For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Arvind Kumar's Discussions (37)

Discussions Replied To (36) Replies Latest Activity

"हर वक़्त खामियाँ वो गिनाएँ तो क्या करें, हम आइना उन्हें न दिखाएँ तो क्या करें। हर सु…"

Arvind Kumar replied Feb 23, 2018 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-92

649 Feb 24, 2018
Reply by Balram Dhakar

"सब किया जो तय था मोमिन के लिए, याँ तलक के, नाम भी गिन के लिए। (मोमिन- भक्त) थक गया…"

Arvind Kumar replied May 27, 2016 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-71

1049 May 28, 2016
Reply by मिथिलेश वामनकर

"हाय ये खुश्क से मंज़र नहीं देखे जाते, सुर्ख चेहरे पे ये तेवर नहीं देखे जाते। और रोको…"

Arvind Kumar replied Jun 27, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-60

623 Jun 27, 2015
Reply by वीनस केसरी

"आदरणीय नीलेश जी. बहुत-बहुत धन्यवाद."

Arvind Kumar replied May 22, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-59

680 May 23, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"आदरणीय समर जी. हौसला अफजाई के लिए शुक्रिया."

Arvind Kumar replied May 22, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-59

680 May 23, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"तड़पती हुई इक कज़ा चाहता हूँ, दिया हूँ, मुसलसल हवा चाहता हूँ। बहुत चीखती हैं ये खामोश…"

Arvind Kumar replied May 22, 2015 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-59

680 May 23, 2015
Reply by मिथिलेश वामनकर

"देख लो, ये ज़िन्दगी-ए-आम है, भूख खौली, बासी ठंडी शाम है। किसकी खातिर मैं यहाँ रातें…"

Arvind Kumar replied Feb 27, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" - अंक 32 (Now Closed with 777 Replies)

773 Feb 28, 2013
Reply by Saurabh Pandey

"या मिरे ग़म सभी सिवा कर दे,ख़ुश्क आँखों को या समंदर दे।वो है जिस राह पर चला अबतक,मेर…"

Arvind Kumar replied Nov 28, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा"अंक २९

834 Dec 1, 2012
Reply by Saurabh Pandey

"छोटी सी उमर में ही वो दिखती सयानी है, नाजों में कहाँ पलती, रोटी जो कमानी है.   जो ला…"

Arvind Kumar replied Oct 27, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा"अंक २८ (Closed with 649 Replies)

649 Oct 30, 2012
Reply by योगराज प्रभाकर

"दस्तारे-अना  रख  दूँ   दौलत  के  लिए  गिरवी |मुमकिन ही नहीं मुझ से पुरखों की निशानी…"

Arvind Kumar replied Oct 27, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा"अंक २८ (Closed with 649 Replies)

649 Oct 30, 2012
Reply by योगराज प्रभाकर

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Ashok Kumar Raktale replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"चौपाई * बन्द शटर हैं  खुला न ताला।। दृश्य सुबह का दिखे निराला।।   रूप  मनोहर …"
3 hours ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"शुभ प्रभात,  आदरणीय! चौपाई छंद:  भेदभाव सच सदा न होता  वर्ग- भेद कभी सच न…"
8 hours ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"चौपाई छंद +++++++++ करे मरम्मत जूते चप्पल। काम नित्य का यही आजकल॥ कटे फटे सब को सीता है। सदा…"
8 hours ago
Admin replied to Admin's discussion 'ओबीओ चित्र से काव्य तक' छंदोत्सव अंक 176 in the group चित्र से काव्य तक
"स्वागतम"
19 hours ago
Admin posted discussions
20 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . घूस

दोहा सप्तक. . . . . घूसबिना कमीशन आजकल, कब होता है काम ।कैसा भी हो काम अब, घूस हुई है आम ।।घास घूस…See More
Wednesday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा सप्तक. . . . प्यार

दोहा सप्तक. . . . प्यारप्यार, प्यार से माँगता, केवल निश्छल प्यार ।आपस का विश्वास ही, इसका है आधार…See More
Monday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
Sunday
Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
Feb 15
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
Feb 15
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर मुक्तक हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Feb 15
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
Feb 15

© 2026   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service