Nov 29, 2011
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"आदरणीय सौरभ जीआपकी बात शत प्रतिशत सही है, मैं कुछ व्यक्तिगत एवं कुछ दूसरे कार्यों मे…"

Pallav Pancholi replied Nov 22, 2011 to वास्तविक कवि और शायर

19 Nov 22, 2011
Reply by Pallav Pancholi

"अभी कुछ दिनों पहले शहर के इक कवि से मुलाकात हुई... उन्हे मैने अपनी कुछ रचनाएँ सुनाई.…"

Pallav Pancholi replied Nov 21, 2011 to वास्तविक कवि और शायर

19 Nov 22, 2011
Reply by Pallav Pancholi

"आज तेरे प्यार का इकरार होना चाहिएइश्क है तो इश्क का इज़हार होना चाहिएडूबने का है मजा…"

Pallav Pancholi replied Sep 30, 2011 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - १५( Now closed with Record 1063 Replies for Mushayra )

1063 Oct 1, 2011
Reply by adarshini srivastava

"aap sabhi ki sallaah hetu dhanyawaad us sher me siraf dhokha karaya hai likhna tha p…"

Pallav Pancholi replied May 30, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-११(Now Close)

235 May 30, 2011
Reply by Hilal Badayuni

"मैने एडमिन जी को तरही मिसरे वाला शेर भेज दिया है मेरी ग़ज़ल मैं जोड़ने के लिए ... आप…"

Pallav Pancholi replied May 28, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-११(Now Close)

235 May 30, 2011
Reply by Hilal Badayuni

"ख़ुदा जाने कॅ बंदों ने किया क्या ; क्या कराया है तिजारत की वफ़ा की , मज़हबी सौदा कराया…"

Pallav Pancholi replied May 28, 2011 to "OBO लाइव तरही मुशायरा" अंक-११(Now Close)

235 May 30, 2011
Reply by Hilal Badayuni

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale commented on धर्मेन्द्र कुमार सिंह's blog post देवता चिल्लाने लगे हैं (कविता)
"   आदरणीय धर्मेन्द्र कुमार सिंह जी सादर, धर्म के नाम पर अपना उल्लू सीधा करती राजनीति में…"
1 hour ago
Ashok Kumar Raktale commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post न पावन हुए जब मनों के लिए -लक्ष्मण धामी "मुसाफिर"
"   हमारे बिना यह सियासत कहाँजवाबों में हम हैं सवालों में हम।३।... विडम्बना…"
1 hour ago
Ashok Kumar Raktale commented on Saurabh Pandey's blog post नवगीत : सूर्य के दस्तक लगाना // सौरभ
"   सूर्य के दस्तक लगानादेखना सोया हुआ है व्यक्त होने की जगह क्यों शब्द लुंठितजिस समय…"
2 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on vijay nikore's blog post सुखद एकान्त है या है अकेलापन
"      तरू तरु के पात-पात पर उमढ़-उमढ़ रहा उल्लास मेरा मन क्यूँ उन्मन क्यूँ इतना…"
2 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . क्रोध
"आदरणीय सुशील सरना साहब सादर, क्रोध विषय चुनकर आपके सुन्दर दोहावली रची है. हार्दिक बधाई स्वीकारें.…"
2 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"  आदरणीय सुशील सरना साहब सादर, प्रस्तुत ग़ज़ल पर उत्साहवर्धन के लिए आपका दिल से शुक्रिया.…"
2 hours ago
Ashok Kumar Raktale commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"   आदरणीय भाई लक्षमण धामी जी सादर, प्रस्तुत ग़ज़ल की सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार.…"
2 hours ago
Sushil Sarna commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post सच काफिले में झूठ सा जाता नहीं कभी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"वाह बहुत सुंदर प्रस्तुति हुई है आदरणीय लक्ष्मण धामी जी । हार्दिक बधाई "
3 hours ago
Sushil Sarna commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"वाहहहहहह आदरणीय क्या ग़ज़ल हुई है हर शे'र पर वाह निकलती है । दिल से मुबारकबाद कबूल फरमाएं…"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Ashok Kumar Raktale's blog post ग़ज़ल
"आ. भाई अशोक जी, सादर अभिवादन।बहुत सुंदर समसामयिक गजल हुई है। बहुत बहुत हार्दिक बधाई।"
5 hours ago
Ashok Kumar Raktale posted a blog post

ग़ज़ल

   ग़ज़ल2122  2122  212 कितने काँटे कितने कंकर हो गयेहर  गली  जैसे  सुख़नवर हो गये रास्तों  पर …See More
6 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . क्रोध

दोहा पंचक. . . . क्रोधमानव हरदम क्रोध में, लेता है प्रतिशोध ।सही गलत का फिर उसे, कब रहता है बोध…See More
9 hours ago

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service