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भोजपुरी साहित्य Discussions (248)

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अउर ए बंद से महँगाई घटि गइल...हा..हा..हा..हा

केतना खुसी के बाति बा की काल्ह की बंद से महँगाई घटि गइल. हाँ भाई...काँहें हँसतानि..घटल नइखे का? खैर हो सकेला रउरा खातिर ना घटल होखे पर ए बं…

Started by Prabhakar Pandey

2 Jul 8, 2010
Reply by Rash Bihari Ravi

राजा ठाकुर

इ कहानी हा एगो अइसन नोवजवान के जवान नाम कमाए खातिर हमेशा पागलपन करत रहेला , हमरा पंचायत में 7 गो गाँव बा जवना में 52 गो टोला पंचायत के मुखि…

Started by Rash Bihari Ravi

3 Jun 5, 2010
Reply by PREETAM TIWARY(PREET)

हमके अइसन मिलली रानी उहो खूब नचावत बारी,

दुख बाटे बाकिर खुसी होला रउआ के बतावत बानी, हमके अइसन मीलली रानी उहो खूब नचावत बारी, माई के हमरो पाव न दबाइहान इ हमसे कहत बारी , जईहान उहो…

Started by Rash Bihari Ravi

2 May 28, 2010
Reply by PREETAM TIWARY(PREET)

गुरु जी के समझ से ,

गुरु जी के समझ से , लाल कृष्ण अडवानी ------- सपनो का राज कुमार , मनमोहन सिंह ------- भाग्य के साढ़, सिबू शोरेन ------- मैं ऐसा ही हु , ममता…

Started by Rash Bihari Ravi

1 May 24, 2010
Reply by PREETAM TIWARY(PREET)

हमके बेसरम कर देला तोहर एगो बात ,

हमके बेसरम कर देला तोहर एगो बात , ओहदिने बोलब जहिया तोहर थमाब हाथ , हमके बेसरम कर देला तोहर एगो बात , तोहर पहिरावा तोहके अच्छा लागेला , बाक…

Started by Rash Bihari Ravi

2 May 15, 2010
Reply by Ratnesh Raman Pathak

जहर भरल बा जवना मन में ,

जहर भरल बा जवना मन में , उ अमृतमय बानी का बोली , जे दोसरा में चोट पहुचावत बा , हम ओकरा मन के का बोली , देश के खातिर लड़त रही , उ कबो लड़ाई…

Started by Rash Bihari Ravi

1 May 13, 2010
Reply by Admin

मुख्य प्रबंधक

भोजपुरिया रिति रिवाज - माई के पूजईया ( चिकेन पाक्स )

भोजपुरिया समाज मे एगो बहुत पुरान आ पारम्परिक रिति रिवाज बा "माई के पुजईया" ,आज हम उहे रिति रिवाज के वर्णन करे के प्रयास करत बानी ... जब हम…

Started by Er. Ganesh Jee "Bagi"

2 May 7, 2010
Reply by Rash Bihari Ravi

कविता लिखत बानी कविता के जरुरत बा ,

कविता लिखत बानी कविता के जरुरत बा , न सार के जरुरत बा न बिचार के जरुरत बा , कविता लिखत बानी कविता के जरुरत बा , सोच होखे समझ होखे एपर केहू…

Started by Rash Bihari Ravi

2 May 3, 2010
Reply by Rash Bihari Ravi

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