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vivek mishr's Discussions (10)

Discussions Replied To (9) Replies Latest Activity

"SUNDAR GHAZAL KE LIYE BADHAI QUBOOL KAREIN..."

vivek mishr replied Jan 29, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" - अंक ३१ (Now Closed)

561 Jan 29, 2013
Reply by वीनस केसरी

"रहे इश्क में बेखबर चलते चलते क़दम रुक गए खुद बहकते बहकते कटी जा रही उम्र रंजो अलम  मे…"

vivek mishr replied Jan 29, 2013 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" - अंक ३१ (Now Closed)

561 Jan 29, 2013
Reply by वीनस केसरी

"दूर से ही न तुम मुस्कुराया करोज़ुल्म की बिजलियाँ न गिराया करोये हवाएं बहुत तेज़ हो ज…"

vivek mishr replied Aug 28, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २६

1138 Aug 28, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"ग़ज़ल न. २ प्यार के दीप दिल में जलाया करोदाग लगने से दामन बचाया करो रंग सच्चा दिखाता…"

vivek mishr replied Aug 28, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २६

1138 Aug 28, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"जान अपनी वतन पे लुटाया करो l प्यार के गीत गाया सुनाया करो ll देश की आबरू पे जो ख़तर…"

vivek mishr replied Aug 27, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २६

1138 Aug 28, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"छल कपट का हर गली हर मोड़ पर तूफ़ान है ...दिल जिगर में ज़हर कैसा होंठ पर मुस्कान है ..…"

vivek mishr replied Jul 29, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक २५ (Now Closed With 1190 Replies)

1190 Jul 31, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

"उल्फत में मिट सकें न जो वो यार हम नहीं कैसे कहा ये तुमने वफादार हम नहीं अश्कों में…"

vivek mishr replied May 29, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २३ (Now closed with 1126 Replies)

1128 May 30, 2012
Reply by अरुण कुमार निगम

"वहाँ जो सामने दिखता वही तो गाँव मेरा है ! तरसते देव थे जिसको वो भूतों का बसेरा है !!…"

vivek mishr replied May 9, 2012 to "OBO लाइव महा उत्सव" अंक १९ (Now closed with 1021 Replies)

1021 May 10, 2012
Reply by योगराज प्रभाकर

"इस जिंदगी पे क़र्ज़ तेरे बेशुमार हैं.हम इस लिए ही तेरे लिए बेक़रार हैं. तुझसे चमन की…"

vivek mishr replied Apr 30, 2012 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक - २२

814 May 1, 2012
Reply by Er. Ambarish Srivastava

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दोहा सप्तक. . . . प्यारप्यार, प्यार से माँगता, केवल निश्छल प्यार ।आपस का विश्वास ही, इसका है आधार…See More
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"आ. भाई चेतन जी, उत्साहवर्धन व स्नेह के लिए आभार।"
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Sushil Sarna replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार आदरणीय "
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"आ.लक्ष्मणसिह धानी, 'मुसाफिर' साहब  खूबसूरत विषयान्तर ग़ज़ल हुई  ! हार्दिक …"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर दोहे हुए हैं। हार्दिक बधाई।"
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"आ. भाई जयहिंद जी, सादर अभिवादन। प्रदत्त विषय पर सुंदर गजल हुई है। हार्दिक बधाई।"
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बदला ही राजनीति के अब है स्वभाव में आये कमी कहाँ  से  कहो  फिर दुराव में।१। * अवसर समानता का कहे…See More
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" दोहा मुक्तक :  हिम्मत यदि करके कहूँ, उनसे दिल की बात  कि आज चौदह फरवरी, करो प्यार…"
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-183
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