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बतकही ( गपसप ) अंक ७
हम एक हप्ता खातिर नासिक का गइनी कि लछुमन भाई के चाय दोकान पर के बईठका एक दमे ख़तम, आदत के मोताबिक हम सुबेरे पहुच गइनी, लछुमन भाई के अकेले देख हम पूछनी का बात बा, त उ बतवलन कि दू तिन दिन से एगो लईका आवत रहल ह, जवन हमेश कवनो ओबिओ के बात करत रहल ह, संगे संगे उ इहो कहत रहल ह की इ एगो हिंदी साईट बा जहवा तरह तरह के प्रतियोगिता होला, कल्हे के बात ह हमके उ ले के गइल अपना कमपिउटर पर, वोमे देखनी हाले में एगो कवनो प्रतियोगिता भइल बा जवना में ताज महल के  बगल में जमुना के देखावल बा जवन खुबे गन्दा बाड़ी , और ओकरा पे लोग कुछ न कुछ लिखत बा लोग, एगो आउर बात देखनी उहा १६०० सौ से जादा लोग कमेन्ट कईले बा , का गुरु जी इहो हो सकेला का की चार पाच दिन में एगो प्रतियोगिता में हेतना कमेन्ट? तब हम कहनी ह भाई इ भइल बा ओबिओ पर, तब उ कहले त का रउओ ओकरा के जानी ले , हम कहनी, ओ के हम जनबे ना करीले ओकरा स्थापना से हम ओकरा संगे बानी, तब उ कहले, गुरु जी हम जमुना और ताज के चर्चा देखनी हमरा मन में एगो बिचार आवत बा की रउआ लोग यु पी में हो रहल महिला अत्याचार बलात्कार पर चर्चा करती लोग त इ बात लोग के नजर में आइत आउर हमरा राज में कुछ सुधार हो जाईत तब हम कहनी भाई हम उहा ई बिषय के रखब, बाकिर बोल नईखी सकत की ऐपर चर्चा होखबे करी, अच्छा भाई हम चलत बानी,

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Replies to This Discussion

भाई जी बहुते धारदार बतियौले बानी रउआ. राउर मन के धारा कवनी तर्ज़ पर दुलकी भइल बीया कहे के नइखे.

 

हर चर्चा के एगो निर्धारित विस्तार होला. ओह विस्तार आ प्रसार के ज़द में कुल्हि विचार के लीहल-दीहल होखो त ओह के ओह विषय के पर बहस भइल कहाला. चित्र से काव्य तक के संदर्भ पर सउँसे बतकही आ चर्चा ओह चित्र पर रहे.

 

बाकिर, राउर ई बात जरूरे विचारणीय बा कि सम-सामयिक घटना पर चर्चा-परिचर्चा चलत रहे के चाहीं.  Current topics पर जवन समाज बात करे से बाँचे लागे त ऊ समाज क्लीव होखे लागेला. बाकिर चित्र से काव्य तक के अबहीं तक के कुल्हि चित्र हमनी के जिनिगी आ समाज से जूड़ल आ ओह के परेसानी आ चिंता पर बसल रहल बा. एह खातिर संचालक मण्डल के मुसाहिब लोग बधाई के पात्र बाड़न.

dhanyabad bhaiya
चर्चा अगर तत्कालीन हालत पर चलेला त ओकर और बढ़िया परिणाम मिलेला| आप एगो निक विषय की ओर धियान दियवले बाडिन|
dhanyabad ashish bhai
bahut badhia guru ji badhiaa batkahi suru kaile bani

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