For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

लघुकथा चर्चा: सदस्यगण अपने प्रश्न/विचार इस थ्रेड में पोस्ट करें

.

Views: 867

Replies to This Discussion

आदरणीय सर 

१ लघुकथा का अंत किसी प्रश्न से हो सकता है ? 

२ लघुकथा के लिए कहा गया है यह एक गंभीर विधा है तो फिर बच्चों के लिए इस विधा में नहीं लिखा जा सकता ? यह प्रश्न इसलीये मन में आया क्योकि बाल साहित्य में जब किसीने ग़ज़ल लिखी थी तो वहां बताया गया था कि ग़ज़ल क्यों की एक गंभीर विधा है बच्चों को समझ नहीं आएगी क्या लघुकथा उनके लिए लिखी जा सकती है ? 

३ जैसे कोई क्रिया सुबह से रात तक चल रही हो तो उसमे काल खंड होगा ? 

सादर 

आ० कल्पना भट्ट जी

//१ लघुकथा का अंत किसी प्रश्न से हो सकता है ? //

किया जा सकता है, ऐसी अनगिनत लघुकथाएं हैं जिनका अंत इस प्रकार किया गया है.

//२ लघुकथा के लिए कहा गया है यह एक गंभीर विधा है तो फिर बच्चों के लिए इस विधा में नहीं लिखा जा सकता ? //

बाल साहित्य के अंतर्गत बालोपयोगी लघुकथाएं लिखी जा सकती है.

//३ जैसे कोई क्रिया सुबह से रात तक चल रही हो तो उसमे काल खंड होगा ? //

यदि बात फ्लाश्बैक तकनीक से कही जाये या ऐसा घटनाक्रम कंटीन्यूटी में हो तो कालखंड दोष से बचा जा सकता है

Sadar dhanywad Sir .
आदरणीय सर

1 किसी कथा में लेखक का समावेश और हस्तक्षेप के अंतर को कैसे जाना जाए ।

2 लघुकथा को लिखते हुए अलंकारों वाली भाषा शैली ले सकते है ?

3 क्लिष्ट भाषा के क्या माने हुए ?

4 इंसान जब कुछ सोचता है गर इस तरह की स्थिति को दर्शाना हो तो कैसे दर्शाया जाता है?

सादर ।

आदरणीय सर 

एक और निवेदन है आपसे कृपया 'कथ्य को तथ्य का कुशन मिलना ' इस पर भी थोडा प्रकाश डालें | इस बिन्दु को थोडा समझाएं प्लीज | 

सादर |

"कथ्य को तथ्य का कुशन मिलना" से अभिप्राय है कि जो दलील आपने पेश की हो उसके हक में आपके पास पर्याप्त साक्ष्य हों. उदाहरण के लिए;  कोई झपटमार एक महिला के गले से मंगलसूत्र खींच लिया, लेकिन मंगलसूत्र देखते ही वह ज़ार ज़ार रोने लगा. "क्यों रोने लगा?" एक आदतन लुटेरे के मन में मंगलसूत्र देखकर क्या आया होगा? इसका खुलासा यदि कथा में नहीं होगा तो बात कैसे बनेगी?

जी सर , सादर धन्यवाद इस बिन्दु पर प्रकाश डाला आपने | 

आदरणीय सर 

विधा के सम्बंधित कुछ प्रश्न हैं जो मैं जानना चाह रही थी सादर 

१ जब हम संवाद लिखते हैं तो इसमें बंधन होता है कम शब्दों में लिखना होता है एक सम्वाद कम से कम कितने शब्दों का हो और अधिकतम कितने शब्दों का होना चाहिए ? 

२ लघुकथा में कितने प्रकार के दोष हो सकते है ? कृपया इस पर प्रकाश डालें |

सादर |

सादर नमस्कार। कुछ जानकारियां चाहता हूं। १- ओबीओ में सर्वश्रेष्ठ चुनी गई रचना के लिए क्या प्रमाण पत्र आदि जारी किए गए हैं? १५अक्टूबर २०१५ लघुकथा 'मुखाग्नि' हेतु तिथि/हस्ताक्षर सहित प्रमाण पत्र की एक प्रकाशन के संकलन के लिए भेजने के लिए आवश्यकता है। २- शब्द 'फ़रिश्ते' का gender : masculine/feminine/common?

३- ब्लोग पोस्ट में शीर्षक वाले बोक्स में शीर्षक के साथ रचनाकार का नाम लिखना तकनीकी रूप से या सर्च सुविधा के लिए कितना उचित है। कुछ लेखक लिखते हैं, कुछ नहीं!

४- आजकल जब मैं रचना या टिप्पणी पोस्ट करता हूं तो 'रोबोट' (Are you a robot?)संबंधित जांच का Apache notification/dialogue box and then 'to select vehicles/shops/Street Signs/boards in the picture shown' verify कराया जाता है। कारण व समाधान जानना चाहता हूं।

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-115
"ग़ज़लतू किसी पे ज़ुल्म ढाए तू किसी पे महरबां है।तेरे कूचे का अजब ही ये रिवाज मेरी जां है l तुझे…"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-115
"आ. भाई रवि भसीन जी, सादर अभिवादन। एक उत्तम गजल से मंच का शुभारम्भ करने के लिए हार्दिक बधाई।"
3 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-115
"कहीं राम घर किये हैं कहीं श्याम-आशियाँ हैमेरे देश तुझ सा  जग  में कोई दूसरा कहाँ…"
5 hours ago
रवि भसीन 'शाहिद' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-115
"1 1 2 1  /  2 1 2 2  //  1 1 2 1  /  2 1 2 2 ये उधार की है हस्ती…"
9 hours ago
Amit swapnil joined Admin's group
Thumbnail

ग़ज़ल की कक्षा

इस समूह मे ग़ज़ल की कक्षा आदरणीय श्री तिलक राज कपूर द्वारा आयोजित की जाएगी, जो सदस्य सीखने के…See More
18 hours ago
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"जन्म दिन की हार्दिक बधाई एवम शुभ कामनायें आदरणीय मनन कुमार सिंह जी।"
20 hours ago
TEJ VEER SINGH left a comment for Manan Kumar singh
"जन्म दिन की हार्दिक बधाई एवम शुभ कामनायें आदरणीय मनन कुमार सिंह जी।"
20 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on vijay nikore's blog post प्रथम मिलन की शाम
"आ. भाई विजय निकोर जी, सादर अभिवादन। बेहतरीन भावपूर्ण रचना हुई है । हार्दिक बधाई स्वीकारें ।"
21 hours ago
vijay nikore posted a blog post

प्रथम मिलन की शाम

प्रथम मिलन की शामविचारों के जाल में उलझामाथे पर हलका पसीना पोंछतेघबराहट थी मुझमें  --मैं कहीं अकबका…See More
23 hours ago
Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan" posted a blog post

ईंटा पत्थर कंकड़ बजरी ले कर आऊँगा---ग़ज़ल

22 22 22 22 22 22 2 ईंटें पत्थर कंकड़ बजरी ले कर आऊँगासुन; तेरे शीशे के घर पर सब बरसाऊँगाफूँक-फाँक…See More
23 hours ago
vijay nikore commented on khursheed khairadi's blog post एक ग़ज़ल ---नहीं आता
"गज़ल बहुत अच्छी बनी है, मित्र खुर्शीद खैराड़ी जी। बधाई।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post तू भी निजाम नित नया मत अब कमाल कर - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई पंकज जी, सादर अभिवादन । लम्बे अंतराल के बाद आपकी उपस्थित और उत्साहवर्धन से अपार हर्ष हुआ।…"
yesterday

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service